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वर्षफल चंद्रिका: Varshaphal Chandrika

वर्षफल चंद्रिका: Varshaphal Chandrika

वर्षफल चंद्रिका: Varshaphal Chandrika

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Item Code: NZA799
Author: पं.पन्ना लाला ज्योतिषी (Pt. Pannlal Jyotish)
Publisher: General Book Depot
Language: Hindi
Pages: 200
Cover: Paperback
Other Details: 8.5 inch X 5.5 inch
weight of the book: 250 gms
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पुस्तक के विषय में

फलित खण्ड (दो भागों में)

ज्योतिष शास्त्र मनुष्य जीवन के भूत, भविष्य और वर्तमान काल की साकार कहानी है। जातक के जन्म समय सौर-मण्डल एवं जन्म कुण्डली में जैसे ग्रह होते हैं, उन्हीं के अनुरूप मनुष्य का (बाह्य एवं अभ्यान्तरिक) जीवन प्रभावित होता रहता है-

ग्रहाधीनं जगत्सर्वं, ग्रहाधीना नरावरा:

सृष्टि रक्षण-संहारा: सर्वे चापि ग्रहानुगा ।।

ज्योतिष तत्त्व (फलित खंड), फलादेश सम्बन्धी एक प्रामाणिक ग्रंथ-जो चिरकाल से लेखन एवं प्रकाशनाधीन थी, अब मार्कीट में उपलब्ध है प्रस्तुत वृहदाकार पुस्तक (दो भाग) में ज्योतिष सम्बन्धी महत्त्वपूर्ण एवं आवश्यक प्रारम्भिक ज्ञान के अतिरिक्त ग्रह, नक्षत्रों एवं राशियों के मूलभूत सिद्धान्तों का विशद वर्णन किया है बारह भावों में प्रतिपाद्य विषयों का वर्णन, भाव, भावेश एवं 12 भावों में कारकत्व का महत्त्व एवं कुण्डली में फलादेश कथन,के विशेष नियम तथा मेष, वृषादि बारह लग्नों में नवग्रहों का पृथक-पृथक फल तथा प्रत्येक लग्न में ग्रहों, के शुभाशुभ सोदाहरण योग, कुंडली में दो तीन, चर्तु, एवं पंचग्रही योग विंशोत्तरी दशाओं/अन्तर दशाओं का शुभाशुभ' वर्णन, षड्वर्ग में नवमाशादि कुण्डलियों का फल, गोचर ग्रहों का फलादेश एवं अनिष्ट ग्रहों के उपाय आदि अनेक उपयोगी विषयों का समावेश किया गया है।

 

वर्षफल चंद्रिका

प्रस्तुत नवीन संस्करण की मुख्य विशेषताएँ व आकर्षण

1

जन्मदिन को वर्षफल का महत्त्व

9

2

वर्ष कुण्डली में ग्रहों की दृष्टियां तथा उनका फल

1

3

द्वादश भावों में फलादेश विचार

25

4

घड़ी-पलों का घण्टे मिनटों में परिवर्तन

29

5

वर्ष कुण्डली तथा वर्षफल बनाने की विधियां, (नवीन उदाहरणों व कुण्डलियों सहित)

30-40

6

नवीन वेध सिद्ध वर्ष-सारिणी

33-35

7

वर्ष प्रवेश सारिणी (घण्टा-मिनटों के अनुसार)

36-38

8

मुंथा एवं मुंथेश फल विचार व उपाये

46

9

पंचाधिकारी एवं वर्षेश निर्णय

71-73

10

सूर्यादि ग्रहों का द्वादश भावगत फल

79-97

11

विंशोत्तरी, मुद्दा दशाओं का निकालना व फल

99-103

12

मास प्रवेश व दैनिक कुण्डली बनाना

109-112

13

वर्ष कुण्डली में फलादेश हेतु ध्यान योग्य बातें

113-114

14

वर्ष कुण्डली के प्रसिद्ध 16 योग तथा अन्य योग

114-139

15

गोचर ग्रह और वर्षफल पद्धति

141-143

16

सूर्यादि ग्रहों का वेध विचार

143-145

17

अनिष्ट ग्रहों के उपाये

145-159

18

लाल किताब अनुसार वर्षफल बनाना

160

19

लाल किताब अनुसार ग्रहों के विशिष्ट उपाय

170-179

20

जीवन्त उदाहरण-जन्म व वर्ष कुण्डलियां

180-183

21

वर्ष में विदेश यात्रा एवं संतान योग

184-187

22

शनि साढ़ेसति और गोचर विचार

188-190

23

वर्षफल एवं प्रश्न विचार

190-192

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