Subscribe for Newsletters and Discounts
Be the first to receive our thoughtfully written
religious articles and product discounts.
Your interests (Optional)
This will help us make recommendations and send discounts and sale information at times.
By registering, you may receive account related information, our email newsletters and product updates, no more than twice a month. Please read our Privacy Policy for details.
.
By subscribing, you will receive our email newsletters and product updates, no more than twice a month. All emails will be sent by Exotic India using the email address info@exoticindia.com.

Please read our Privacy Policy for details.
|6
Your Cart (0)
Share our website with your friends.
Email this page to a friend
Books > Hindi > जैमिनी चर दशा से भविष्यवाणी (एक मौलिक व मूल शोध): Jaimini Char Dasha Se Bhavishyavani
Displaying 8486 of 11208         Previous  |  NextSubscribe to our newsletter and discounts
जैमिनी चर दशा से भविष्यवाणी (एक मौलिक व मूल शोध): Jaimini Char Dasha Se Bhavishyavani
जैमिनी चर दशा से भविष्यवाणी (एक मौलिक व मूल शोध): Jaimini Char Dasha Se Bhavishyavani
Description

पुस्तक के बारे में

अभी तक की जैमिनी पद्धति पर लिखी यह मौलिक शोध पुस्तक अत्यन्त चमत्कारिक और प्रभावशाली है। यह मौलिक शोध दर्शाता है कि किस तरह से जैमिनी के आत्म, अमात्य, भ्रातृ, मातृ, पुत्र ज्ञाति और दारा कारकों का उपयोग होता है कि किस तरह से सात कारकों का उपयोग होता है। लेखक ने यह दृष्यन्तों के साथ दिखाया है कि किस तरह से सात कारकों (न कि आठ जो पूर्णता: अवैज्ञानिक है) का किसी विशेष भविष्य वाणी के लिए प्रयोग करते है।

जहां दूसरी किताबों में मात्र चर दशा की गणना भर है इस शोध में जैमिनी की चर दशा की गणना के साथ-साथ भविष्यकथन करने के लिए इसका प्रयोग भी बताया गया है जो कि अपने में एक क्रान्तिकारी व निर्णायक पहल है।

लेखक ने चर दशा गणना को थोड़ा भिन्न तरीके से बताया है जो वैज्ञानिक व तर्कसंगत है। इसको प्रयाप्त दृष्टान्तों के साथ समझाया है कि किस तर से चर दशा व खुले विचारों के साथ कारकों का इस्तेमाल भविष्यकथन के लिए होता है।

जो तकनीक व कार्यविधि यहां बताई गई है उसे अब तक भारतीय विद्या भवन (संसार का सबसे बड़ा ज्योतिष संस्थान जो लेखक के दिशा निदेश में चलता हैं) के सैकड़ों शोधार्थियों ने हजारों कुण्डलियों पर पुनरावृत्ति सिद्धा्त के साथ प्रयोग किया है। यह पुस्तक एक गम्भीर ज्योतिषी को अवश्य आकर्षित करेगी जो किसी घटना के समय निर्धारण के लिए विंशोत्तरी दशा के अतिरिक्त एक स्पष्ट व निर्णायक दशा का उपयोग करना चाहता है।

लेखक का दावा है कि यह उनका मूल शोध मौलिक व अंग्रणी है। लेखक की पाठकों से अपेक्षा है कि भारत की परम्परागत ज्योतिष पर, पुरानी पीढ़ी के ज्योतिषयों द्वारा अपने सशक्त व रूढ़िवादी विचारों के आवरण को नयी पीढ़ी के शोधार्थीं बदलेगे व इस शोध में दी गयी तकनीकों को अन्वेषनात्मक तरीके से और उन्नत व उपयोगी बनायेंगे। इस मौलिक शोध पुस्तक में लेखक के मत या विचार को अन्तिम या निर्णायक न समझें।

दो शब्द

गुरुवत् स्नेह से आदरणीय के एन राव जी ने कुछ समय पहले मुझे आदेश दिया था कि यदि संभव हो तो मैं उनकी मौलिक शोध, ''प्रिडिक्टिंग थ्रू जैमिनीज चर दशा '' का हिन्दी रूपान्तर हिन्दी पाठकों और ज्योतिष के छात्रों तक पहुँचाऊं उनका यह आदेश मेरे लिए परम सौभाग्य की बात थी कई कारणों से इस आदेश के पालन में अनावश्यक विलम्ब हुआ इसका मुझे अत्यन्त खेद है व्यक्तिगत कारणों के अतिरिक्त इसके दो प्रमुख कारण थे पहला, चर दशा अत्यन्त गूढ़ विषय है दूसरा, आदरणीय रावजी की मूल रचना के भाषा प्रवाह को अनूदित रचना में कथ्य और शैली दोनों, स्तरों पर अक्षुण्ण रखना समर्थ से समर्थ अनुवादक के लिए एक चुनौती है फिर मुझ से अकिचन व्यक्ति की तो बिसात ही क्या है किन्तु, आदरणीय राव जी की निरन्तर प्रेरणा और उससे भी अधिक उनके आशीर्वाद और असीम स्नेह ने मेरी इन कठिनाइयों को दूर किया और यह अनूदित कृति आपके सम्मुख प्रस्तुत करने की सामर्थ्य प्रदान की।

अनुवाद प्रक्रिया में मैंने यथासंभव कोई छूट नही ली है ताकि मूल कथ्य की भावना को कोई ठेस पहुँचे इस प्रयास में यदि कोई कसर रह गई है, या कोई भूल हौ गई है तो आशा है कि सुधीजन उसे स्पष्ट इंगित करेंगे और मुझे उसे सुधारने का अवसर देंगे।

 

विषय-सूची

1

दो शब्द

3

2

अभिस्वीकृती

4

3

संक्षिप्त शब्द

7

4

विषय सूची

8

5

लेखक परिचय

10

6

अभिमूल्यन

13

7

यह पुस्तक लिखने की आवश्यकता क्यों पड़ी?

17

8

प्रस्तावना एवं समर्पण

23

भाग - I

अध्याय-1

जैमिनी ज्योतिष की प्रमुख विशेषताएं

30

अध्याय-2

कारक

33

अध्याय-3

चर दशा का क्रम

37

अध्याय-4

अन्तर दशाओं का कम

40

अध्याय-5

दृष्टियां

42

अध्याय-6

जैमिनी चर दशा की गणना

44

अध्याय-7

पद

51

अध्याय-8

योग

53

भाग - II

अध्याय-9

भविष्यकथनात्मक तकनीकें

55

भाग-III

अध्याय-10

प्रथम पाठ: बचपन

62

अध्याय-11

प्रेम-संबंध और विवाह

71

भाग - IV

अध्याय-12

विवाह संबंधी समस्याएं

83

अध्याय-13

अमात्यकारक या महत्वपूर्ण व्यक्ति

94

अध्याय-14

राजयोग पद या स्थिति देने वाले योग

109

अध्याय-15

आत्मकारक की दशा

119

अध्याय-16

धनु राशि दशा में सावधान रहें

132

अध्याय-17

सुझावों सहित निष्कर्ष

141

 

 

 

       

 

 

जैमिनी चर दशा से भविष्यवाणी (एक मौलिक व मूल शोध): Jaimini Char Dasha Se Bhavishyavani

Item Code:
NZA722
Cover:
Paperback
Edition:
2011
Publisher:
ISBN:
8189221140
Language:
Hindi
Size:
8.5 inch X 5.5 inch
Pages:
160
Other Details:
Weight of the Book: 200 gms
Price:
$10.00   Shipping Free
Add to Wishlist
Send as e-card
Send as free online greeting card
जैमिनी चर दशा से भविष्यवाणी (एक मौलिक व मूल शोध): Jaimini Char Dasha Se Bhavishyavani

Verify the characters on the left

From:
Edit     
You will be informed as and when your card is viewed. Please note that your card will be active in the system for 30 days.

Viewed 4068 times since 27th Oct, 2014

पुस्तक के बारे में

अभी तक की जैमिनी पद्धति पर लिखी यह मौलिक शोध पुस्तक अत्यन्त चमत्कारिक और प्रभावशाली है। यह मौलिक शोध दर्शाता है कि किस तरह से जैमिनी के आत्म, अमात्य, भ्रातृ, मातृ, पुत्र ज्ञाति और दारा कारकों का उपयोग होता है कि किस तरह से सात कारकों का उपयोग होता है। लेखक ने यह दृष्यन्तों के साथ दिखाया है कि किस तरह से सात कारकों (न कि आठ जो पूर्णता: अवैज्ञानिक है) का किसी विशेष भविष्य वाणी के लिए प्रयोग करते है।

जहां दूसरी किताबों में मात्र चर दशा की गणना भर है इस शोध में जैमिनी की चर दशा की गणना के साथ-साथ भविष्यकथन करने के लिए इसका प्रयोग भी बताया गया है जो कि अपने में एक क्रान्तिकारी व निर्णायक पहल है।

लेखक ने चर दशा गणना को थोड़ा भिन्न तरीके से बताया है जो वैज्ञानिक व तर्कसंगत है। इसको प्रयाप्त दृष्टान्तों के साथ समझाया है कि किस तर से चर दशा व खुले विचारों के साथ कारकों का इस्तेमाल भविष्यकथन के लिए होता है।

जो तकनीक व कार्यविधि यहां बताई गई है उसे अब तक भारतीय विद्या भवन (संसार का सबसे बड़ा ज्योतिष संस्थान जो लेखक के दिशा निदेश में चलता हैं) के सैकड़ों शोधार्थियों ने हजारों कुण्डलियों पर पुनरावृत्ति सिद्धा्त के साथ प्रयोग किया है। यह पुस्तक एक गम्भीर ज्योतिषी को अवश्य आकर्षित करेगी जो किसी घटना के समय निर्धारण के लिए विंशोत्तरी दशा के अतिरिक्त एक स्पष्ट व निर्णायक दशा का उपयोग करना चाहता है।

लेखक का दावा है कि यह उनका मूल शोध मौलिक व अंग्रणी है। लेखक की पाठकों से अपेक्षा है कि भारत की परम्परागत ज्योतिष पर, पुरानी पीढ़ी के ज्योतिषयों द्वारा अपने सशक्त व रूढ़िवादी विचारों के आवरण को नयी पीढ़ी के शोधार्थीं बदलेगे व इस शोध में दी गयी तकनीकों को अन्वेषनात्मक तरीके से और उन्नत व उपयोगी बनायेंगे। इस मौलिक शोध पुस्तक में लेखक के मत या विचार को अन्तिम या निर्णायक न समझें।

दो शब्द

गुरुवत् स्नेह से आदरणीय के एन राव जी ने कुछ समय पहले मुझे आदेश दिया था कि यदि संभव हो तो मैं उनकी मौलिक शोध, ''प्रिडिक्टिंग थ्रू जैमिनीज चर दशा '' का हिन्दी रूपान्तर हिन्दी पाठकों और ज्योतिष के छात्रों तक पहुँचाऊं उनका यह आदेश मेरे लिए परम सौभाग्य की बात थी कई कारणों से इस आदेश के पालन में अनावश्यक विलम्ब हुआ इसका मुझे अत्यन्त खेद है व्यक्तिगत कारणों के अतिरिक्त इसके दो प्रमुख कारण थे पहला, चर दशा अत्यन्त गूढ़ विषय है दूसरा, आदरणीय रावजी की मूल रचना के भाषा प्रवाह को अनूदित रचना में कथ्य और शैली दोनों, स्तरों पर अक्षुण्ण रखना समर्थ से समर्थ अनुवादक के लिए एक चुनौती है फिर मुझ से अकिचन व्यक्ति की तो बिसात ही क्या है किन्तु, आदरणीय राव जी की निरन्तर प्रेरणा और उससे भी अधिक उनके आशीर्वाद और असीम स्नेह ने मेरी इन कठिनाइयों को दूर किया और यह अनूदित कृति आपके सम्मुख प्रस्तुत करने की सामर्थ्य प्रदान की।

अनुवाद प्रक्रिया में मैंने यथासंभव कोई छूट नही ली है ताकि मूल कथ्य की भावना को कोई ठेस पहुँचे इस प्रयास में यदि कोई कसर रह गई है, या कोई भूल हौ गई है तो आशा है कि सुधीजन उसे स्पष्ट इंगित करेंगे और मुझे उसे सुधारने का अवसर देंगे।

 

विषय-सूची

1

दो शब्द

3

2

अभिस्वीकृती

4

3

संक्षिप्त शब्द

7

4

विषय सूची

8

5

लेखक परिचय

10

6

अभिमूल्यन

13

7

यह पुस्तक लिखने की आवश्यकता क्यों पड़ी?

17

8

प्रस्तावना एवं समर्पण

23

भाग - I

अध्याय-1

जैमिनी ज्योतिष की प्रमुख विशेषताएं

30

अध्याय-2

कारक

33

अध्याय-3

चर दशा का क्रम

37

अध्याय-4

अन्तर दशाओं का कम

40

अध्याय-5

दृष्टियां

42

अध्याय-6

जैमिनी चर दशा की गणना

44

अध्याय-7

पद

51

अध्याय-8

योग

53

भाग - II

अध्याय-9

भविष्यकथनात्मक तकनीकें

55

भाग-III

अध्याय-10

प्रथम पाठ: बचपन

62

अध्याय-11

प्रेम-संबंध और विवाह

71

भाग - IV

अध्याय-12

विवाह संबंधी समस्याएं

83

अध्याय-13

अमात्यकारक या महत्वपूर्ण व्यक्ति

94

अध्याय-14

राजयोग पद या स्थिति देने वाले योग

109

अध्याय-15

आत्मकारक की दशा

119

अध्याय-16

धनु राशि दशा में सावधान रहें

132

अध्याय-17

सुझावों सहित निष्कर्ष

141

 

 

 

       

 

 

Post a Comment
 
Post Review
Post a Query
For privacy concerns, please view our Privacy Policy

Related Items

Jaimini’s Navamsha Dasha
by Sachin Malhotra
Paperback (Edition: 2009)
Vani Publications
Item Code: NAG230
$12.00
Add to Cart
Buy Now
Jaimini System An Introduction
Item Code: NAG183
$20.00
Add to Cart
Buy Now
Predicting Through Jaimini’s Sthira Dasha
by Akhila Kumar
Paperback (Edition: 2012)
Vani Publication
Item Code: NAE199
$13.50
Add to Cart
Buy Now
Predicting Through Karakamsha and Jaimini?s Mandook Dasha
by K.N.Rao
Paperback (Edition: 2012)
Vani Publications
Item Code: NAE599
$16.00
Add to Cart
Buy Now
An Introduction To Jaimini Astrology
by G.V.Prabhakara Murthy
Paperback (Edition: 2012)
Jyothisha Visharada
Item Code: NAD198
$15.00
SOLD
Predicting Through Jaimini Astrology
by V.P.Goel
Paperback (Edition: 2015)
Sagar Publications
Item Code: NAJ764
$25.00
Add to Cart
Buy Now
Jaimini Maharishi's Upadesa Sutras
by SANJAY RATH
Paperback (Edition: 2002)
Sagar Publications
Item Code: IDJ587
$27.00
Add to Cart
Buy Now
STUDIES IN JAIMINI ASTROLOGY
Item Code: IDF809
$7.00
Add to Cart
Buy Now
Jataka Mani Manjuha (Parasara Astrology)
Item Code: NAJ720
$80.00
Add to Cart
Buy Now
Crux of Vedic Astrology Timing of Events
Item Code: IDJ605
$32.50
Add to Cart
Buy Now

Testimonials

I love this web site and love coming to see what you have online.
Glenn, Australia
Received package today, thank you! Love how everything was packed, I especially enjoyed the fabric covering! Thank you for all you do!
Frances, Austin, Texas
Hi, just got my order! Wow! Soooooo beautiful!!! I'm so happy! You rock, thank you!
Amy, Malibu, USA
Nice website..has a collection of rare books.
Srikanth
Beautiful products nicely presented and easy to use website
Amanda, UK.
I received my order, very very beautiful products. I hope to buy something more. Thank you!
Gulnora, Uzbekistan
Thank you very much for the courtesy you showed me for the time I buy my books. The last book is a good book. İt is important in terms of recognizing fine art of İndia.
Suzan, Turkey
Thank You very much Sir. I really like the saree and the blouse fit perfeact. Thank You again.
Sulbha, USA
I have received the parcel yesterday and the shiv-linga idol is sooo beautiful and u have exceeded my expectations...
Guruprasad, Bangalore
Yesterday I received my lost and through you again found order. Very quickly I must say !. Thank you and thank you again for your service. I am very happy with this double CD of Ustad Shujaat Husain Khan. I thought it was lost forever and now I can add it to my CD collection. I hope in the near future to buy again at your online shop. You have wonderful items to offer !
Joke van der Baars, the Netherlands
TRUSTe
Language:
Currency:
All rights reserved. Copyright 2017 © Exotic India