Subscribe for Newsletters and Discounts
Be the first to receive our thoughtfully written
religious articles and product discounts.
Your interests (Optional)
This will help us make recommendations and send discounts and sale information at times.
By registering, you may receive account related information, our email newsletters and product updates, no more than twice a month. Please read our Privacy Policy for details.
.
By subscribing, you will receive our email newsletters and product updates, no more than twice a month. All emails will be sent by Exotic India using the email address info@exoticindia.com.

Please read our Privacy Policy for details.
|6
Your Cart (0)
Share our website with your friends.
Email this page to a friend
Books > Hindi > भागवत- कथा: The Story of The Bhagavat
Displaying 238 of 11186         Previous  |  NextSubscribe to our newsletter and discounts
भागवत- कथा: The Story of The Bhagavat
भागवत- कथा: The Story of The Bhagavat
Description

प्रकाशकीय

भारतवर्ष में शास्रग्रन्थों के बीच श्रीमद्भागवतमहापुराण सभी धर्मप्रिय मनुष्यों के हृदय में विशेष श्रद्धा के आसन पर प्रतिष्ठित है । भागवत में एक साथ ही इतिहास, पुराण, संस्कृति एवं अध्यात्मतत्त्वों के अद्भुत सम्मिलित भावों का समावेश है । सम्पूर्ण वेदशास्र मन्थन करके यह अवर्णनीय तत्वसार परमहंस संहिता श्रीमद्भागवत, व्यासदेव ने विश्व के चिन्तनशील और श्रद्धालु पाठकों को उपहार दिये हैं । श्रीमद्भागवतमहापुराण एक विशाल ग्रन्थ है, उसी ग्रन्थ में से प्रधान प्रधान विषयों को संक्षेप में लिपिबद्ध करके पूज्य श्रीमत् स्वामी गीतानन्दजी महाराज ने भागवत कथा ग्रन्थ के रूप में बंगला भाषा में प्रकाशित किये हैं । अध्यात्म मार्ग के पथिकों के लिए इसकी अत्यन्त उपयोगिता को देखते हुए, हम इसका हिन्दी अनुवाद आपके समक्ष प्रस्तुत कर रहे हैं । हमें पूर्ण विश्वास है कि यह अद्भुत भावमय पूज्य भागवत कथा सभी श्रद्धालु पाठकों को आध्यात्मिक चेतना प्रदान करेगी । उद्बोधन कार्यालय कोलकाता से बंगला भाषा में प्रकाशित भागवत कथा के द्वितीय संस्करण (चतुर्थ पुनर्मुद्रण) से सहज सरल हिन्दी में अनुवाद डॉ. केदारनाथ लाभजी ने बहुत परिश्रमपूर्वक किया है, इसके लिए हम, उन्हें हार्दिक शुभकामना एवं धन्यवाद ज्ञापित करते हैं । इस ग्रन्थ के संस्कृत श्लोकों का क्रम गीताप्रेस, गोरखपुर से संस्कृत में प्रकाशित श्रीमद्भागवतमहापुराणम् के तृतीय संस्करण के अनुसार रखा गया है ।

 

विषयसूची

(क)

ग्रन्थकार का निवेदन

5

(ख)

आमुख

7

1

प्राक्कथन

1

2

प्रथम तीन श्लोकों का वैशिष्टय

8

3

भागवत की रचना एवं शुकदेव को शिक्षादान

14

4

परीक्षित् को ब्रह्मशाप एवं शुकदेव का भागवत कथन

30

5

कुन्ती की कृष्ण स्तुति

45

6

भीष्म की कृष्ण स्तुति

48

7

विदुर उद्धव संवाद (क)

72

8

विदुर उद्धव संवाद (ख)

88

9

विदुर उद्धव संवाद (ग)

99

10

मैत्रेय विदुर संवाद

116

11

कपिल देवहूति संवाद

130

12

ध्रुव कथा

142

13

महाराज पृथु का उपाख्यान

156

14

प्रह्लाद चरित

170

15

श्रीकृष्ण की जन्मकथा

190

16

श्रीकृष्ण जन्म और कंस की मन्त्रणा

205

17

पूतना मोक्ष लीला

221

18

कृष्ण का नामकरण एवं उनकी मधुर बाल्यलीला

234

19

दाम बन्धन लीला

247

20

फल बेचनेवाली का फलदान

261

21

व्रजवासियों का गोकुल से वृन्दावन आगमन एवं कृष्ण की गोचारण लीला

267

22

अघासुर वध, ब्रह्म मोहन एवं कृष्णस्तुति

273

23

कालिय दमन

281

24

रासलीला (क)

295

25

रासलीला (ख)

312

26

रासलीला (ग)

323

27

कृष्ण बलराम का मथुरा गमन

335

28

कंस वध

348

29

उद्धव का व्रज गमन (क)

361

30

उद्धव का व्रज गमन (ख)

379

31

जरासन्ध एवं शिशुपाल का वध

404

32

सूर्यग्रहण के उपलक्ष में कुरुक्षेत्र में यादवों तथा गोपों का मिलन

420

33

नौ योगीन्द्र निमि संवाद

435

34

श्रीकृष्ण का स्वधाम गमन का संकल्प और अवधूत कथा

448

35

श्रीकृष्ण उद्धव संवाद

458

36

श्रीकृष्ण का लीला संवरण और परीक्षित् का देह त्याग

472

 

भागवत- कथा: The Story of The Bhagavat

Item Code:
HAA167
Cover:
Paperback
Edition:
2012
Publisher:
Language:
Sanskrit Text to Hindi Translation
Size:
8.5 inch X 5.5 inch
Pages:
480
Other Details:
Weight of the Book: 550 gms
Price:
$15.00   Shipping Free
Add to Wishlist
Send as e-card
Send as free online greeting card
भागवत- कथा: The Story of The Bhagavat

Verify the characters on the left

From:
Edit     
You will be informed as and when your card is viewed. Please note that your card will be active in the system for 30 days.

Viewed 1950 times since 13th May, 2017

प्रकाशकीय

भारतवर्ष में शास्रग्रन्थों के बीच श्रीमद्भागवतमहापुराण सभी धर्मप्रिय मनुष्यों के हृदय में विशेष श्रद्धा के आसन पर प्रतिष्ठित है । भागवत में एक साथ ही इतिहास, पुराण, संस्कृति एवं अध्यात्मतत्त्वों के अद्भुत सम्मिलित भावों का समावेश है । सम्पूर्ण वेदशास्र मन्थन करके यह अवर्णनीय तत्वसार परमहंस संहिता श्रीमद्भागवत, व्यासदेव ने विश्व के चिन्तनशील और श्रद्धालु पाठकों को उपहार दिये हैं । श्रीमद्भागवतमहापुराण एक विशाल ग्रन्थ है, उसी ग्रन्थ में से प्रधान प्रधान विषयों को संक्षेप में लिपिबद्ध करके पूज्य श्रीमत् स्वामी गीतानन्दजी महाराज ने भागवत कथा ग्रन्थ के रूप में बंगला भाषा में प्रकाशित किये हैं । अध्यात्म मार्ग के पथिकों के लिए इसकी अत्यन्त उपयोगिता को देखते हुए, हम इसका हिन्दी अनुवाद आपके समक्ष प्रस्तुत कर रहे हैं । हमें पूर्ण विश्वास है कि यह अद्भुत भावमय पूज्य भागवत कथा सभी श्रद्धालु पाठकों को आध्यात्मिक चेतना प्रदान करेगी । उद्बोधन कार्यालय कोलकाता से बंगला भाषा में प्रकाशित भागवत कथा के द्वितीय संस्करण (चतुर्थ पुनर्मुद्रण) से सहज सरल हिन्दी में अनुवाद डॉ. केदारनाथ लाभजी ने बहुत परिश्रमपूर्वक किया है, इसके लिए हम, उन्हें हार्दिक शुभकामना एवं धन्यवाद ज्ञापित करते हैं । इस ग्रन्थ के संस्कृत श्लोकों का क्रम गीताप्रेस, गोरखपुर से संस्कृत में प्रकाशित श्रीमद्भागवतमहापुराणम् के तृतीय संस्करण के अनुसार रखा गया है ।

 

विषयसूची

(क)

ग्रन्थकार का निवेदन

5

(ख)

आमुख

7

1

प्राक्कथन

1

2

प्रथम तीन श्लोकों का वैशिष्टय

8

3

भागवत की रचना एवं शुकदेव को शिक्षादान

14

4

परीक्षित् को ब्रह्मशाप एवं शुकदेव का भागवत कथन

30

5

कुन्ती की कृष्ण स्तुति

45

6

भीष्म की कृष्ण स्तुति

48

7

विदुर उद्धव संवाद (क)

72

8

विदुर उद्धव संवाद (ख)

88

9

विदुर उद्धव संवाद (ग)

99

10

मैत्रेय विदुर संवाद

116

11

कपिल देवहूति संवाद

130

12

ध्रुव कथा

142

13

महाराज पृथु का उपाख्यान

156

14

प्रह्लाद चरित

170

15

श्रीकृष्ण की जन्मकथा

190

16

श्रीकृष्ण जन्म और कंस की मन्त्रणा

205

17

पूतना मोक्ष लीला

221

18

कृष्ण का नामकरण एवं उनकी मधुर बाल्यलीला

234

19

दाम बन्धन लीला

247

20

फल बेचनेवाली का फलदान

261

21

व्रजवासियों का गोकुल से वृन्दावन आगमन एवं कृष्ण की गोचारण लीला

267

22

अघासुर वध, ब्रह्म मोहन एवं कृष्णस्तुति

273

23

कालिय दमन

281

24

रासलीला (क)

295

25

रासलीला (ख)

312

26

रासलीला (ग)

323

27

कृष्ण बलराम का मथुरा गमन

335

28

कंस वध

348

29

उद्धव का व्रज गमन (क)

361

30

उद्धव का व्रज गमन (ख)

379

31

जरासन्ध एवं शिशुपाल का वध

404

32

सूर्यग्रहण के उपलक्ष में कुरुक्षेत्र में यादवों तथा गोपों का मिलन

420

33

नौ योगीन्द्र निमि संवाद

435

34

श्रीकृष्ण का स्वधाम गमन का संकल्प और अवधूत कथा

448

35

श्रीकृष्ण उद्धव संवाद

458

36

श्रीकृष्ण का लीला संवरण और परीक्षित् का देह त्याग

472

 

Post a Comment
 
Post Review
Post a Query
For privacy concerns, please view our Privacy Policy

Related Items

Testimonials

Nice website..has a collection of rare books.
Srikanth
Beautiful products nicely presented and easy to use website
Amanda, UK.
I received my order, very very beautiful products. I hope to buy something more. Thank you!
Gulnora, Uzbekistan
Thank you very much for the courtesy you showed me for the time I buy my books. The last book is a good book. İt is important in terms of recognizing fine art of İndia.
Suzan, Turkey
Thank You very much Sir. I really like the saree and the blouse fit perfeact. Thank You again.
Sulbha, USA
I have received the parcel yesterday and the shiv-linga idol is sooo beautiful and u have exceeded my expectations...
Guruprasad, Bangalore
Yesterday I received my lost and through you again found order. Very quickly I must say !. Thank you and thank you again for your service. I am very happy with this double CD of Ustad Shujaat Husain Khan. I thought it was lost forever and now I can add it to my CD collection. I hope in the near future to buy again at your online shop. You have wonderful items to offer !
Joke van der Baars, the Netherlands
I recently ordered a hand embroidered stole. It was expensive and I was slightly worried about ordering it on line. It has arrived and is magnificent. I couldn't be happier, I will treasure this stole for ever. Thank you.
Jackie
Today Lord SIVA arrived well in Munich. Thank you for the save packing. Everything fine. Hari Om
Hermann, Munchen
Thank you very much for keeping such an exotic collection of Books. Keep going strong Exotic India!!!
Shweta, Germany
TRUSTe
Language:
Currency:
All rights reserved. Copyright 2017 © Exotic India