Subscribe for Newsletters and Discounts
Be the first to receive our thoughtfully written
religious articles and product discounts.
Your interests (Optional)
This will help us make recommendations and send discounts and sale information at times.
By registering, you may receive account related information, our email newsletters and product updates, no more than twice a month. Please read our Privacy Policy for details.
.
By subscribing, you will receive our email newsletters and product updates, no more than twice a month. All emails will be sent by Exotic India using the email address info@exoticindia.com.

Please read our Privacy Policy for details.
|6
Your Cart (0)
Share our website with your friends.
Email this page to a friend
Books > History > महात्मा गाँधी और उनकी महिला मित्र: Brahmacharya Gandhi and His Women Associates
Displaying 91 of 4966         Previous  |  NextSubscribe to our newsletter and discounts
महात्मा गाँधी और उनकी महिला मित्र: Brahmacharya Gandhi and His Women Associates
महात्मा गाँधी और उनकी महिला मित्र: Brahmacharya Gandhi and His Women Associates
Description

पुस्तक परिचय

गिरजा कुमार 1985 में जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के लाईब्रेरियन के पद से सेवानिवृत हुए। उनकी दुनिया हमेशा ही किताबों की दुनिया रही। "महात्मा गांधी और उनकी महितला मित्र" पूर्णत व्यापक शोध पर आधारित और गांधीजी महिला मित्रों तथा अन्य प्रमुख किरदारों के कथनोपकथनों पर आधारित है। इस लिहाज से यह पुस्तक जीवनी के भीतर जीवनी है।

यह पुस्तक 25006 में अंग्रेज़ी में प्रकाशित हुई थी। अनेक पत्रपत्रिकाओं और शोध विशेषज्ञों ने गिरजा कुमार के इस व्यास को बखूबी सराहा।

गांधी जी 32 वर्ष की आयु में ब्रह्मचर्य के पालन का संकल्प लिया था। उनके कामसुख से खुद को वंचित रखने की कोशिशों को लेखक गिरजा कुमार ने इस पुस्तक में खंगालने का प्रयास किया है। गांधीजी के जीवन बहुत करीब आने वाली अनेक महिलाओं ने उनके ब्रह्मचर्य यज्ञ में अपनी आहुति दी थी। इनमें प्रमुख नाम इस प्रकार हैं। मनु गांधी, सुशीला गांधी, सुधीला नैयर,मीराबेन, राजकुमारी, अमृत कौर, प्रभावती कंचन, शाह और कविवर ,रवीन्द्रनाथ टैगोर की भांजी सरलादेवी चौधरानी। उनमें से कुछ विदेशी महिलाएं भी थीं, जैसे मिली ग्राहम पोलक सोंजा श्लेसिन एस्थफेरिंग नीला क्रैम कुक एवं मार्गेट स्पीगेल।

महात्मा गांधी ब्रह्मचर्य के प्रयोग में शामिल महिलाओं को इस प्रयोग के सभी घटनाक्रमों का रिकॉर्ड रखने को कहा था। वह चाहते थे कि महिलाओं के साथ उनके इस गुप्त प्रयोग के बारे में सारी दुनिया जाने। लेकिन अफसोस, ऐसा प्रतीत होता है कि ब्रह्मचर्य के प्रयोगों से संबंधित ज्यादातर दस्तावेजों को नष्ट किया जा चुका है। साथ ही इस प्रयोग पर रोशनी डालने में समर्थ कुछ मुख्यकिरदारों ने गंभीर चुप्पी साध ली। इसके बावजूद गांधीजी तथा उनके निकटस्थों के बीच हुए पत्रव्यवहार से अनेक बातें सामने आई हैं।

यह पुस्तक एक महान पुरुष की मनोजीवनी होने के साथसाथ उनके और महिलाओं के बीच के संबंधों का अध्ययन भी है।

 

प्रस्तावना

एल्यानोर मॉर्टोन ने सन् 1954 में एक पुस्तक लिखी थी वीमेन बिहाइंड महात्मा गाधी और उसके बाद से इस विषय में कोई पुस्तक नहीं लिखी गयी । तमाम महिलाओं की निकटता गांधीजी के जीवन में एक आकर्षक अध्याय की तरह है खासकर तब जब हम उनके जीवन का अध्ययन ब्रह्मचर्य के दर्शन के साथ करते हैं । यह कृति एक व्यक्ति के पीछे के व्यक्ति और आत्मकथा के भीतर की आत्मकथा की तरह है ।

एक दर्जन से अधिक महिलाए ऐसी थीं, जो एक या अलगअलग समय मे महात्मा गाधी से निकटता के साथ जुडी हुई थीं । कस्तुरबा से संबंधित आख्यान गांधीजी के जीवन के एक अलग अध्याय की तरह है । लेकिन इन महिलाओं मे गांधीजी ने अपनी माता पुतलीबाई और सर्वज्ञ अर्द्धांगिनी कस्तूरबा का प्रतिरूप देखा । उनमें से छह महिलाएं विदेशी मूल की थीं और एक्? अनिवासी भारतीय । मिली ग्राहम पोलक, निला क्रैम कूक और मीरा बहन जैसी कुछ महिलाएँ उस समय की महिलाओं में बुद्धिजीवी कही जा सकती थीं । वे महिलाए महात्मा गाधी के लिए बेटी बहनें और माताएं थीं । हालाकि सरलादेवी चौधरानी अपवाद की तरह थी । गांधीजी उन्हें अपनी आध्यात्मिक पत्नी कहा करते थे ।

ब्रह्मचर्य, गांधी और उनकी सहयोगी महिलाएं बहुत ही आकर्षक विषय है । लेखक ने इस विषय पर आठ वर्ष रवे अधिक तक शोध किया है और उसके बाद इसे पुस्तक के रूप मे कलमबद्ध किया है । नवजीवन ट्रस्ट के सहयोग एरे भारत सरकार के सूचना एव प्रसारण मंत्रालय के प्रकाशन विभाग द्वारा प्रकाशित पुस्तक कॉलेक्टेड वर्क्स इस सम्पूर्ण काल के लिए उनकी बाइबिल की तरह है, जिसे व्यापक तौर पर इसमें उद्धृत किया गया है ।

गांधीजी के बारे में पढना कभी भी उबाऊ नहीं रहा । वह हमेशा से ही अपूर्वानुमेय अपरम्परागत नवप्रवर्तनशील, दयालु और निष्कपट रहे । चेहरे पर भ्रान्तिकारी मुस्कान मौजूद होने के बावजूद वह शरारती थे । अपने सम्पूर्ण जीवन काल मे उन्हे अपने विचारों का कडू। प्रतिरोध सहना पड़ा था । उनका प्रतिरोध करने वालो मे से ज्यादा उनके करीबी दरबारी ही थे । गांधीजी ने एक्? बार श्रीमती पोलक को कहा था कि उनका (श्रीमती पोलक का) जन्म उनके एवं उनरने जुडी महिला सहयोगिनो के अनुप्रयोग के लिए ही हुआ है । गांधीजी अपनी ही पीड़ा से आंतरिक शांति हासिल करते रहे थे ।

रोमा रौलां ने उन्हें दूसरे ईसा मसीह की संज्ञा दी थी । ठीक ईसा मसीह की तरह ही गाँधीजी की सहनशीलता भी पीडा. मौत और मृतोत्थान का प्रतीक बन गयी । यह पुस्तक गाँधीजी के नजरिये से स्त्रीत्व के तमाम पहलुओ को प्रदर्शित करती है । गांधीजी वैसे इक्कादुक्का लोगों में शुमार है, जिन्होंने खुद को स्वनिर्मित हिजड़ा कहकर सेक्स की विभाजन रेखा समाप्त करने का दुस्साहस किया था ।

गाँधीजी महिलाओं की संगत में हमेशा राहत महसूस करते थे । सभी महिला सहयोगिनी ने उन्हें समान महत्त्व दिया । ब्रह्मचर्य महात्मा गाँधीजी और उनकी महिला मित्र पांच दशक तक गांधीजी और उन महिलाओं के बीच संवाद का विश्वसनीय दस्तावेज है, जो भारतीय सौंदर्य परम्परा में वर्णित सम्पूर्ण रसों से सराबोर थीं ।

 

विषय सूची

 

प्रस्तावना

vii

भाग 1

ब्रह्मचर्य सिद्धान्त और प्रयोग

 

 

ब्रह्मचर्य का गुणगान

3

 

भारतीय परम्परा में ब्रह्मचर्य

11

 

व्यवहार में ब्रह्मचर्य

31

भाग 2

साहस का पुंज

 

 

बा

49

 

बा, बापू और परिवार

73

भाग 3

दक्षिण अफ्रीका विक्कंभ

 

 

मिली और हेनरी पोलक

93

 

डिक्टेटर सोंजा

113

 

जेकी इकलौती दत्तक पुत्री

131

भाग 4

प्रारंभिक वर्ष विदेशी सहयोगी

 

 

एस्थर फेरिंग डेनिश मिशनरी

151

 

प्रफुल्लित मीराबहन

163

 

मुरझाती मीराबहन

181

 

कुक और स्पीगल सिरफिरी जोड़ी

197

भाग 5

प्रारंभिक वर्ष भारतीय संगीसाथी

 

 

रूमानी सरला

223

 

सरला देवी के सितारे गर्दिश में

237

भाग 6

विवाहित ब्रह्मचर्य

 

 

साध्वी प्रभावती

253

 

कंचन दुविधा शाह

269

भाग 7

सुशीला नैयर का उत्साही भ्रमण

 

 

तिगडुडा

283

 

सुशीला संकट में

297

 

जीता जागता नरक

309

भाग 8

प्यारी मनु

 

 

नवाखली यज्ञ

327

 

गांधी की नवाखली की विपदा

345

 

अंतिम यात्रा

361

 

व्यक्ति परिचय

377

 

संदर्भ सूची

391

 

सूची पत्र

421

 

महात्मा गाँधी और उनकी महिला मित्र: Brahmacharya Gandhi and His Women Associates

Item Code:
HAA288
Cover:
Paperback
Edition:
2013
ISBN:
9788819766610
Language:
Hindi
Size:
8.5 inch X 5.5 inch
Pages:
439
Other Details:
Weight of the Book: 490 gms
Price:
$25.00   Shipping Free
Add to Wishlist
Send as e-card
Send as free online greeting card
महात्मा गाँधी और उनकी महिला मित्र: Brahmacharya Gandhi and His Women Associates

Verify the characters on the left

From:
Edit     
You will be informed as and when your card is viewed. Please note that your card will be active in the system for 30 days.

Viewed 5061 times since 30th Jul, 2017

पुस्तक परिचय

गिरजा कुमार 1985 में जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के लाईब्रेरियन के पद से सेवानिवृत हुए। उनकी दुनिया हमेशा ही किताबों की दुनिया रही। "महात्मा गांधी और उनकी महितला मित्र" पूर्णत व्यापक शोध पर आधारित और गांधीजी महिला मित्रों तथा अन्य प्रमुख किरदारों के कथनोपकथनों पर आधारित है। इस लिहाज से यह पुस्तक जीवनी के भीतर जीवनी है।

यह पुस्तक 25006 में अंग्रेज़ी में प्रकाशित हुई थी। अनेक पत्रपत्रिकाओं और शोध विशेषज्ञों ने गिरजा कुमार के इस व्यास को बखूबी सराहा।

गांधी जी 32 वर्ष की आयु में ब्रह्मचर्य के पालन का संकल्प लिया था। उनके कामसुख से खुद को वंचित रखने की कोशिशों को लेखक गिरजा कुमार ने इस पुस्तक में खंगालने का प्रयास किया है। गांधीजी के जीवन बहुत करीब आने वाली अनेक महिलाओं ने उनके ब्रह्मचर्य यज्ञ में अपनी आहुति दी थी। इनमें प्रमुख नाम इस प्रकार हैं। मनु गांधी, सुशीला गांधी, सुधीला नैयर,मीराबेन, राजकुमारी, अमृत कौर, प्रभावती कंचन, शाह और कविवर ,रवीन्द्रनाथ टैगोर की भांजी सरलादेवी चौधरानी। उनमें से कुछ विदेशी महिलाएं भी थीं, जैसे मिली ग्राहम पोलक सोंजा श्लेसिन एस्थफेरिंग नीला क्रैम कुक एवं मार्गेट स्पीगेल।

महात्मा गांधी ब्रह्मचर्य के प्रयोग में शामिल महिलाओं को इस प्रयोग के सभी घटनाक्रमों का रिकॉर्ड रखने को कहा था। वह चाहते थे कि महिलाओं के साथ उनके इस गुप्त प्रयोग के बारे में सारी दुनिया जाने। लेकिन अफसोस, ऐसा प्रतीत होता है कि ब्रह्मचर्य के प्रयोगों से संबंधित ज्यादातर दस्तावेजों को नष्ट किया जा चुका है। साथ ही इस प्रयोग पर रोशनी डालने में समर्थ कुछ मुख्यकिरदारों ने गंभीर चुप्पी साध ली। इसके बावजूद गांधीजी तथा उनके निकटस्थों के बीच हुए पत्रव्यवहार से अनेक बातें सामने आई हैं।

यह पुस्तक एक महान पुरुष की मनोजीवनी होने के साथसाथ उनके और महिलाओं के बीच के संबंधों का अध्ययन भी है।

 

प्रस्तावना

एल्यानोर मॉर्टोन ने सन् 1954 में एक पुस्तक लिखी थी वीमेन बिहाइंड महात्मा गाधी और उसके बाद से इस विषय में कोई पुस्तक नहीं लिखी गयी । तमाम महिलाओं की निकटता गांधीजी के जीवन में एक आकर्षक अध्याय की तरह है खासकर तब जब हम उनके जीवन का अध्ययन ब्रह्मचर्य के दर्शन के साथ करते हैं । यह कृति एक व्यक्ति के पीछे के व्यक्ति और आत्मकथा के भीतर की आत्मकथा की तरह है ।

एक दर्जन से अधिक महिलाए ऐसी थीं, जो एक या अलगअलग समय मे महात्मा गाधी से निकटता के साथ जुडी हुई थीं । कस्तुरबा से संबंधित आख्यान गांधीजी के जीवन के एक अलग अध्याय की तरह है । लेकिन इन महिलाओं मे गांधीजी ने अपनी माता पुतलीबाई और सर्वज्ञ अर्द्धांगिनी कस्तूरबा का प्रतिरूप देखा । उनमें से छह महिलाएं विदेशी मूल की थीं और एक्? अनिवासी भारतीय । मिली ग्राहम पोलक, निला क्रैम कूक और मीरा बहन जैसी कुछ महिलाएँ उस समय की महिलाओं में बुद्धिजीवी कही जा सकती थीं । वे महिलाए महात्मा गाधी के लिए बेटी बहनें और माताएं थीं । हालाकि सरलादेवी चौधरानी अपवाद की तरह थी । गांधीजी उन्हें अपनी आध्यात्मिक पत्नी कहा करते थे ।

ब्रह्मचर्य, गांधी और उनकी सहयोगी महिलाएं बहुत ही आकर्षक विषय है । लेखक ने इस विषय पर आठ वर्ष रवे अधिक तक शोध किया है और उसके बाद इसे पुस्तक के रूप मे कलमबद्ध किया है । नवजीवन ट्रस्ट के सहयोग एरे भारत सरकार के सूचना एव प्रसारण मंत्रालय के प्रकाशन विभाग द्वारा प्रकाशित पुस्तक कॉलेक्टेड वर्क्स इस सम्पूर्ण काल के लिए उनकी बाइबिल की तरह है, जिसे व्यापक तौर पर इसमें उद्धृत किया गया है ।

गांधीजी के बारे में पढना कभी भी उबाऊ नहीं रहा । वह हमेशा से ही अपूर्वानुमेय अपरम्परागत नवप्रवर्तनशील, दयालु और निष्कपट रहे । चेहरे पर भ्रान्तिकारी मुस्कान मौजूद होने के बावजूद वह शरारती थे । अपने सम्पूर्ण जीवन काल मे उन्हे अपने विचारों का कडू। प्रतिरोध सहना पड़ा था । उनका प्रतिरोध करने वालो मे से ज्यादा उनके करीबी दरबारी ही थे । गांधीजी ने एक्? बार श्रीमती पोलक को कहा था कि उनका (श्रीमती पोलक का) जन्म उनके एवं उनरने जुडी महिला सहयोगिनो के अनुप्रयोग के लिए ही हुआ है । गांधीजी अपनी ही पीड़ा से आंतरिक शांति हासिल करते रहे थे ।

रोमा रौलां ने उन्हें दूसरे ईसा मसीह की संज्ञा दी थी । ठीक ईसा मसीह की तरह ही गाँधीजी की सहनशीलता भी पीडा. मौत और मृतोत्थान का प्रतीक बन गयी । यह पुस्तक गाँधीजी के नजरिये से स्त्रीत्व के तमाम पहलुओ को प्रदर्शित करती है । गांधीजी वैसे इक्कादुक्का लोगों में शुमार है, जिन्होंने खुद को स्वनिर्मित हिजड़ा कहकर सेक्स की विभाजन रेखा समाप्त करने का दुस्साहस किया था ।

गाँधीजी महिलाओं की संगत में हमेशा राहत महसूस करते थे । सभी महिला सहयोगिनी ने उन्हें समान महत्त्व दिया । ब्रह्मचर्य महात्मा गाँधीजी और उनकी महिला मित्र पांच दशक तक गांधीजी और उन महिलाओं के बीच संवाद का विश्वसनीय दस्तावेज है, जो भारतीय सौंदर्य परम्परा में वर्णित सम्पूर्ण रसों से सराबोर थीं ।

 

विषय सूची

 

प्रस्तावना

vii

भाग 1

ब्रह्मचर्य सिद्धान्त और प्रयोग

 

 

ब्रह्मचर्य का गुणगान

3

 

भारतीय परम्परा में ब्रह्मचर्य

11

 

व्यवहार में ब्रह्मचर्य

31

भाग 2

साहस का पुंज

 

 

बा

49

 

बा, बापू और परिवार

73

भाग 3

दक्षिण अफ्रीका विक्कंभ

 

 

मिली और हेनरी पोलक

93

 

डिक्टेटर सोंजा

113

 

जेकी इकलौती दत्तक पुत्री

131

भाग 4

प्रारंभिक वर्ष विदेशी सहयोगी

 

 

एस्थर फेरिंग डेनिश मिशनरी

151

 

प्रफुल्लित मीराबहन

163

 

मुरझाती मीराबहन

181

 

कुक और स्पीगल सिरफिरी जोड़ी

197

भाग 5

प्रारंभिक वर्ष भारतीय संगीसाथी

 

 

रूमानी सरला

223

 

सरला देवी के सितारे गर्दिश में

237

भाग 6

विवाहित ब्रह्मचर्य

 

 

साध्वी प्रभावती

253

 

कंचन दुविधा शाह

269

भाग 7

सुशीला नैयर का उत्साही भ्रमण

 

 

तिगडुडा

283

 

सुशीला संकट में

297

 

जीता जागता नरक

309

भाग 8

प्यारी मनु

 

 

नवाखली यज्ञ

327

 

गांधी की नवाखली की विपदा

345

 

अंतिम यात्रा

361

 

व्यक्ति परिचय

377

 

संदर्भ सूची

391

 

सूची पत्र

421

 

Post a Comment
 
Post Review
Post a Query
For privacy concerns, please view our Privacy Policy

Related Items

Brahmacharya Gandhi and His Women Associates
by Girja Kumar

Hardcover (Edition: 2006)
Vitasta Publishing Pvt. Ltd.
Item Code: IDF350
$45.00
Add to Cart
Buy Now
Mahatma Gandhi and His Assassin
by Koenraad Elst
Paperback (Edition: 2015)
Voice of India
Item Code: NAN976
$30.00
Add to Cart
Buy Now
Mahatma Gandhi and His Assassin
by Koenraad Elst
Hardcover (Edition: 2015)
Voice of India
Item Code: NAL208
$35.00
Add to Cart
Buy Now
Mahatma Gandhi and His Contemporaries
Item Code: IDF874
$30.00
Add to Cart
Buy Now
Gandhi's Prisoner? : The Life of Gandhi's Son Manilal
by Uma Dhupelia & Mesthrie
Hardcover (Edition: 2005)
Permanent Black
Item Code: IDE154
$55.00
Add to Cart
Buy Now
C.F. Andrews Friend of India
by Nical Macnicol
Paperback (Edition: 2013)
Niyogi Books
Item Code: NAK370
$15.00
Add to Cart
Buy Now
Gandhi’s Conscience Keeper (C. Rajagopalachari and Indian Politics)
by Vasanthi Srinivasan
Hardcover (Edition: 2009)
Permanent Black
Item Code: NAG083
$40.00
Add to Cart
Buy Now
Harilal Gandhi: A Life
Item Code: IDJ821
$45.00
Add to Cart
Buy Now
The Un-Gandhian Gandhi (The Life and Afterlife of The Mahatma)
by Claude Markovits
Paperback (Edition: 2007)
Permanent Black
Item Code: NAF880
$22.50
Add to Cart
Buy Now
From The Pages of The Hindu
by V.Ramamurthy
Paperback (Edition: 2012)
Kasturi and Sons Ltd
Item Code: NAK130
$45.00
Add to Cart
Buy Now

Testimonials

Very grateful for this service, of making this precious treasure of Haveli Sangeet for ThakurJi so easily in the US. Appreciate the fact that notation is provided.
Leena, USA.
The Bhairava painting I ordered by Sri Kailash Raj is excellent. I have been purchasing from Exotic India for well over a decade and am always beyond delighted with my extraordinary purchases and customer service. Thank you.
Marc, UK
I have been buying from Exotic India for years and am always pleased and excited to receive my packages. Thanks for the quality products.
Delia, USA
As ever, brilliant price and service.
Howard, UK.
The best and fastest service worldwide - I am in Australia and I put in a big order of books (14 items) on a Wednesday; it was sent on Friday and arrived at my doorstep early on Monday morning - amazing! All very securely packed in a very strong cardboard box. I have bought several times from Exotic India and the service is always exceptionally good. THANK YOU and NAMASTE!
Charles (Rudra)
I just wanted to say that this is I think my 3rd (big) order from you, and the last two times I received immaculate service, the books arrived well and it has been a very pleasant experience. Just wanted to say thanks for your efficient service.
Shantala, Belgium
Thank you so much EXOTIC INDIA for the wonderfull packaging!! I received my order today and it was gift wrapped with so much love and taste in a beautiful golden gift wrap and everything was neat and beautifully packed. Also my order came very fast... i am impressed! Besides selling fantastic items, you provide an exceptional customer service and i will surely purchase again from you! I am very glad and happy :) Thank you, Salma
Salma, Canada.
Artwork received today. Very pleased both with the product quality and speed of delivery. Many thanks for your help.
Carl, UK.
I wanted to let you know how happy we are with our framed pieces of Shree Durga and Shree Kali. Thank you and thank your framers for us. By the way, this month we offered a Puja and Yagna to the Ardhanarishwara murti we purchased from you last November. The Brahmin priest, Shree Vivek Godbol, who was visiting LA preformed the rites. He really loved our murti and thought it very paka. I am so happy to have found your site , it is very paka and trustworthy. Plus such great packing and quick shipping. Thanks for your service Vipin, it is a pleasure.
Gina, USA
My marble statue of Durga arrived today in perfect condition, it's such a beautiful statue. Thanks again for giving me a discount on it, I'm always very pleased with the items I order from you. You always have the best quality items.
Charles, Tennessee
TRUSTe
Language:
Currency:
All rights reserved. Copyright 2017 © Exotic India