Subscribe for Newsletters and Discounts
Be the first to receive our thoughtfully written
religious articles and product discounts.
Your interests (Optional)
This will help us make recommendations and send discounts and sale information at times.
By registering, you may receive account related information, our email newsletters and product updates, no more than twice a month. Please read our Privacy Policy for details.
.
By subscribing, you will receive our email newsletters and product updates, no more than twice a month. All emails will be sent by Exotic India using the email address info@exoticindia.com.

Please read our Privacy Policy for details.
|6
Sign In  |  Sign up
Your Cart (0)
Best Deals
Share our website with your friends.
Email this page to a friend
Books > Language and Literature > हिन्दी साहित्य > पंछी ऐसे आते हैं: Panchi Aise Aate hai
Subscribe to our newsletter and discounts
पंछी ऐसे आते हैं:  Panchi Aise Aate hai
पंछी ऐसे आते हैं: Panchi Aise Aate hai
Description

पुस्तक के विषय में

विजय तेंदुलकर की मूल मराठी नाटक कृति 'अशी पाखरे येती' का यह हिन्दी अनुवाद अब पूरे देश की नाट्स सम्पदा का महत्वपूर्ण अंश है। जहाँ भी रंगमंच है, वहाँ यह नाटक लगातार खेला जा रहा है। कितने ही नगरों में दर्शकों की माँग पर इस नाटक के अनेकानेक प्रदर्शक हुए हैं जो कृति के समग्र प्रभाव का आकलन तो करते ही हैं- लोकरूचि के स्वस्थ परिवार की भी सूचना देते है। नाटक में तमाम शिल्पगत विशेषताएँ भरी हुई हैं। सबसे अचरज की बात यह है कि यह नाटक साधारण दर्शक से लेकर सुरुचि सम्पत्र अभिजात्म्य बौद्धिक वर्ग को भी तीन घंटे तक अपने अन्दर बाँधे रहता है। इस अर्थ में कृति सचमुच नाट्य जगत की अभूतपूर्व घटना है-जैस कि भारतीय पत्र-पत्रिकाओं ने इसके बारे में एक स्वर से घोषणा की है।

इस नाटक ने हर स्तर के दर्शकों को बरबस आकर्षित और अभिभूत किया है। अपने भीतर प्रभाहित करुणा की धारा को संपुंजित किये हुए दर्शकों को यह नाटक हँसाता चलता है। यह इस नाटककार की अपनी विशेषता है।

जन्म:-7 जनवरी, 1928 गतिविधियाँ मराठी के आधुनिक नाटककारों में शीर्षस्थ विजय तेंडुलकर अखिल भारतीय स्तर पर प्रतिष्ठित एक महत्वपूर्ण नाटककार हैं 50 से अधिक नाटकों के रचयिता तेंडुलकर ने अपने कथ्य और शिल्प की नवीनता से निर्देशकों और दर्शकों, दोनों को बराबर आकर्षित किया पूरे देश में उनके नाटकों के अनुवाद एवं मंचन हो चुके हैं हिन्दी में उनके 30 से अधिक नाटक खेले जा चुके हैं।

साहित्य सेवा : ' खामोश, अदालत जारी है', ' घासीराम कोतवाल', 'सखाराम बाइन्डर, 'जाति ही पूछो साधु की' और 'गिद्ध ' आदि बहुचर्चित-बहुमंचित नाटकों के अलावा उनकी प्रमुख नाट्य रचनाएँ हैं ' अजी', ' अमीर', ' कन्यादान', 'कमला, 'चार दिन', 'नया आदमी', 'बेबी', ' मीता की कहानी', ' राजा माँगे पसीना', 'सफर', 'नया आदमी', 'हतेरी किस्मत', ' आह', ' दंभद्वीप', ' पंछी ऐसे आते हैं', 'काग विद्यालय', ' काग़ज़ी कारतूस', ' नोटिस', ' पटेल की बेटी का ब्याह', 'पसीना-पसीना', ' महंगासुर का वध', 'मैं जीता मैं हारा', 'कुत्ते', 'श्रीमंत', आदि।

परिचिति की पीठिका

भारतीय नाट्य-जगत् में 'पंछी ऐसे आते हैं' को अब परिचय की आवश्यकता नहीं है बम्बई, दिल्ली, कलकत्ता, इलाहाबाद, लखनऊ के अतिरिक्त देश के अन्यान्य भागों में यह नाटक अनेक बार खेला जा चुका है नाट्य-प्रेमियों में इस नाटक की लोकप्रियता के कारण ही इसे पुस्तक के रूप में प्रकाशित करने की अनिवार्यता गयी है।

एक संकल्पित व्यावसायिक नाट्य संस्था के प्रथम नाटक के रूप में इस नाटक के मूल मराठी 'अशी पाखर येती' की सरंचना हुई थी कालान्तर में वह नाट्य संस्था तो अमूर्त ही रह गयी लेकिन यह नाटक पूरे देश पर क्रमश: छा गया वस्तुत: अमरीकन नाटक 'रेनमेकर का रूपान्तर करने के विचार से इस नाटक की शुरुआत हुई थी किन्तु भारतीय मानस के अनुरूप करते-करते नाटककार विजय तेंडुलकर ने इसे सर्वथा नयी कथावस्तु के रूप में प्रस्तुत कर दिया।

इस नाटक ने हर स्तर के दर्शकों को बरबस आकर्षित और अभिभूत किया है। अपने भीतर प्रवाहित करुणा की धारा को सम्पुञ्जित किये हुए पूरे तीन घण्टे दर्शकों को यह नाटक हँसाता चलता है यह इस नाटककार की अपनी विशेषता है। अनुवाद के बारे में मैं क्या कहूँ-आप ही कहियेगा।

 

1

पात्र-परिचय

2

अरुण

3

बण्डा

4

अत्रा

5

सरु

6

विश्वास राव

7

छोटा लड़का

 

 

 

पंछी ऐसे आते हैं: Panchi Aise Aate hai

Item Code:
NZA727
Cover:
Paperback
Edition:
2010
Publisher:
ISBN:
9788180315718
Language:
Hindi
Size:
8.5 inch X 5.5 inch
Pages:
112
Other Details:
Weight of the Book: 150 gms
Price:
$10.00   Shipping Free
Add to Wishlist
Send as e-card
Send as free online greeting card
पंछी ऐसे आते हैं:  Panchi Aise Aate hai

Verify the characters on the left

From:
Edit     
You will be informed as and when your card is viewed. Please note that your card will be active in the system for 30 days.

Viewed 3127 times since 21st Jun, 2018

पुस्तक के विषय में

विजय तेंदुलकर की मूल मराठी नाटक कृति 'अशी पाखरे येती' का यह हिन्दी अनुवाद अब पूरे देश की नाट्स सम्पदा का महत्वपूर्ण अंश है। जहाँ भी रंगमंच है, वहाँ यह नाटक लगातार खेला जा रहा है। कितने ही नगरों में दर्शकों की माँग पर इस नाटक के अनेकानेक प्रदर्शक हुए हैं जो कृति के समग्र प्रभाव का आकलन तो करते ही हैं- लोकरूचि के स्वस्थ परिवार की भी सूचना देते है। नाटक में तमाम शिल्पगत विशेषताएँ भरी हुई हैं। सबसे अचरज की बात यह है कि यह नाटक साधारण दर्शक से लेकर सुरुचि सम्पत्र अभिजात्म्य बौद्धिक वर्ग को भी तीन घंटे तक अपने अन्दर बाँधे रहता है। इस अर्थ में कृति सचमुच नाट्य जगत की अभूतपूर्व घटना है-जैस कि भारतीय पत्र-पत्रिकाओं ने इसके बारे में एक स्वर से घोषणा की है।

इस नाटक ने हर स्तर के दर्शकों को बरबस आकर्षित और अभिभूत किया है। अपने भीतर प्रभाहित करुणा की धारा को संपुंजित किये हुए दर्शकों को यह नाटक हँसाता चलता है। यह इस नाटककार की अपनी विशेषता है।

जन्म:-7 जनवरी, 1928 गतिविधियाँ मराठी के आधुनिक नाटककारों में शीर्षस्थ विजय तेंडुलकर अखिल भारतीय स्तर पर प्रतिष्ठित एक महत्वपूर्ण नाटककार हैं 50 से अधिक नाटकों के रचयिता तेंडुलकर ने अपने कथ्य और शिल्प की नवीनता से निर्देशकों और दर्शकों, दोनों को बराबर आकर्षित किया पूरे देश में उनके नाटकों के अनुवाद एवं मंचन हो चुके हैं हिन्दी में उनके 30 से अधिक नाटक खेले जा चुके हैं।

साहित्य सेवा : ' खामोश, अदालत जारी है', ' घासीराम कोतवाल', 'सखाराम बाइन्डर, 'जाति ही पूछो साधु की' और 'गिद्ध ' आदि बहुचर्चित-बहुमंचित नाटकों के अलावा उनकी प्रमुख नाट्य रचनाएँ हैं ' अजी', ' अमीर', ' कन्यादान', 'कमला, 'चार दिन', 'नया आदमी', 'बेबी', ' मीता की कहानी', ' राजा माँगे पसीना', 'सफर', 'नया आदमी', 'हतेरी किस्मत', ' आह', ' दंभद्वीप', ' पंछी ऐसे आते हैं', 'काग विद्यालय', ' काग़ज़ी कारतूस', ' नोटिस', ' पटेल की बेटी का ब्याह', 'पसीना-पसीना', ' महंगासुर का वध', 'मैं जीता मैं हारा', 'कुत्ते', 'श्रीमंत', आदि।

परिचिति की पीठिका

भारतीय नाट्य-जगत् में 'पंछी ऐसे आते हैं' को अब परिचय की आवश्यकता नहीं है बम्बई, दिल्ली, कलकत्ता, इलाहाबाद, लखनऊ के अतिरिक्त देश के अन्यान्य भागों में यह नाटक अनेक बार खेला जा चुका है नाट्य-प्रेमियों में इस नाटक की लोकप्रियता के कारण ही इसे पुस्तक के रूप में प्रकाशित करने की अनिवार्यता गयी है।

एक संकल्पित व्यावसायिक नाट्य संस्था के प्रथम नाटक के रूप में इस नाटक के मूल मराठी 'अशी पाखर येती' की सरंचना हुई थी कालान्तर में वह नाट्य संस्था तो अमूर्त ही रह गयी लेकिन यह नाटक पूरे देश पर क्रमश: छा गया वस्तुत: अमरीकन नाटक 'रेनमेकर का रूपान्तर करने के विचार से इस नाटक की शुरुआत हुई थी किन्तु भारतीय मानस के अनुरूप करते-करते नाटककार विजय तेंडुलकर ने इसे सर्वथा नयी कथावस्तु के रूप में प्रस्तुत कर दिया।

इस नाटक ने हर स्तर के दर्शकों को बरबस आकर्षित और अभिभूत किया है। अपने भीतर प्रवाहित करुणा की धारा को सम्पुञ्जित किये हुए पूरे तीन घण्टे दर्शकों को यह नाटक हँसाता चलता है यह इस नाटककार की अपनी विशेषता है। अनुवाद के बारे में मैं क्या कहूँ-आप ही कहियेगा।

 

1

पात्र-परिचय

2

अरुण

3

बण्डा

4

अत्रा

5

सरु

6

विश्वास राव

7

छोटा लड़का

 

 

 

Post a Comment
 
Post Review
Post a Query
For privacy concerns, please view our Privacy Policy
Based on your browsing history
Loading... Please wait

Items Related to पंछी ऐसे आते हैं: Panchi Aise Aate hai (Language and Literature | Books)

Vijay Tendulkar
by Vijay Tendulkar
Paperback (Edition: 2001)
Katha
Item Code: NAI425
$21.00
Add to Cart
Buy Now
Three Modern Indian Plays
Item Code: NAF851
$25.00
Add to Cart
Buy Now
Kanyadaan
by Vijay Tendulkar
Paperback (Edition: 2015)
Oxford University Press
Item Code: NAL224
$15.00
Add to Cart
Buy Now
CRIMINALS AND KILLERS: A PERSONAL VIEW
by Vijay Tendulkar
Paperback (Edition: 2002)
Sahitya Akademi
Item Code: IDG034
$5.00
Add to Cart
Buy Now
Collected Plays in Translation
by VIJAY TENDULKAR
Paperback (Edition: 2005)
Oxford University Press
Item Code: IDG021
$30.00
Add to Cart
Buy Now
Contemporary Indian Literature in English Translation (Set of 8 Books)
Paperback (Edition: 2008)
Indira Gandhi National Open University
Item Code: NAI162
$90.00
Add to Cart
Buy Now
Yayati
by Girish Karnad
Paperback (Edition: 2008)
Oxford University Press
Item Code: IDK303
$14.00
Add to Cart
Buy Now
Testimonials
Thank you very much. It was very easy ordering from the website. I hope to do future purchases from you. Thanks again.
Santiago, USA
Thank you for great service in the past. I am a returning customer and have purchased many Puranas from your firm. Please continue the great service on this order also.
Raghavan, USA
Excellent service. I feel that there is genuine concern for the welfare of customers and there orders. Many thanks
Jones, United Kingdom
I got the rare Pt Raju's book with a very speedy and positive service from Exotic India. Thanks a lot Exotic India family for such a fantabulous response.
Dr. A. K. Srivastava, Allahabad
It is with great pleasure to let you know that I did receive both books now and am really touched by your customer service. You developed great confidence in me. Will again purchase books from you.
Amrut, USA.
Thank you for existing and sharing India's wonderful heritage and legacy to the world.
Angela, UK
Dear sir/sirs, Thanks a million for the two books I ordered on your website. I have got both of them and they are very much helpful for my paper writing.
Sprinna, China
Exotic India has excellent and speedy service.
M Sherman, USA
Your selection of books is impressive and unique in USA. Thank you.
Jaganath, USA
Exotic India has the best selection of Hindu/Buddhist Gods and Goddesses in sculptures and books of anywhere I know.
Michael, USA
TRUSTe
Language:
Currency:
All rights reserved. Copyright 2018 © Exotic India