Subscribe for Newsletters and Discounts
Be the first to receive our thoughtfully written
religious articles and product discounts.
Your interests (Optional)
This will help us make recommendations and send discounts and sale information at times.
By registering, you may receive account related information, our email newsletters and product updates, no more than twice a month. Please read our Privacy Policy for details.
.
By subscribing, you will receive our email newsletters and product updates, no more than twice a month. All emails will be sent by Exotic India using the email address info@exoticindia.com.

Please read our Privacy Policy for details.
|6
Sign In  |  Sign up
Your Cart (0)
Share our website with your friends.
Email this page to a friend
Books > Language and Literature > हिन्दी साहित्य > आधा गाँव: The Half Village
Displaying 1 of 4550         Previous  |  NextSubscribe to our newsletter and discounts
आधा गाँव:  The Half Village
आधा गाँव: The Half Village
Description

पुस्तक परिचय

हिन्दी का शायद यह पहला उपन्यास है जिसमें शिया मुसलमानों तथा संबद्ध लोगों का ग्रामीण जीवन अपने समग्र यथार्थ में पूरी तीव्रता के साथ सामने आता है ।

आधा गाँव, यानी गंगौली । जिला ग़ाज़ीपुर (उत्तर प्रदेश) । काल परिप्रेक्ष्य 1947, स्वाधीनता के समय होनेवाला देश विभाजन । गंगौली मुस्लिम बहुल गाँव है और यह उपन्यास है इस गाँव के मुसलमानों का बेपर्द जीवन यथार्थ । पूरी तरह सच, बेबाक और धारदार । पाकिस्तान बनते समय मुसलमानों की विविध मनस्थितियों, हिन्दुओं के साथ उनके सहज आत्मीय संबंधों तथा द्वंद्वमूलक अनुभवों का अविस्मरणीय शब्दांकन । सांप्रदायिकता के खिलाफ़ एक ऐसा सृजनात्मक प्रहार, जो दुनिया में कहीं भी राष्ट्रीयता ही के हक़ में जाता है ।लेखकीय चिंता सार्वजनीन है कि गंगौली में अगर गगौलीवाले कम तथा सुन्नी और शिया और हिन्दू ज्यादा दिखाई देने लगें, तो गंगौली का क्या होगा? दूसरे शब्दों में, गंगौली को यदि भारत मान लिया जाए तो भारत का क्या होगा? भारतीय कौन होंगे? अपनी वस्तुगत चिंताओं, गतिशील रचनाशिल्प, आचलिक भाषा सौंदर्य और सांस्कृतिक परिवेश के चित्रण की दृष्टि से अत्यधिक महत्त्वपूर्ण उपन्यास हिन्दी कथा साहित्य की बहुचर्चित और निर्विवाद उपलब्धि । इस कृति की सबसे बड़ी खासियत है सयमहीनता । इसके सभी पात्र बिना लगाम के हैं और उनकी अभिव्यक्ति सहज, सटीक और दो टूक है, गालियों की हद तक ।

 

लेखक परिचय

जन्म 1 सितम्बर, 1927 । जन्मस्थान गाजीपुर (उत्तर प्रदेश) । प्रारम्भिक शिक्षा वहीं, परवर्ती अलीगढ़ यूनिवर्सिटी में । अलीगढ़ यूनिवर्सिटी से ही उर्दू साहित्य के भारतीय थक्तित्व पर पी एच. डी. । अध्ययन समाप्त करने के बाद अलीगढ़ यूनिवर्सिटी में अध्यापन कार्य से जीविकोपार्जन की शुरुआत । कई वर्षों तक उर्दू साहित्य पढाते रहे । बाद में फिल्म लेखन के लिए मुंबई गए । जीने की जीतोड़ कोशिशें और आंशिक सफलता । फिल्मों में लिखने के साथ साथ हिन्दी उर्दू में समान रूप से सृजनात्मक लेखन । फिल्म लेखन को बहुत से लेखकों की तरह घटिया नहीं, बल्कि सेमी क्रिएटिव काम मानते थे । बी.आर. चोपडा के निर्देशन में बने महत्त्वपूर्ण दूरदर्शन धारावाहिक महाभारत के पटकथा और संवाद लेखक के रूप में प्रशंसित ।

एक ऐसे कवि कथाकार, जिनके लिए भारतीयता आदमीयत का पर्याय रही ।

प्रकाशित पुस्तकें आधा गाँव टोपी शुक्ला हिम्मत जौनपुरी ओस की बूँद दिल एक सादा काग़ज कटरा बी आर्जू असंतोष के दिन नीम का पे़ड़ (हिन्दी उपन्यास) मुहब्बत के सिवा (उर्दू उपन्यास) मैं एक फेरीवाला (हिन्दी कविता संग्रह) नया साल मौजे गुल मौजे सबा रक्से मय अजनबी शहर अजनबी रास्ते (उर्दू कविता संग्रह) अट्ठारह सौ सत्तावन (हिन्दी उर्दू महाकाव्य) तथा छोटे आदमी की बड़ी कहानी (जीवनी)

आवरण राजकमल

जन्म 10 नवंबर, 1950 जन्मस्थान आगरा (उत्तर प्रदेश) । हिंदी में एम.. । दिल्ली के कॉलेज ऑफ आर्ट्स से बी.एफ..। पैट्रिएट, लिंक तथा अन्य पत्र पत्रिकाओं में कार्य । फिलहाल नवभारत टाइम्स में कार्टून का दैनिक स्तंभ मेट्रो मीटर बनाते हैं । दो कहानी संग्रह सलीब पर सदी तथा उलझे रेशम के बीच प्रकाशित।

आधा गाँव: The Half Village

Item Code:
HAA259
Cover:
Paperback
Edition:
2014
ISBN:
97881126715022
Language:
Hindi
Size:
8.5 inch X 5.5 inch
Pages:
344
Other Details:
Weight of the Book: 335 gms
Price:
$20.00   Shipping Free
Add to Wishlist
Send as e-card
Send as free online greeting card
आधा गाँव:  The Half Village

Verify the characters on the left

From:
Edit     
You will be informed as and when your card is viewed. Please note that your card will be active in the system for 30 days.

Viewed 2127 times since 4th Sep, 2014

पुस्तक परिचय

हिन्दी का शायद यह पहला उपन्यास है जिसमें शिया मुसलमानों तथा संबद्ध लोगों का ग्रामीण जीवन अपने समग्र यथार्थ में पूरी तीव्रता के साथ सामने आता है ।

आधा गाँव, यानी गंगौली । जिला ग़ाज़ीपुर (उत्तर प्रदेश) । काल परिप्रेक्ष्य 1947, स्वाधीनता के समय होनेवाला देश विभाजन । गंगौली मुस्लिम बहुल गाँव है और यह उपन्यास है इस गाँव के मुसलमानों का बेपर्द जीवन यथार्थ । पूरी तरह सच, बेबाक और धारदार । पाकिस्तान बनते समय मुसलमानों की विविध मनस्थितियों, हिन्दुओं के साथ उनके सहज आत्मीय संबंधों तथा द्वंद्वमूलक अनुभवों का अविस्मरणीय शब्दांकन । सांप्रदायिकता के खिलाफ़ एक ऐसा सृजनात्मक प्रहार, जो दुनिया में कहीं भी राष्ट्रीयता ही के हक़ में जाता है ।लेखकीय चिंता सार्वजनीन है कि गंगौली में अगर गगौलीवाले कम तथा सुन्नी और शिया और हिन्दू ज्यादा दिखाई देने लगें, तो गंगौली का क्या होगा? दूसरे शब्दों में, गंगौली को यदि भारत मान लिया जाए तो भारत का क्या होगा? भारतीय कौन होंगे? अपनी वस्तुगत चिंताओं, गतिशील रचनाशिल्प, आचलिक भाषा सौंदर्य और सांस्कृतिक परिवेश के चित्रण की दृष्टि से अत्यधिक महत्त्वपूर्ण उपन्यास हिन्दी कथा साहित्य की बहुचर्चित और निर्विवाद उपलब्धि । इस कृति की सबसे बड़ी खासियत है सयमहीनता । इसके सभी पात्र बिना लगाम के हैं और उनकी अभिव्यक्ति सहज, सटीक और दो टूक है, गालियों की हद तक ।

 

लेखक परिचय

जन्म 1 सितम्बर, 1927 । जन्मस्थान गाजीपुर (उत्तर प्रदेश) । प्रारम्भिक शिक्षा वहीं, परवर्ती अलीगढ़ यूनिवर्सिटी में । अलीगढ़ यूनिवर्सिटी से ही उर्दू साहित्य के भारतीय थक्तित्व पर पी एच. डी. । अध्ययन समाप्त करने के बाद अलीगढ़ यूनिवर्सिटी में अध्यापन कार्य से जीविकोपार्जन की शुरुआत । कई वर्षों तक उर्दू साहित्य पढाते रहे । बाद में फिल्म लेखन के लिए मुंबई गए । जीने की जीतोड़ कोशिशें और आंशिक सफलता । फिल्मों में लिखने के साथ साथ हिन्दी उर्दू में समान रूप से सृजनात्मक लेखन । फिल्म लेखन को बहुत से लेखकों की तरह घटिया नहीं, बल्कि सेमी क्रिएटिव काम मानते थे । बी.आर. चोपडा के निर्देशन में बने महत्त्वपूर्ण दूरदर्शन धारावाहिक महाभारत के पटकथा और संवाद लेखक के रूप में प्रशंसित ।

एक ऐसे कवि कथाकार, जिनके लिए भारतीयता आदमीयत का पर्याय रही ।

प्रकाशित पुस्तकें आधा गाँव टोपी शुक्ला हिम्मत जौनपुरी ओस की बूँद दिल एक सादा काग़ज कटरा बी आर्जू असंतोष के दिन नीम का पे़ड़ (हिन्दी उपन्यास) मुहब्बत के सिवा (उर्दू उपन्यास) मैं एक फेरीवाला (हिन्दी कविता संग्रह) नया साल मौजे गुल मौजे सबा रक्से मय अजनबी शहर अजनबी रास्ते (उर्दू कविता संग्रह) अट्ठारह सौ सत्तावन (हिन्दी उर्दू महाकाव्य) तथा छोटे आदमी की बड़ी कहानी (जीवनी)

आवरण राजकमल

जन्म 10 नवंबर, 1950 जन्मस्थान आगरा (उत्तर प्रदेश) । हिंदी में एम.. । दिल्ली के कॉलेज ऑफ आर्ट्स से बी.एफ..। पैट्रिएट, लिंक तथा अन्य पत्र पत्रिकाओं में कार्य । फिलहाल नवभारत टाइम्स में कार्टून का दैनिक स्तंभ मेट्रो मीटर बनाते हैं । दो कहानी संग्रह सलीब पर सदी तथा उलझे रेशम के बीच प्रकाशित।

Post a Comment
 
Post Review
Post a Query
For privacy concerns, please view our Privacy Policy

Based on your browsing history

Loading... Please wait

Testimonials

Keep up the good work.
Harihar, Canada
I have bought Ganesh Bell in past and every visitors at my home has appreciated very much. You have quality product and good service. Keep it up with good business. This time I am buying Ganesh-Laxmi bells.
Kanu, USA
I am a long-time customer of Exotic India for gifts for me and friends and family. We are never disappointed. Your jewelry craftspeople are very skilled artists. You must treasure them. And we always look forward to the beautifully decorated boxes you use to ship your jewelry.
Diane, USA
I have always enjoyed browsing through the website. I was recently in south India, and was amazed to note that the bronze statues made in Kumbakonam and Thanjavur had similar pricing as Exotic India.
Heramba, USA
Thank you very much for your services. I ordered a Dhanvantari Deity from this site and it came quickly and in good condition. Now Sri Dhanvantari ji is worshipped regularly before seeing each client and in the offering of our medicinal products. Thanks again.
Max, USA
Thank you for shipping my 2 Books! Absolutli a great job in this short time, 3 working days from India to Switzerland it`s fantastic!!! You have won some new clients!
Ruedi, Switzerland
I am overwhelmed with the amount of hard-to-find Hindu scriptural texts that I have been able to locate on the Exotic India website as well as other authentic cultural items from India. I am impressed with your fast and reliable shipping methods.
Lee Scott, USA
Your service is excellent.
Shambhu, USA
Exotic India has the best selection of Hindu/Buddhist statues at the best prices and best shipping that I know of.I have bought many statues from them.I am thankful for their online presence.
Michael, USA
Thanks for sharpening our skills with wisdom and sense of humor.The torchbearers of the ancient deity religion are spread around the world and the books of wisdom from India bridges the gap between east and west.
Kaushiki, USA
TRUSTe
Language:
Currency:
All rights reserved. Copyright 2018 © Exotic India