Subscribe for Newsletters and Discounts
Be the first to receive our thoughtfully written
religious articles and product discounts.
Your interests (Optional)
This will help us make recommendations and send discounts and sale information at times.
By registering, you may receive account related information, our email newsletters and product updates, no more than twice a month. Please read our Privacy Policy for details.
.
By subscribing, you will receive our email newsletters and product updates, no more than twice a month. All emails will be sent by Exotic India using the email address info@exoticindia.com.

Please read our Privacy Policy for details.
|6
Your Cart (0)
Share our website with your friends.
Email this page to a friend
Books > Hindi > गुरु गोबिन्द सिंह (भारतीय साहित्य के निर्माता) - Guru Gobind Singh (Makers of Indian Literature)
Displaying 1354 of 11271         Previous  |  NextSubscribe to our newsletter and discounts
गुरु गोबिन्द सिंह (भारतीय साहित्य के निर्माता) - Guru Gobind Singh  (Makers of Indian Literature)
गुरु गोबिन्द सिंह (भारतीय साहित्य के निर्माता) - Guru Gobind Singh (Makers of Indian Literature)
Description

पुस्तक परिचय

सिक्सों के दसवें गुरु, गुरु गोबिन्द सिंह का जन्म सन् 1666 . तदनुसार सम्वत् 1723 विक्रमी में पटना (बिहार) में हुआ । उनके पिता सिक्खों के नवें गुरु तेगबहादुर और माता गूजरी थी । उनका बचपन का नाम गोबिन्द राय था । उन्हें बचपन से ही शस्त्र और शास्त्र दोनों की शिक्षा दिलाई गई । त्याग, बलिदान और मानवीय करुणा से ओतप्रोत सिक्ख गुरुओं की परम्परा को समृद्ध करते हुए गुरु गोबिन्द सिंह ने धर्मचर्या और तपश्चर्या दोनों को अपने जीवन का आधार बनाया । गुरुमुखी के अलावा फ़ारसी ब्रजभाषा, संस्कृत और बाङ्ला इन सभी भाषाओं पर भी उनका पूरा अधिकार था । गुरु तेगबहादुर के बलिदान के बाद उन्होंने आनन्दपुर के केशगढ़ नामक स्थान पर खालसा पंथ की स्थापना की और जीवन में कड़े अनुशासन और बलिदान के साथ अपने अनुयायियों को इसमें दीक्षित किया।

गुरु गोबिन्द सिंह न केवल धर्म सुधारक बल्कि राष्ट्र उन्नायक भी थे । उन्होंने लोक- परलोक, धर्म-अध्यात्म, जीवन-जगत तथा शस्त्र-शास्त्र का अभूतपूर्व सामंजस्य करते हुए अपने पंथ को एक प्रतिमान बना दिया ।

गुरु गोबिन्द सिंह ने कई कृतियों की रचना की, जिनमें ब्रजभाषा एवं सधुक्कड़ी- जिसमें अरबी फारसी और उर्दू शब्दों की प्रचुरता है-का प्रयोग किया गया है । जपुजी साहब विचित्र नाटक चण्डीचरित्र ज़फ़रनामा और हिक़ायत उनकी प्रसिद्ध कृतियाँ हैं, जो खालसा पंथ में पूज्य दशम ग्रंथ में सम्मिलित हैं । गुरु गोबिन्द सिंह का निधन 1708 . में हुआ ।

लेखक परिचय

हिन्दी और पंजाबी के प्रसिद्ध विद्वान एवं कथाकार डी. महीप सिंह ने गुरु गोबिन्द सिंह के जीवन, त्याग. शौर्य और बलिदान का मूल्यांकन करते हुए प्रस्तुत विनिबंध में उनके योगदान का तथ्यपरक एवं प्रामाणिक आकलन किया है ।

 

 

 

अनुक्रम

 

1

पूर्व पीठिका

7

2

परिस्थितिगत पृष्ठभूमि

15

3

जीवनवृत्त

21

4

काव्य रचनाएँ

54

5

काव्य-सौष्ठव और भाषा

80

6

भक्ति-भावना

93

7

जीवन पर एक दृष्टि

106

 

गुरु गोबिन्द सिंह (भारतीय साहित्य के निर्माता) - Guru Gobind Singh (Makers of Indian Literature)

Item Code:
NZA280
Cover:
Paperback
Edition:
2012
Publisher:
ISBN:
9788126003303
Language:
Hindi
Size:
8.5 inch x 5.5 inch
Pages:
112
Other Details:
Weight of the Book: 160gms
Price:
$7.00   Shipping Free
Add to Wishlist
Send as e-card
Send as free online greeting card
गुरु गोबिन्द सिंह (भारतीय साहित्य के निर्माता) - Guru Gobind Singh  (Makers of Indian Literature)

Verify the characters on the left

From:
Edit     
You will be informed as and when your card is viewed. Please note that your card will be active in the system for 30 days.

Viewed 2114 times since 26th Apr, 2017

पुस्तक परिचय

सिक्सों के दसवें गुरु, गुरु गोबिन्द सिंह का जन्म सन् 1666 . तदनुसार सम्वत् 1723 विक्रमी में पटना (बिहार) में हुआ । उनके पिता सिक्खों के नवें गुरु तेगबहादुर और माता गूजरी थी । उनका बचपन का नाम गोबिन्द राय था । उन्हें बचपन से ही शस्त्र और शास्त्र दोनों की शिक्षा दिलाई गई । त्याग, बलिदान और मानवीय करुणा से ओतप्रोत सिक्ख गुरुओं की परम्परा को समृद्ध करते हुए गुरु गोबिन्द सिंह ने धर्मचर्या और तपश्चर्या दोनों को अपने जीवन का आधार बनाया । गुरुमुखी के अलावा फ़ारसी ब्रजभाषा, संस्कृत और बाङ्ला इन सभी भाषाओं पर भी उनका पूरा अधिकार था । गुरु तेगबहादुर के बलिदान के बाद उन्होंने आनन्दपुर के केशगढ़ नामक स्थान पर खालसा पंथ की स्थापना की और जीवन में कड़े अनुशासन और बलिदान के साथ अपने अनुयायियों को इसमें दीक्षित किया।

गुरु गोबिन्द सिंह न केवल धर्म सुधारक बल्कि राष्ट्र उन्नायक भी थे । उन्होंने लोक- परलोक, धर्म-अध्यात्म, जीवन-जगत तथा शस्त्र-शास्त्र का अभूतपूर्व सामंजस्य करते हुए अपने पंथ को एक प्रतिमान बना दिया ।

गुरु गोबिन्द सिंह ने कई कृतियों की रचना की, जिनमें ब्रजभाषा एवं सधुक्कड़ी- जिसमें अरबी फारसी और उर्दू शब्दों की प्रचुरता है-का प्रयोग किया गया है । जपुजी साहब विचित्र नाटक चण्डीचरित्र ज़फ़रनामा और हिक़ायत उनकी प्रसिद्ध कृतियाँ हैं, जो खालसा पंथ में पूज्य दशम ग्रंथ में सम्मिलित हैं । गुरु गोबिन्द सिंह का निधन 1708 . में हुआ ।

लेखक परिचय

हिन्दी और पंजाबी के प्रसिद्ध विद्वान एवं कथाकार डी. महीप सिंह ने गुरु गोबिन्द सिंह के जीवन, त्याग. शौर्य और बलिदान का मूल्यांकन करते हुए प्रस्तुत विनिबंध में उनके योगदान का तथ्यपरक एवं प्रामाणिक आकलन किया है ।

 

 

 

अनुक्रम

 

1

पूर्व पीठिका

7

2

परिस्थितिगत पृष्ठभूमि

15

3

जीवनवृत्त

21

4

काव्य रचनाएँ

54

5

काव्य-सौष्ठव और भाषा

80

6

भक्ति-भावना

93

7

जीवन पर एक दृष्टि

106

 

Post a Comment
 
Post Review
Post a Query
For privacy concerns, please view our Privacy Policy

Related Items

Bed Time Stories  1 (Guru Gobind Singh Ji)
Item Code: IDK801
$16.50
Add to Cart
Buy Now
Founder of The Khalsa (The Life And Times of Guru Gobind Singh )
by Amardeep S. Dahiya
Hardcover (Edition: 2014)
Hay House Publishers
Item Code: NAG355
$30.00
Add to Cart
Buy Now
Guru Gobind Singh
by Wilco Picture Library
Paperback (Edition: 2011)
Wilco Publishing House
Item Code: NAG765
$7.00
Add to Cart
Buy Now
Zafarnama – Guru Gobind Singh ((Persian Text, Transliteration and Translation))
by Navtej Sarna
Hardcover (Edition: 2011)
Penguin Books
Item Code: NAC157
$25.00
Add to Cart
Buy Now
Atlas of the Travels of Guru Gobind Singh
Item Code: NAE729
$25.00
Add to Cart
Buy Now
Guru Gobind Singh: Saga of Great Valour and Incredible Sacrifices
by Igen B
Paperback (Edition: 2009)
Manoj Publications
Item Code: NAD900
$10.00
Add to Cart
Buy Now

Testimonials

To my astonishment and joy, your book arrived (quicker than the speed of light) today with no further adoo concerning customs. I am very pleased and grateful.
Christine, the Netherlands
You have excellent books!!
Jorge, USA.
You have a very interesting collection of books. Great job! And the ordering is easy and the books are not expensive. Great!
Ketil, Norway
I just wanted to thank you for being so helpful and wonderful to work with. My artwork arrived exquisitely framed, and I am anxious to get it up on the walls of my house. I am truly grateful to have discovered your website. All of the items I’ve received have been truly lovely.
Katherine, USA
I have received yesterday a parcel with the ordered books. Thanks for the fast delivery through DHL! I will surely order for other books in the future.
Ravindra, the Netherlands
My order has been delivered today. Thanks for your excellent customer services. I really appreciate that. I hope to see you again. Good luck.
Ankush, Australia
I just love shopping with Exotic India.
Delia, USA.
Fantastic products, fantastic service, something for every budget.
LB, United Kingdom
I love this web site and love coming to see what you have online.
Glenn, Australia
Received package today, thank you! Love how everything was packed, I especially enjoyed the fabric covering! Thank you for all you do!
Frances, Austin, Texas
TRUSTe
Language:
Currency:
All rights reserved. Copyright 2017 © Exotic India