Subscribe for Newsletters and Discounts
Be the first to receive our thoughtfully written
religious articles and product discounts.
Your interests (Optional)
This will help us make recommendations and send discounts and sale information at times.
By registering, you may receive account related information, our email newsletters and product updates, no more than twice a month. Please read our Privacy Policy for details.
.
By subscribing, you will receive our email newsletters and product updates, no more than twice a month. All emails will be sent by Exotic India using the email address info@exoticindia.com.

Please read our Privacy Policy for details.
|6
Your Cart (0)
Share our website with your friends.
Email this page to a friend
Books > Hindi > श्री रामचरितमानस बालकाण्ड: Shri Ramacharitamanasa Balakand
Displaying 8521 of 11391         Previous  |  NextSubscribe to our newsletter and discounts
श्री रामचरितमानस बालकाण्ड:  Shri Ramacharitamanasa Balakand
Pages from the book
श्री रामचरितमानस बालकाण्ड: Shri Ramacharitamanasa Balakand
Look Inside the Book
Description

प्रथम संस्करणका निवेदन

इधर कई जगह खास करके कलकत्तेके विद्यालयोंके शिक्षाक्रममें विभिन्न श्रेणियोंके लिये श्रीरामचरितमानसके पृथक्-पृथक् काण्ड रखे गये हैं। विद्यार्थियोंकी बड़ी माँग है, परन्तु बाजारमें अलगअलग काण्ड प्राय: नहीं मिलते। जो मिलते हैं, वे प्राय: अशुद्ध छपे हुए और बहुत ही महँगे। इस कठिनाईको दूर करनेके लिये गीताप्रेसने पृथक्-पृथक् काण्डोंमें पूरा रामचरितमानस प्रकाशित करनेकी व्यवस्था की है। यह बालकाण्ड है। इसमें मूलके साथ हिंदी-अनुवाद भी है। आशा है, इससे विद्यार्थियोंको सुविधा होगी और मानसका शुभ प्रसार तो बढ़ेगा ही, जो मानवजातिके कल्याणके लिये अत्युत्तम साधन है।

 

विषय-सूची बालकाण्ड

1

मङ्गलाचरण

7

2

गुरुवन्दना

9

3

ब्राह्मणसंत-वन्दना

10

4

खल -वन्दना

14

5

संत- असंत-वन्दना

15

6

रामरूपसे जीवमात्रकी वन्दना

17

7

तुलसीदासजीकी दीनता और रामभक्तिमयी कविताकी महिमा

20

8

कवि वन्दना वाल्मीकि, वेद, ब्रह्मा, देवता, शिव, पार्वती आदिकी वन्दना

29

9

श्रीसीताराम-धाम-परिकर

30

10

वन्दना

32

11

श्रीनामवन्दना और नाम महिमा

35

12

श्रीरामगुण और श्रीरामचरितकी महिमा

44

13

मानसनिर्माणकी तिथि

53

14

मानसका रूपक और माहात्म्य

55

15

याज्ञवल्क- भरद्वाज- संवाद तथा प्रयाग-माहात्म्य

66

16

सतीका भ्रम, श्रीरामजीका ऐश्वर्य और सतीका खेद

69

17

शिवजीद्वारा सतीका त्याग, शिवजीकी समाधि

77

18

सतीका दक्ष-यज्ञमें जाना

82

19

पतिके अपमानसे दुःखी होकर सतीका योगाग्रिसे जल जाना, दक्ष-यज्ञ-विध्वंस

84

20

पार्वतीका जन्म और तपस्या

85

21

श्रीरामजीका शिवजीसे विवाहके लिये अनुरोध

95

22

सप्तर्षियोंकी परीक्षामें पार्वतीजीका महत्त्व

97

23

कामदेवका देवकार्यके लिये जाना और भस्म होना

103

24

रतिको वरदान

107

25

देवताओंका शिवजीसे ब्याहके लिये प्रार्थना करना, सप्तर्षियोंका पार्वतीके पास जाना

108

26

शिवजीकी विचित्र बारात और विवाहकी तैयारी

111

27

शिवजीका विवाह शिव-पार्वती-संवाद

120

28

अवतारके हेतु

128

29

नारदका अभिमान और मायाका प्रभाव

143

30

विश्वमोहिनीका स्वयंवर,

149

31

शिवगणोंको तथा भगवान्को शाप और नारदका मोह-भंग

152

32

मनुशतरूपा-तप एवं वरदान

161

33

प्रतापभानुकी कथा

172

34

सवणादिका जन्म, तपस्या और उनका ऐश्वर्य तथा अत्याचार

194

35

पृथ्वी और देवतादिकी करुण पुकार

201

36

भगवान्का वरदान

205

37

राजा दशरथका पुत्रेष्टि यज्ञ, रानियोंका गर्भवती होना

207

38

श्रीभगवान्का प्राकट्य और बाललीलाका आनन्द

209

39

विश्वामित्रका राजा दशरथसे राम- लक्ष्मणको माँगना

225

40

विश्वामित्र-यज्ञकी रक्षा

228

41

अहल्या-उद्धार

229

42

श्रीराम -लक्ष्मणसहित विश्वामित्रका जनकपुरमें प्रवेश

233

43

श्रीरामलक्ष्मणको देखकर जनकजीकी प्रेममुग्धता

234

44

श्रीराम-लक्ष्मणका जनकपुर-निरीक्षण

237

45

पुष्पवाटिका-निरीक्षण,प्रथम दर्शन, श्रीसीतारामजीका परस्पर दर्शन

246

46

श्रीसीताजीका पार्वती - पूजन एवं वरदानप्राप्ति तथा राम-लक्ष्मण-संवाद

253

47

श्रीराम-लक्ष्मणसहित विश्वामित्रका यज्ञशालामें प्रवेश

259

48

श्रीसीताजीका यज्ञशालामें प्रवेश

267

49

बन्दीजनोंद्वारा जनकप्रतिज्ञाकी घोषणा

269

50

राजाओंसे धनुष न उठना, जनककी निराशाजनक वाणी

271

51

श्रीलक्ष्मणजीका क्रोध

273

52

धनुषभंग

280

53

जयमाल पहनाना

283

54

श्रीराम लक्ष्मण और परशुराम-संवाद

289

55

दशरथजीके पास जनकजीका दूत भेजना, अयोध्यासे बारातका प्रस्थान

304

56

बारातका जनकपुरमें आना और स्वागतादि

320

57

श्रीसीता-राम-विवाह

337

58

बारातका अयोध्या लौटना और अयोध्यामें आनन्द

366

59

श्रीरामचरित सुनने-गानेकी महिमा

382

Sample Pages


श्री रामचरितमानस बालकाण्ड: Shri Ramacharitamanasa Balakand

Item Code:
GPA314
Cover:
Paperback
Edition:
2013
Language:
Hindi
Size:
8.5 inch X 5.5 inch
Pages:
383
Other Details:
Weight of the Book: 310 gms
Price:
$10.00
Discounted:
$8.00   Shipping Free
You Save:
$2.00 (20%)
Look Inside the Book
Add to Wishlist
Send as e-card
Send as free online greeting card
श्री रामचरितमानस बालकाण्ड:  Shri Ramacharitamanasa Balakand

Verify the characters on the left

From:
Edit     
You will be informed as and when your card is viewed. Please note that your card will be active in the system for 30 days.

Viewed 3098 times since 12th Nov, 2014

प्रथम संस्करणका निवेदन

इधर कई जगह खास करके कलकत्तेके विद्यालयोंके शिक्षाक्रममें विभिन्न श्रेणियोंके लिये श्रीरामचरितमानसके पृथक्-पृथक् काण्ड रखे गये हैं। विद्यार्थियोंकी बड़ी माँग है, परन्तु बाजारमें अलगअलग काण्ड प्राय: नहीं मिलते। जो मिलते हैं, वे प्राय: अशुद्ध छपे हुए और बहुत ही महँगे। इस कठिनाईको दूर करनेके लिये गीताप्रेसने पृथक्-पृथक् काण्डोंमें पूरा रामचरितमानस प्रकाशित करनेकी व्यवस्था की है। यह बालकाण्ड है। इसमें मूलके साथ हिंदी-अनुवाद भी है। आशा है, इससे विद्यार्थियोंको सुविधा होगी और मानसका शुभ प्रसार तो बढ़ेगा ही, जो मानवजातिके कल्याणके लिये अत्युत्तम साधन है।

 

विषय-सूची बालकाण्ड

1

मङ्गलाचरण

7

2

गुरुवन्दना

9

3

ब्राह्मणसंत-वन्दना

10

4

खल -वन्दना

14

5

संत- असंत-वन्दना

15

6

रामरूपसे जीवमात्रकी वन्दना

17

7

तुलसीदासजीकी दीनता और रामभक्तिमयी कविताकी महिमा

20

8

कवि वन्दना वाल्मीकि, वेद, ब्रह्मा, देवता, शिव, पार्वती आदिकी वन्दना

29

9

श्रीसीताराम-धाम-परिकर

30

10

वन्दना

32

11

श्रीनामवन्दना और नाम महिमा

35

12

श्रीरामगुण और श्रीरामचरितकी महिमा

44

13

मानसनिर्माणकी तिथि

53

14

मानसका रूपक और माहात्म्य

55

15

याज्ञवल्क- भरद्वाज- संवाद तथा प्रयाग-माहात्म्य

66

16

सतीका भ्रम, श्रीरामजीका ऐश्वर्य और सतीका खेद

69

17

शिवजीद्वारा सतीका त्याग, शिवजीकी समाधि

77

18

सतीका दक्ष-यज्ञमें जाना

82

19

पतिके अपमानसे दुःखी होकर सतीका योगाग्रिसे जल जाना, दक्ष-यज्ञ-विध्वंस

84

20

पार्वतीका जन्म और तपस्या

85

21

श्रीरामजीका शिवजीसे विवाहके लिये अनुरोध

95

22

सप्तर्षियोंकी परीक्षामें पार्वतीजीका महत्त्व

97

23

कामदेवका देवकार्यके लिये जाना और भस्म होना

103

24

रतिको वरदान

107

25

देवताओंका शिवजीसे ब्याहके लिये प्रार्थना करना, सप्तर्षियोंका पार्वतीके पास जाना

108

26

शिवजीकी विचित्र बारात और विवाहकी तैयारी

111

27

शिवजीका विवाह शिव-पार्वती-संवाद

120

28

अवतारके हेतु

128

29

नारदका अभिमान और मायाका प्रभाव

143

30

विश्वमोहिनीका स्वयंवर,

149

31

शिवगणोंको तथा भगवान्को शाप और नारदका मोह-भंग

152

32

मनुशतरूपा-तप एवं वरदान

161

33

प्रतापभानुकी कथा

172

34

सवणादिका जन्म, तपस्या और उनका ऐश्वर्य तथा अत्याचार

194

35

पृथ्वी और देवतादिकी करुण पुकार

201

36

भगवान्का वरदान

205

37

राजा दशरथका पुत्रेष्टि यज्ञ, रानियोंका गर्भवती होना

207

38

श्रीभगवान्का प्राकट्य और बाललीलाका आनन्द

209

39

विश्वामित्रका राजा दशरथसे राम- लक्ष्मणको माँगना

225

40

विश्वामित्र-यज्ञकी रक्षा

228

41

अहल्या-उद्धार

229

42

श्रीराम -लक्ष्मणसहित विश्वामित्रका जनकपुरमें प्रवेश

233

43

श्रीरामलक्ष्मणको देखकर जनकजीकी प्रेममुग्धता

234

44

श्रीराम-लक्ष्मणका जनकपुर-निरीक्षण

237

45

पुष्पवाटिका-निरीक्षण,प्रथम दर्शन, श्रीसीतारामजीका परस्पर दर्शन

246

46

श्रीसीताजीका पार्वती - पूजन एवं वरदानप्राप्ति तथा राम-लक्ष्मण-संवाद

253

47

श्रीराम-लक्ष्मणसहित विश्वामित्रका यज्ञशालामें प्रवेश

259

48

श्रीसीताजीका यज्ञशालामें प्रवेश

267

49

बन्दीजनोंद्वारा जनकप्रतिज्ञाकी घोषणा

269

50

राजाओंसे धनुष न उठना, जनककी निराशाजनक वाणी

271

51

श्रीलक्ष्मणजीका क्रोध

273

52

धनुषभंग

280

53

जयमाल पहनाना

283

54

श्रीराम लक्ष्मण और परशुराम-संवाद

289

55

दशरथजीके पास जनकजीका दूत भेजना, अयोध्यासे बारातका प्रस्थान

304

56

बारातका जनकपुरमें आना और स्वागतादि

320

57

श्रीसीता-राम-विवाह

337

58

बारातका अयोध्या लौटना और अयोध्यामें आनन्द

366

59

श्रीरामचरित सुनने-गानेकी महिमा

382

Sample Pages


Post a Comment
 
Post Review
Post a Query
For privacy concerns, please view our Privacy Policy

Related Items

Ramayana: Balkand (Part-1)
Item Code: IDG565
$11.50$9.20
You save: $2.30 (20%)
Add to Cart
Buy Now
Goswami Tulsidas Kavitawali
Item Code: IDI627
$27.50$22.00
You save: $5.50 (20%)
Add to Cart
Buy Now
Illustrated Ramayana
Deal 10% Off
by Das& Karan
Hardcover (Edition: 2008)
Adarsh Books
Item Code: NAD595
$30.00$21.60
You save: $8.40 (10 + 20%)
Add to Cart
Buy Now
ADHYATMA RAMAYANAM: 2 Volumes
by DR. K. P. A. MENON
Hardcover (Edition: 2003)
Nag Publishers
Item Code: IDF795
$60.00$48.00
You save: $12.00 (20%)
Add to Cart
Buy Now

Testimonials

Very grateful for this service, of making this precious treasure of Haveli Sangeet for ThakurJi so easily in the US. Appreciate the fact that notation is provided.
Leena, USA.
The Bhairava painting I ordered by Sri Kailash Raj is excellent. I have been purchasing from Exotic India for well over a decade and am always beyond delighted with my extraordinary purchases and customer service. Thank you.
Marc, UK
I have been buying from Exotic India for years and am always pleased and excited to receive my packages. Thanks for the quality products.
Delia, USA
As ever, brilliant price and service.
Howard, UK.
The best and fastest service worldwide - I am in Australia and I put in a big order of books (14 items) on a Wednesday; it was sent on Friday and arrived at my doorstep early on Monday morning - amazing! All very securely packed in a very strong cardboard box. I have bought several times from Exotic India and the service is always exceptionally good. THANK YOU and NAMASTE!
Charles (Rudra)
I just wanted to say that this is I think my 3rd (big) order from you, and the last two times I received immaculate service, the books arrived well and it has been a very pleasant experience. Just wanted to say thanks for your efficient service.
Shantala, Belgium
Thank you so much EXOTIC INDIA for the wonderfull packaging!! I received my order today and it was gift wrapped with so much love and taste in a beautiful golden gift wrap and everything was neat and beautifully packed. Also my order came very fast... i am impressed! Besides selling fantastic items, you provide an exceptional customer service and i will surely purchase again from you! I am very glad and happy :) Thank you, Salma
Salma, Canada.
Artwork received today. Very pleased both with the product quality and speed of delivery. Many thanks for your help.
Carl, UK.
I wanted to let you know how happy we are with our framed pieces of Shree Durga and Shree Kali. Thank you and thank your framers for us. By the way, this month we offered a Puja and Yagna to the Ardhanarishwara murti we purchased from you last November. The Brahmin priest, Shree Vivek Godbol, who was visiting LA preformed the rites. He really loved our murti and thought it very paka. I am so happy to have found your site , it is very paka and trustworthy. Plus such great packing and quick shipping. Thanks for your service Vipin, it is a pleasure.
Gina, USA
My marble statue of Durga arrived today in perfect condition, it's such a beautiful statue. Thanks again for giving me a discount on it, I'm always very pleased with the items I order from you. You always have the best quality items.
Charles, Tennessee
TRUSTe
Language:
Currency:
All rights reserved. Copyright 2017 © Exotic India