Subscribe for Newsletters and Discounts
Be the first to receive our thoughtfully written
religious articles and product discounts.
Your interests (Optional)
This will help us make recommendations and send discounts and sale information at times.
By registering, you may receive account related information, our email newsletters and product updates, no more than twice a month. Please read our Privacy Policy for details.
.
By subscribing, you will receive our email newsletters and product updates, no more than twice a month. All emails will be sent by Exotic India using the email address info@exoticindia.com.

Please read our Privacy Policy for details.
|6
Sign In  |  Sign up
Your Cart (0)
Best Deals
Shipping on All Items are Expected in 2-3 Weeks on account of the Coronavirus Pandemic
Share our website with your friends.
Email this page to a friend
Books > Hindi > आँवला: Amla
Subscribe to our newsletter and discounts
आँवला: Amla
आँवला: Amla
Description

पुस्तक के विषय में

दो शब्द

'आयुर्वेद विश्व की समस्त चिकित्सा-पद्धतिर्यो की जननी है 'आयुर्वेद चिकित्सा-पद्धति' भारतीय जनमानस में सदियों से रची-बसी हुई है। अन्यान्य चिकित्सा-पद्धतियों की अपेक्षा यह काफी आसान एवं सुलभ भी है। आयुर्वेद महर्षियों ने हजारों वर्ष पूर्व स्वास्थ्य विषयक जो सूचनाएँ दी थी, वे आज भी वैज्ञानिक कसौटियों पर खरी उतर रही हैं। यकीनन आज भी प्राचीन भारतीय वाङ्मय बौद्धिक आध्यात्मिक एवं वैचारिक दृष्टि से विश्व में प्रमुख स्थान रखता है। भारतीय जड़ी-बूटियों से निर्मित उत्पादों की विदेशों में निर्यात दर दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। आयुर्वेद में 'आँवले को रसान गुणों से युक्त फल कहा गया है।

'आँवला' आयुर्वेद की और से पीड़ित मानवता के लिए दिया गया एक अनूठा उपहार है। यह एक ऐसा फल है जो विटामिन- 'सी' की उच्च मात्रा से सराबोर है। आहार विशेषज्ञों के अनुसार दिमाग के विविध कार्यों के सुचारु सम्पादन में विटामिन- 'सी' की महत्त्वपूर्णभूमिका होती है। अर्वचीन आहार विशेषज्ञों का यह भी मानना है कि हमें 'नॉन एथरोजीनिक' आहार द्रव्यों का सेवन करना चाहिए, जिसके अन्तर्गत विविध फल-तरकारिर्यो गिरिदार फलों कन्द मूल तथा शाकाहार का समावेश किया गया है। आँवला भी इसका बेहतरीन उदाहरण है। आँवले में पाई जाने वाली विटामिन- 'सी' की उच्च मात्रा से मस्तिष्क में 'सेरिटॉनिन' नामक रसायन की उत्पत्ति होती है,जिसमें सुगमतापूर्वक नींद आती है और भावनाएँ भी सकारात्मक हो जाती हैं।

भारतीय धर्म-शास्त्रों में भी 'आँवले' का महत्व पहचानते हुए इस वृक्ष की पूजा करने का विधान किया गया है।

प्रसंगवश हमें सर्वपल्ली डॉ. राधाकृष्णन के विचारों से अवगत होना चाहिए- "आयुर्वेद एक निर्दोष चिकित्सा-पद्धति है यह केवल व्याधियों का विज्ञान होकर समग्र स्वास्थ्य का विज्ञान है यह मनुष्य मात्र को दीर्घजीवी बनाता है प्राचीन अनुभव आयुर्वेद का है, उतना किती अन्य चिकित्सा-पद्धति का नहीं।"

सुप्रसिद्ध फ्रांसीसी विद्वान् चार्ल्स डेलोन भी लिखते हैं-''भारतीयों ने अपने लम्बे अनुभव और अध्ययन से अनेकानेक बीमारियों की जड़ पकड़ने में जो सफलता हासित की है वह इस देश की जलवायु में इलाज का सर्वश्रेष्ठ माध्यम तो है ही साथ ही विदेशी चिकित्सकों को भी इसका लाभ उठाना चाहिए। आँवले से बनने वाले च्यवनप्राश इत्यादि औषधियाँ दुनियाभर में सराही जा रही हैं। स्वास्थ्य संरक्षण के लिए आँवले जैसा अनुपम फल अभी तक अनुपलब्ध है।

प्रस्तुत पुस्तक में आँवले से सम्बन्धित शास्त्रीय एवं प्रामाणिक जानकारियाँ दी गई हैं। चूँकि पुस्तक जनसाधारण के लिए लिखी गई है, इसलिए आयुर्वेद के जटिल शब्दों क्रो यथासम्भव आसान बनाते हुए पाठकों के लिए बोधगम्य बनाने का प्रयास किया गया है। स्थान-स्थान पर आयुर्वेदीय ग्रंथों के मूल सन्दर्भ भी दिए गए हैं, जिनके कारण विशेषज्ञों की भी पुस्तक-पठन में रुचि बनी रहेगी। आँवले से सम्बन्धित प्राचीनतम सूचनाओं के साथ-साथ आँवले से सम्बन्धित नवीनतम अनुसन्धानों को भी पुस्तक में स्थान-स्थान पर सन्दर्भित किया गया है आशा है कि इस पुस्तक से पाठकों को अपना स्वास्थ्य बनाने में मदद मिलेगी। ऐसे नुस्खों अथवा प्रयोगों को पुस्तक में सम्मिलित नहीं किया गया है, जो आम पाठक के लिए कठिन एवं समझ से परे हों। आपके दीर्घ एवं स्वस्थ्य जीवन की मंगल कामनाओं के साथ।

लेखक परिचय

जन्म: 6 अक्टूबर, 1969

शैक्षणिक योग्यताएँ: आयुर्वेदाचार्य (राजस्थान विश्वविद्यालय, राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान, जयपुर सन् 1994) आयुर्वेद वाचस्पति (एम. डी. आयुर्वेद) गुजरात आयुर्वेद विश्वविद्यालय, जामनगर सन् 1999

सम्प्रत्ति: हिमाचल प्रदेश के शिमला जिले में 'गवर्नमेन्ट आयुर्वेदिक मेडिकल ऑफीसर' पद पर सेवारत (1999 से)

प्रकाशन: फलों से स्वास्थ्य सम्वर्धन (राजस्थान प्रकाशन, जयपुर से 1999 में) फूलों से स्वास्थ्य एवं सौन्दर्य (पूर्ववत्) जीवनदायिनी हरड़ (पापुलर बुक डिपो, जयपुर 2014 में) कादम्बिनी, दैनिक हिन्दुस्तान (नई दिल्ली) राजस्थान पत्रिका (जयपुर, अहमदाबाद), इतवारी पत्रिका (जयपुर), नवभारत टाइम्स (नई दिल्ली), मुक्ता (दिल्ली -प्रेस), राष्ट्रीय सहारा (नई दिल्ली), दैनिक जागरण, नवनीत (मुम्बई), गृहगोभा, मेरी सहेली (मुम्बई), तीज (पूना-महाराष्ट्र), गृहलक्ष्मी, भारतीय गृहदेवी, आयु (जामनगर), अरुणप्रभा (अलवर), हैल्थ और न्यूटीशन (मुम्बई), दैनिक नवज्योति (जयपुर), विकास (डाबर), मातृ-वंदना (शिमला), गिरिराज (शिमला) धर्मयुग ( टाईम्स ऑफ इण्डिया), जनसत्ता (नई दिल्ली) इत्यादि राष्ट्रीय हिन्दी पत्र एवं पत्रिकाओं में हजारों स्वास्थ्य विषयक सचित्र आलेख प्रकाशित।

विशेष: आकाशवाणी के अलवर एवं राजकोट (गुजरात) केन्द्रों से सन् 1995 से स्वास्थ्य विषयक अनेक वार्त्ताएँ प्रसारित हुई। वर्तमान में शिमला-दूरदर्शन से प्रसारित स्वास्थ्य कार्यक्रमों में आयुर्वेद विशेषज्ञ के रूप में प्रस्तुति।

 

विषय-सूची

1

आँवला: एक परिचय

1

2

वनस्पतिक परिचय

 

3

विभिन्न भाषाओं में आँवले के नाम

2

4

आँवला रसायन है

3

5

केवलामलक रसायन

4

6

आधुनिक दृष्टिकोण से आँवले में पाए

 

7

जाने वाले तत्त्वों का विश्लेषण

4

8

आयुर्वेद और आँवला

5

9

चरक संहिता में बताए गए आँवले

 

10

के गुण

6

11

विटामिन- 'सी ' और आँवला

7

12

दही और आँवला

10

13

स्वस्थ्य स्वास्थ्य रक्षण

10

14

सूखे हुए आँवले के गुण

11

15

भोजन और आँवला

12

16

दूध के साथ आँवला लिया जाए

 

17

या नहीं?

12

18

आँवला और हरड़ के गुणों में

 

19

अन्तर?

13

20

आँवला सेवन निषेध

19

21

राजा भोज द्वारा कही गई आँवले की

 

22

महिमा

19

23

आँवला और पंडित मदनमोहन

 

24

मालवीय के अनुभव

14

25

भारतीय लोक-कहावतों में आँवला

 

26

तथा उसके सेवन से होने वाले लाभ

14

27

धार्मिक दृष्टिकोण और आँवला

16

28

विविध संस्थानगत रोगों में आँवले के

 

29

उपयोग

17

30

आँखों के विकार और आँवला

 

31

आयुर्वेद महर्षि सुश्रुत के अनुसार नेत्र रोगों

 

32

के विविध कारण

18

33

नेत्र ज्योति दुर्बलता

19

34

नेत्रों के सम्पूर्ण स्वास्थ्य के लिए

 

35

प्रयोग '

19

36

वायु, पित्त और कफ सम्बन्धी नेत्र

 

37

रोगों पर ताजा आँवलों के रस का

 

38

प्रयोग

20

39

आँखों की धुँध पर

20

40

आँखों के फूले पर

20

41

एक विशिष्ट प्रयोग

20

42

यौन सम्बन्धी

 

43

यौन विकार और आँवला

21

44

वीर्य पैदा करने वाले तथा वीर्य को

 

45

प्रवृत्त करने वाले द्रव्य

22

46

वीर्य-पुष्टिकर दूसरा प्रयोग

22

47

वीर्यरक्षक चूर्ण

22

48

आयुर्वेदीय विश्वकोष में आँवला

23

49

बालों के विकारों पर आँवला

 

50

केशकल्प-1

24

51

केशकल्प-2

24

52

केशकल्प-3

24

53

केशकल्प-4

24

54

केशकल्प-5

24

55

'बालों के सम्पूर्ण स्वास्थ्य के लिए

 

56

अन्यान्य उपयोगी उपाय

25

57

आँवले का विशेष प्रयोग

25

58

आँवले का तेल

25

आँवला: Amla

Item Code:
NZA779
Cover:
Paperback
Edition:
2013
Publisher:
ISBN:
9788186098806
Language:
Hindi
Size:
8.5 inch X 5.5 inch
Pages:
64
Other Details:
Weight of the Book:140 gms
Price:
$11.00   Shipping Free
Shipping expected in 2 to 3 weeks
Add to Wishlist
Send as e-card
Send as free online greeting card
आँवला: Amla

Verify the characters on the left

From:
Edit     
You will be informed as and when your card is viewed. Please note that your card will be active in the system for 30 days.

Viewed 3209 times since 11th Apr, 2014

पुस्तक के विषय में

दो शब्द

'आयुर्वेद विश्व की समस्त चिकित्सा-पद्धतिर्यो की जननी है 'आयुर्वेद चिकित्सा-पद्धति' भारतीय जनमानस में सदियों से रची-बसी हुई है। अन्यान्य चिकित्सा-पद्धतियों की अपेक्षा यह काफी आसान एवं सुलभ भी है। आयुर्वेद महर्षियों ने हजारों वर्ष पूर्व स्वास्थ्य विषयक जो सूचनाएँ दी थी, वे आज भी वैज्ञानिक कसौटियों पर खरी उतर रही हैं। यकीनन आज भी प्राचीन भारतीय वाङ्मय बौद्धिक आध्यात्मिक एवं वैचारिक दृष्टि से विश्व में प्रमुख स्थान रखता है। भारतीय जड़ी-बूटियों से निर्मित उत्पादों की विदेशों में निर्यात दर दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। आयुर्वेद में 'आँवले को रसान गुणों से युक्त फल कहा गया है।

'आँवला' आयुर्वेद की और से पीड़ित मानवता के लिए दिया गया एक अनूठा उपहार है। यह एक ऐसा फल है जो विटामिन- 'सी' की उच्च मात्रा से सराबोर है। आहार विशेषज्ञों के अनुसार दिमाग के विविध कार्यों के सुचारु सम्पादन में विटामिन- 'सी' की महत्त्वपूर्णभूमिका होती है। अर्वचीन आहार विशेषज्ञों का यह भी मानना है कि हमें 'नॉन एथरोजीनिक' आहार द्रव्यों का सेवन करना चाहिए, जिसके अन्तर्गत विविध फल-तरकारिर्यो गिरिदार फलों कन्द मूल तथा शाकाहार का समावेश किया गया है। आँवला भी इसका बेहतरीन उदाहरण है। आँवले में पाई जाने वाली विटामिन- 'सी' की उच्च मात्रा से मस्तिष्क में 'सेरिटॉनिन' नामक रसायन की उत्पत्ति होती है,जिसमें सुगमतापूर्वक नींद आती है और भावनाएँ भी सकारात्मक हो जाती हैं।

भारतीय धर्म-शास्त्रों में भी 'आँवले' का महत्व पहचानते हुए इस वृक्ष की पूजा करने का विधान किया गया है।

प्रसंगवश हमें सर्वपल्ली डॉ. राधाकृष्णन के विचारों से अवगत होना चाहिए- "आयुर्वेद एक निर्दोष चिकित्सा-पद्धति है यह केवल व्याधियों का विज्ञान होकर समग्र स्वास्थ्य का विज्ञान है यह मनुष्य मात्र को दीर्घजीवी बनाता है प्राचीन अनुभव आयुर्वेद का है, उतना किती अन्य चिकित्सा-पद्धति का नहीं।"

सुप्रसिद्ध फ्रांसीसी विद्वान् चार्ल्स डेलोन भी लिखते हैं-''भारतीयों ने अपने लम्बे अनुभव और अध्ययन से अनेकानेक बीमारियों की जड़ पकड़ने में जो सफलता हासित की है वह इस देश की जलवायु में इलाज का सर्वश्रेष्ठ माध्यम तो है ही साथ ही विदेशी चिकित्सकों को भी इसका लाभ उठाना चाहिए। आँवले से बनने वाले च्यवनप्राश इत्यादि औषधियाँ दुनियाभर में सराही जा रही हैं। स्वास्थ्य संरक्षण के लिए आँवले जैसा अनुपम फल अभी तक अनुपलब्ध है।

प्रस्तुत पुस्तक में आँवले से सम्बन्धित शास्त्रीय एवं प्रामाणिक जानकारियाँ दी गई हैं। चूँकि पुस्तक जनसाधारण के लिए लिखी गई है, इसलिए आयुर्वेद के जटिल शब्दों क्रो यथासम्भव आसान बनाते हुए पाठकों के लिए बोधगम्य बनाने का प्रयास किया गया है। स्थान-स्थान पर आयुर्वेदीय ग्रंथों के मूल सन्दर्भ भी दिए गए हैं, जिनके कारण विशेषज्ञों की भी पुस्तक-पठन में रुचि बनी रहेगी। आँवले से सम्बन्धित प्राचीनतम सूचनाओं के साथ-साथ आँवले से सम्बन्धित नवीनतम अनुसन्धानों को भी पुस्तक में स्थान-स्थान पर सन्दर्भित किया गया है आशा है कि इस पुस्तक से पाठकों को अपना स्वास्थ्य बनाने में मदद मिलेगी। ऐसे नुस्खों अथवा प्रयोगों को पुस्तक में सम्मिलित नहीं किया गया है, जो आम पाठक के लिए कठिन एवं समझ से परे हों। आपके दीर्घ एवं स्वस्थ्य जीवन की मंगल कामनाओं के साथ।

लेखक परिचय

जन्म: 6 अक्टूबर, 1969

शैक्षणिक योग्यताएँ: आयुर्वेदाचार्य (राजस्थान विश्वविद्यालय, राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान, जयपुर सन् 1994) आयुर्वेद वाचस्पति (एम. डी. आयुर्वेद) गुजरात आयुर्वेद विश्वविद्यालय, जामनगर सन् 1999

सम्प्रत्ति: हिमाचल प्रदेश के शिमला जिले में 'गवर्नमेन्ट आयुर्वेदिक मेडिकल ऑफीसर' पद पर सेवारत (1999 से)

प्रकाशन: फलों से स्वास्थ्य सम्वर्धन (राजस्थान प्रकाशन, जयपुर से 1999 में) फूलों से स्वास्थ्य एवं सौन्दर्य (पूर्ववत्) जीवनदायिनी हरड़ (पापुलर बुक डिपो, जयपुर 2014 में) कादम्बिनी, दैनिक हिन्दुस्तान (नई दिल्ली) राजस्थान पत्रिका (जयपुर, अहमदाबाद), इतवारी पत्रिका (जयपुर), नवभारत टाइम्स (नई दिल्ली), मुक्ता (दिल्ली -प्रेस), राष्ट्रीय सहारा (नई दिल्ली), दैनिक जागरण, नवनीत (मुम्बई), गृहगोभा, मेरी सहेली (मुम्बई), तीज (पूना-महाराष्ट्र), गृहलक्ष्मी, भारतीय गृहदेवी, आयु (जामनगर), अरुणप्रभा (अलवर), हैल्थ और न्यूटीशन (मुम्बई), दैनिक नवज्योति (जयपुर), विकास (डाबर), मातृ-वंदना (शिमला), गिरिराज (शिमला) धर्मयुग ( टाईम्स ऑफ इण्डिया), जनसत्ता (नई दिल्ली) इत्यादि राष्ट्रीय हिन्दी पत्र एवं पत्रिकाओं में हजारों स्वास्थ्य विषयक सचित्र आलेख प्रकाशित।

विशेष: आकाशवाणी के अलवर एवं राजकोट (गुजरात) केन्द्रों से सन् 1995 से स्वास्थ्य विषयक अनेक वार्त्ताएँ प्रसारित हुई। वर्तमान में शिमला-दूरदर्शन से प्रसारित स्वास्थ्य कार्यक्रमों में आयुर्वेद विशेषज्ञ के रूप में प्रस्तुति।

 

विषय-सूची

1

आँवला: एक परिचय

1

2

वनस्पतिक परिचय

 

3

विभिन्न भाषाओं में आँवले के नाम

2

4

आँवला रसायन है

3

5

केवलामलक रसायन

4

6

आधुनिक दृष्टिकोण से आँवले में पाए

 

7

जाने वाले तत्त्वों का विश्लेषण

4

8

आयुर्वेद और आँवला

5

9

चरक संहिता में बताए गए आँवले

 

10

के गुण

6

11

विटामिन- 'सी ' और आँवला

7

12

दही और आँवला

10

13

स्वस्थ्य स्वास्थ्य रक्षण

10

14

सूखे हुए आँवले के गुण

11

15

भोजन और आँवला

12

16

दूध के साथ आँवला लिया जाए

 

17

या नहीं?

12

18

आँवला और हरड़ के गुणों में

 

19

अन्तर?

13

20

आँवला सेवन निषेध

19

21

राजा भोज द्वारा कही गई आँवले की

 

22

महिमा

19

23

आँवला और पंडित मदनमोहन

 

24

मालवीय के अनुभव

14

25

भारतीय लोक-कहावतों में आँवला

 

26

तथा उसके सेवन से होने वाले लाभ

14

27

धार्मिक दृष्टिकोण और आँवला

16

28

विविध संस्थानगत रोगों में आँवले के

 

29

उपयोग

17

30

आँखों के विकार और आँवला

 

31

आयुर्वेद महर्षि सुश्रुत के अनुसार नेत्र रोगों

 

32

के विविध कारण

18

33

नेत्र ज्योति दुर्बलता

19

34

नेत्रों के सम्पूर्ण स्वास्थ्य के लिए

 

35

प्रयोग '

19

36

वायु, पित्त और कफ सम्बन्धी नेत्र

 

37

रोगों पर ताजा आँवलों के रस का

 

38

प्रयोग

20

39

आँखों की धुँध पर

20

40

आँखों के फूले पर

20

41

एक विशिष्ट प्रयोग

20

42

यौन सम्बन्धी

 

43

यौन विकार और आँवला

21

44

वीर्य पैदा करने वाले तथा वीर्य को

 

45

प्रवृत्त करने वाले द्रव्य

22

46

वीर्य-पुष्टिकर दूसरा प्रयोग

22

47

वीर्यरक्षक चूर्ण

22

48

आयुर्वेदीय विश्वकोष में आँवला

23

49

बालों के विकारों पर आँवला

 

50

केशकल्प-1

24

51

केशकल्प-2

24

52

केशकल्प-3

24

53

केशकल्प-4

24

54

केशकल्प-5

24

55

'बालों के सम्पूर्ण स्वास्थ्य के लिए

 

56

अन्यान्य उपयोगी उपाय

25

57

आँवले का विशेष प्रयोग

25

58

आँवले का तेल

25

Post a Comment
 
Post Review
Post a Query
For privacy concerns, please view our Privacy Policy
Based on your browsing history
Loading... Please wait

Items Related to आँवला: Amla (Hindi | Books)

Dravyaguna Vijnana
Item Code: NAC031
$43.00
Add to Cart
Buy Now
Fruits
Item Code: NAK338
$21.00
Add to Cart
Buy Now
Secrets of Indian Herbs for Good Health
by Acharya Balkrishna
Paperback (Edition: 2008)
Divya Prakashan
Item Code: NAF282
$52.00
Add to Cart
Buy Now
Text Book of Rasa Sastra
Item Code: IDJ045
$42.50
Add to Cart
Buy Now
RASA-PANCHAKA: (Ayurvedic Principles of Drug-Action)
by Dr. S. C. Dhyani
Paperback (Edition: 2003)
Chowkhamba Krishnadas Academy
Item Code: IDG226
$16.50
Add to Cart
Buy Now
Green Remedies Healing Power of Herbs
by Dr. Suresh Babu
Paperback (Edition: 2017)
Pustak Mahal
Item Code: IDF209
$31.00
Add to Cart
Buy Now
Home Remedies
by Sri Swami Sivananda
Paperback (Edition: 2011)
The Divine Life Society
Item Code: IDL082
$15.00
Add to Cart
Buy Now
Testimonials
I have received my parcel from postman. Very good service. So, Once again heartfully thank you so much to Exotic India.
Parag, India
My previous purchasing order has safely arrived. I'm impressed. My trust and confidence in your business still firmly, highly maintained. I've now become your regular customer, and looking forward to ordering some more in the near future.
Chamras, Thailand
Excellent website with vast variety of goods to view and purchase, especially Books and Idols of Hindu Deities are amongst my favourite. Have purchased many items over the years from you with great expectation and pleasure and received them promptly as advertised. A Great admirer of goods on sale on your website, will definately return to purchase further items in future. Thank you Exotic India.
Ani, UK
Thank you for such wonderful books on the Divine.
Stevie, USA
I have bought several exquisite sculptures from Exotic India, and I have never been disappointed. I am looking forward to adding this unusual cobra to my collection.
Janice, USA
My statues arrived today ….they are beautiful. Time has stopped in my home since I have unwrapped them!! I look forward to continuing our relationship and adding more beauty and divinity to my home.
Joseph, USA
I recently received a book I ordered from you that I could not find anywhere else. Thank you very much for being such a great resource and for your remarkably fast shipping/delivery.
Prof. Adam, USA
Thank you for your expertise in shipping as none of my Buddhas have been damaged and they are beautiful.
Roberta, Australia
Very organized & easy to find a product website! I have bought item here in the past & am very satisfied! Thank you!
Suzanne, USA
This is a very nicely-done website and shopping for my 'Ashtavakra Gita' (a Bangla one, no less) was easy. Thanks!
Shurjendu, USA
Language:
Currency:
All rights reserved. Copyright 2020 © Exotic India