Subscribe for Newsletters and Discounts
Be the first to receive our thoughtfully written
religious articles and product discounts.
Your interests (Optional)
This will help us make recommendations and send discounts and sale information at times.
By registering, you may receive account related information, our email newsletters and product updates, no more than twice a month. Please read our Privacy Policy for details.
.
By subscribing, you will receive our email newsletters and product updates, no more than twice a month. All emails will be sent by Exotic India using the email address info@exoticindia.com.

Please read our Privacy Policy for details.
|6
Sign In  |  Sign up
Your Cart (0)
Best Deals
Share our website with your friends.
Email this page to a friend
Books > Hindu > हिन्दी > क्षमा करो, सुखी रहो: Forgive and Be Happy
Subscribe to our newsletter and discounts
क्षमा करो, सुखी रहो: Forgive and Be Happy
Pages from the book
क्षमा करो, सुखी रहो: Forgive and Be Happy
Look Inside the Book
Description

पुस्तक के बारे में

"मनुष्य से गलती होती है और उसे क्षमा करना दिव्यता है" ये एक प्रसिद्ध कहावत है। अगर आप में कभी अपने अंदर की दिव्यता का बोध करने की इच्छा जागी है, तो आपको इधर-उधर भटकने की जरूरत नहीं है। दादा जे. पी. वासवानी की इस प्रभावशाली पुस्तक के पृष्ठों से आप क्षमाशीलता के जादू में निपुण होने के तरीके सीख सकते हैं।

क्षमाशीलता क्या है? हम किसी को क्षमा क्यों करें? किर तरह क्षमाशीलता हमें शक्ति देती है, हमें राहत देती है और अतीत को भुलाकर, हमें नया जीवन जीने में मदद करती है?

इन प्रश्नों व अन्य कई प्रश्नों के उत्तर इसमें दिए गए हैं। दादा जे.पी. वासवानी का मानव-स्वभाव का ज्ञान बड़ा गहरा है और साथ ही वे करुणाशील व तटस्थ हैं। वे हमें सिखाते हैं कि किस तरह शालीनता से क्षमा माँगनी चाहिए; किस तरह उदारता से क्षमा करना चाहिए, बिगड़े हुए रिश्तों को किस तरह फिर से बनाना चाहिए, बैर व कटुता को कैसे मिटाना चाहिए; और ज़रूरत पड़ने पर हमें स्वयं को कैसे क्षमा करना चाहिए; और सबसे बढ़कर किसी को क्षमा करके कैसे भूल जाना चाहिए।

 

विषय सूची

1

क्रोध से क्रोध समाप्त नहीं होता

7

2

हम क्षमा क्यों करें?

15

3

क्षमाशीलता क्या है?

24

4

क्षमाशीलता स्व-इच्छा का काम है

28

5

क्षमाशीलता दिव्यता है

36

6

क्षमाशीलता शक्ति है

39

7

क्षमाशीलता आपको स्वस्थ कर सकती है

42

8

अतीत को दफना दो

56

9

ईश्वर ने जो भुला दिया, उसे आप भी भुला दीजिए

61

10

दुःखदायी बातों को भूलना सीखें

65

11

क्षमाशीलता की चार अवस्थाएँ

67

12

शालीनता से क्षमा माँगना

71

13

रिश्तों को कायम रखना

75

14

क्षमाशीलता को व्यवहार में लाएँ

78

15

महान लोगों की साक्षी

80

16

व्यावहारिक सुझाव नं:1

89

17

व्यावहारिक सुझाव नं:2

94

18

व्यावहारिक सुझाव नं:3

101

19

व्यावहारिक सुझाव नं:4

106

20

व्यावहारिक सुझाव नं:5

111

21

व्यावहारिक सुझाव नं:6

116

22

व्यावहारिक सुझाव नं:7

124

23

व्यावहारिक सुझाव नं:8

129

24

व्यावहारिक सुझाव नं:9

132

क्षमा करो, सुखी रहो: Forgive and Be Happy

Item Code:
NZA935
Cover:
Paperback
Edition:
2013
ISBN:
9788120784321
Language:
Hindi
Size:
8.5 inch X 5.5 inch
Pages:
144
Other Details:
Weight of the Book: 180 gms
Price:
$15.00   Shipping Free
Look Inside the Book
Add to Wishlist
Send as e-card
Send as free online greeting card
क्षमा करो, सुखी रहो: Forgive and Be Happy

Verify the characters on the left

From:
Edit     
You will be informed as and when your card is viewed. Please note that your card will be active in the system for 30 days.

Viewed 2683 times since 27th May, 2014

पुस्तक के बारे में

"मनुष्य से गलती होती है और उसे क्षमा करना दिव्यता है" ये एक प्रसिद्ध कहावत है। अगर आप में कभी अपने अंदर की दिव्यता का बोध करने की इच्छा जागी है, तो आपको इधर-उधर भटकने की जरूरत नहीं है। दादा जे. पी. वासवानी की इस प्रभावशाली पुस्तक के पृष्ठों से आप क्षमाशीलता के जादू में निपुण होने के तरीके सीख सकते हैं।

क्षमाशीलता क्या है? हम किसी को क्षमा क्यों करें? किर तरह क्षमाशीलता हमें शक्ति देती है, हमें राहत देती है और अतीत को भुलाकर, हमें नया जीवन जीने में मदद करती है?

इन प्रश्नों व अन्य कई प्रश्नों के उत्तर इसमें दिए गए हैं। दादा जे.पी. वासवानी का मानव-स्वभाव का ज्ञान बड़ा गहरा है और साथ ही वे करुणाशील व तटस्थ हैं। वे हमें सिखाते हैं कि किस तरह शालीनता से क्षमा माँगनी चाहिए; किस तरह उदारता से क्षमा करना चाहिए, बिगड़े हुए रिश्तों को किस तरह फिर से बनाना चाहिए, बैर व कटुता को कैसे मिटाना चाहिए; और ज़रूरत पड़ने पर हमें स्वयं को कैसे क्षमा करना चाहिए; और सबसे बढ़कर किसी को क्षमा करके कैसे भूल जाना चाहिए।

 

विषय सूची

1

क्रोध से क्रोध समाप्त नहीं होता

7

2

हम क्षमा क्यों करें?

15

3

क्षमाशीलता क्या है?

24

4

क्षमाशीलता स्व-इच्छा का काम है

28

5

क्षमाशीलता दिव्यता है

36

6

क्षमाशीलता शक्ति है

39

7

क्षमाशीलता आपको स्वस्थ कर सकती है

42

8

अतीत को दफना दो

56

9

ईश्वर ने जो भुला दिया, उसे आप भी भुला दीजिए

61

10

दुःखदायी बातों को भूलना सीखें

65

11

क्षमाशीलता की चार अवस्थाएँ

67

12

शालीनता से क्षमा माँगना

71

13

रिश्तों को कायम रखना

75

14

क्षमाशीलता को व्यवहार में लाएँ

78

15

महान लोगों की साक्षी

80

16

व्यावहारिक सुझाव नं:1

89

17

व्यावहारिक सुझाव नं:2

94

18

व्यावहारिक सुझाव नं:3

101

19

व्यावहारिक सुझाव नं:4

106

20

व्यावहारिक सुझाव नं:5

111

21

व्यावहारिक सुझाव नं:6

116

22

व्यावहारिक सुझाव नं:7

124

23

व्यावहारिक सुझाव नं:8

129

24

व्यावहारिक सुझाव नं:9

132

Post a Comment
 
Post Review
Post a Query
For privacy concerns, please view our Privacy Policy
Based on your browsing history
Loading... Please wait

Items Related to क्षमा करो, सुखी रहो: Forgive and Be... (Hindu | Books)

The Miracle of Forgiving (70 Remarkable Stories of Love and Forgiveness)
by J.P.Vaswani
Paperback (Edition: 2012)
Gita Publishing House, Pune
Item Code: NAF417
$10.00
Add to Cart
Buy Now
Forgiveness Between Memory and History
Item Code: NAM405
$15.00
Add to Cart
Buy Now
The Bhagavad Gita
Paperback (Edition: 1962)
Penguin Books India
Item Code: IHL371
$10.50
Add to Cart
Buy Now
19th Akshauhini: Algorithm of the Gita
by Haribhakt & Vashnavi
PAPERBACK (Edition: 2016)
Notion Press
Item Code: NAQ520
$30.00
Add to Cart
Buy Now
Vidura Niti (Mahabharata - Udyogaparva)
Paperback (Edition: 2015)
Gita Press, Gorakhpur
Item Code: NAL025
$7.00
Add to Cart
Buy Now
Burn Anger Before Anger Burns You
by J. P. Vaswani
Paperback (Edition: 2001)
Gita Publishing House, Pune
Item Code: NAH499
$30.00
Add to Cart
Buy Now
Sri Navadvipa Parikrama
Item Code: NAN440
$30.00
Add to Cart
Buy Now
In Divine Friendship (Letters of Counsel and Reflection)
Item Code: NAF624
$30.00
Add to Cart
Buy Now
Viduranitih
by Dr. Urmila Rustagi
HARDCOVER (Edition: 2009)
J.P. Publishing House
Item Code: NAR644
$25.00
Add to Cart
Buy Now
Testimonials
Awesome collection! Certainly will recommend this site to friends and relatives. Appreciate quick delivery.
Sunil, UAE
Thank you so much, I'm honoured and grateful to receive such a beautiful piece of art of Lakshmi. Please congratulate the artist for his incredible artwork. Looking forward to receiving her on Haida Gwaii, Canada. I live on an island, surrounded by water, and feel Lakshmi's present all around me.
Kiki, Canada
Nice package, same as in Picture very clean written and understandable, I just want to say Thank you Exotic India Jai Hind.
Jeewan, USA
I received my order today. When I opened the FedEx packet, I did not expect to find such a perfectly wrapped package. The book has arrived in pristine condition and I am very impressed by your excellent customer service. It was my pleasure doing business with you and I look forward to many more transactions with your company. Again, many thanks for your fantastic customer service! Keep up the good work.
Sherry, Canada
I received the package today... Wonderfully wrapped and packaged (beautiful statue)! Please thank all involved for everything they do! I deeply appreciate everyone's efforts!
Frances, USA
I have always been delighted with your excellent service and variety of items.
James, USA
I've been happy with prior purchases from this site!
Priya, USA
Thank you. You are providing an excellent and unique service.
Thiru, UK
Thank You very much for this wonderful opportunity for helping people to acquire the spiritual treasures of Hinduism at such an affordable price.
Ramakrishna, Australia
I really LOVE you! Wonderful selections, prices and service. Thank you!
Tina, USA
Language:
Currency:
All rights reserved. Copyright 2019 © Exotic India