Subscribe for Newsletters and Discounts
Be the first to receive our thoughtfully written
religious articles and product discounts.
Your interests (Optional)
This will help us make recommendations and send discounts and sale information at times.
By registering, you may receive account related information, our email newsletters and product updates, no more than twice a month. Please read our Privacy Policy for details.
.
By subscribing, you will receive our email newsletters and product updates, no more than twice a month. All emails will be sent by Exotic India using the email address info@exoticindia.com.

Please read our Privacy Policy for details.
|6
Your Cart (0)
Share our website with your friends.
Email this page to a friend
Books > Hindi > ध्यानके समय: In The Hours of Meditation
Displaying 6395 of 11006         Previous  |  NextSubscribe to our newsletter and discounts
ध्यानके समय: In The Hours of Meditation
Pages from the book
ध्यानके समय: In The Hours of Meditation
Look Inside the Book
Description

वक्तव्य

उन दिनों मेरे मनमें ईश्वरकी प्राप्तिके लिये लालसा तो थी ही, व्याकुलता भी कम न थी । बीच-चीचमें अपनी त्रुटियों एवं निबलताओंको देखकर निराशा भी हो जाया करती थी । घरबार छोड़कर कहीं शांत एकांत वनप्रान्तमें जाकर निस्पंद पड़े रहनेका मन हुआ करता था । इसी बीच महाइच परगनेके कानूनगो ठाकुर भगरूसिंद्रजीसे परिचय हुआ । थोड़े ही दिनोमें मैंत्री गाढ़ हो गयी । मैं निस्संकोच कह सकता हूं कि इन तीस-पैंतीस वर्षोंके सत्संग- प्रचुर जीवनमें वैसा सच्चा, सरलहृदय एवं ईमानदार पुरुष दूसरा नहीं मिला । यादमें मुझ पर उनकी श्रद्धा हो गयी और मुझसे विधि-पूर्वक यज्ञोपवीत संस्कार कराकर मत्रदीक्षा ले ली और अनुष्ठान करने लगे । मुक्त मिलनेके पहले ही वे एक बार सब-कुछ छोड्कर हिमालयकी ओर चले गये थे एवं लौट भी आये थे । उन्हे एफ० जे० एलेक्जेएडर द्वारा लिखित अँग्रेजीकी यह पुस्तक (In the Hours of Meditation) ''ध्यानके समय'' एक महात्मा ने दी थी और इससे उनके जीवनमें बहुत ही महत्त्वपूर्ण परिवर्तन हुए थे। उन्होंने ही इस पुस्तकके कुछ अंश अनुवाद करके सुनाये । यह मुझे बहुत प्रिय लगी । इससे मुझे बहुत आश्वासन मिला । अपने जीवनके निर्माणके लिये एक दिशा मिली । मेरे कहनेपर उन्होंने पुस्तकका अधिकांश अपनी उर्दूमिश्रित भाषामें बोल दिया और मैंने संस्कृतप्रधान हिंदीमें लिख लिया । कहना नहीं होगा कि मैंने अब तक अंग्रेजी भाषा या लिपि नहीं सीखी है । इसलिये मूल ग्रन्थके, साथ इस अनुवादका कितना सम्बन्ध है, यह मैं नहीं कह सकता । इतना अवश्य कह सकता हूँ कि इस पुस्तककी भाषा और भाव पर मेरी इतनी ममता हो गयी है कि इस पुस्तकमें मेरा हृदय बोलता हुआ दीखता है । बहुतोंने इस पुस्तककी प्रतिलिपि करवायी और इससे लाभ उठाया । मेरे मित्र भाई सुदर्शनसिंह ''चक्र'' ने यह पुस्तक आद्योपांत पढ़ी । उन्हें यह इतनी भा गयी कि तीन-चार बरस अपने पास रखकर फिर उन्होंने इसे मानस-संघ, राम-वन, सतनासे प्रकाशित करवा दिया । पुस्तककी उपयोगिता इसीसे स्पष्ट है कि अब उस संस्करणकी कोई प्रति ढूँढे भी नहीं मिलती । अब मानस-संघके अधिकारी श्री शारदाप्रसाद जी वकीलसे स्वीकृति प्राप्त करके 'सत्साहित्य प्रकाशन ट्रस्ट' इसे प्रकाशित कर रहा है । मैंने अपने साधक जीवनके प्रारम्भमें इस पुस्तकका इतना स्वाध्याय किया है, आश्वासन प्राप्त किया है, इसके द्वारा प्राप्त पथ-प्रदर्शनसे लाभ उठाया है कि मैं अपने प्रेमी सत्संगियोंको इससे लाभान्वित किये बिना रह नहीं सकता । इसके पुनः प्रकाशनमें भी मेरी आन्तरिक इच्छाके साथ-साथ सुदर्शनजीकी प्रेरणा भी पर्याप्त मात्रामें है ।

मुझे पूर्ण विश्वास है कि यह पुस्तक किसी भी साधकको अपने लक्ष्यकी प्राप्तिमें समर्थ एवं सक्रिय सहयोग देगी ।

 

अनुक्रम

 

वक्तव्य : स्वामी अखण्डानन्द जी मन्त्रपाठ

3

1

पवित्रता

6

2

शान्ति

9

3

जागो

11

4

मुझे पुकारो

13

5

गुरु-शिष्य सम्बन्ध

16

6

पगली छलाँग

23

7

सच्ची प्राथर्ना

25

8

कठिनाइयोंका सामना करो

30

9

मैं प्रेम हूँ

35

10

आचरण ही सर्वस्व है

39

11

अभी और यहीं

43

12

केवल प्रकाश

48

13

आत्माकी वाणी

51

14

मूल्यांकन

57

15

टेढ़े मार्ग सीधे हो जायंगे

63

16

विश्वास करो

67

17

सदा कर्मरत रहो

71

18

मनकों श्मशान बना दो

75

19

मिथ्यासक्ति त्यागो

79

20

आत्म-शक्ति

83

21

गुरु-महिमा

89

22

आध्यात्मिक पराक्रम

93

23

विश्वासमें ही भलाई

99

24

आत्मविश्लेषण करो

103

25

अहंकारको मिटा दो

108

26

निरपेक्ष रहो

114

27

विश्व-प्रेमी बनो

118

28

सच्चा संन्यास

122

29

नित्य साक्षात्कार

126

30

ॐ तत्वमसि

128

Sample Page


ध्यानके समय: In The Hours of Meditation

Item Code:
NZD084
Cover:
Paperback
Edition:
2005
Language:
Hindi
Size:
6.0 inch X 4.0 inch
Pages:
128
Other Details:
Weight of the Book: 85 gms
Price:
$7.00   Shipping Free
Look Inside the Book
Add to Wishlist
Send as e-card
Send as free online greeting card
ध्यानके समय: In The Hours of Meditation

Verify the characters on the left

From:
Edit     
You will be informed as and when your card is viewed. Please note that your card will be active in the system for 30 days.

Viewed 1525 times since 25th Jun, 2015

वक्तव्य

उन दिनों मेरे मनमें ईश्वरकी प्राप्तिके लिये लालसा तो थी ही, व्याकुलता भी कम न थी । बीच-चीचमें अपनी त्रुटियों एवं निबलताओंको देखकर निराशा भी हो जाया करती थी । घरबार छोड़कर कहीं शांत एकांत वनप्रान्तमें जाकर निस्पंद पड़े रहनेका मन हुआ करता था । इसी बीच महाइच परगनेके कानूनगो ठाकुर भगरूसिंद्रजीसे परिचय हुआ । थोड़े ही दिनोमें मैंत्री गाढ़ हो गयी । मैं निस्संकोच कह सकता हूं कि इन तीस-पैंतीस वर्षोंके सत्संग- प्रचुर जीवनमें वैसा सच्चा, सरलहृदय एवं ईमानदार पुरुष दूसरा नहीं मिला । यादमें मुझ पर उनकी श्रद्धा हो गयी और मुझसे विधि-पूर्वक यज्ञोपवीत संस्कार कराकर मत्रदीक्षा ले ली और अनुष्ठान करने लगे । मुक्त मिलनेके पहले ही वे एक बार सब-कुछ छोड्कर हिमालयकी ओर चले गये थे एवं लौट भी आये थे । उन्हे एफ० जे० एलेक्जेएडर द्वारा लिखित अँग्रेजीकी यह पुस्तक (In the Hours of Meditation) ''ध्यानके समय'' एक महात्मा ने दी थी और इससे उनके जीवनमें बहुत ही महत्त्वपूर्ण परिवर्तन हुए थे। उन्होंने ही इस पुस्तकके कुछ अंश अनुवाद करके सुनाये । यह मुझे बहुत प्रिय लगी । इससे मुझे बहुत आश्वासन मिला । अपने जीवनके निर्माणके लिये एक दिशा मिली । मेरे कहनेपर उन्होंने पुस्तकका अधिकांश अपनी उर्दूमिश्रित भाषामें बोल दिया और मैंने संस्कृतप्रधान हिंदीमें लिख लिया । कहना नहीं होगा कि मैंने अब तक अंग्रेजी भाषा या लिपि नहीं सीखी है । इसलिये मूल ग्रन्थके, साथ इस अनुवादका कितना सम्बन्ध है, यह मैं नहीं कह सकता । इतना अवश्य कह सकता हूँ कि इस पुस्तककी भाषा और भाव पर मेरी इतनी ममता हो गयी है कि इस पुस्तकमें मेरा हृदय बोलता हुआ दीखता है । बहुतोंने इस पुस्तककी प्रतिलिपि करवायी और इससे लाभ उठाया । मेरे मित्र भाई सुदर्शनसिंह ''चक्र'' ने यह पुस्तक आद्योपांत पढ़ी । उन्हें यह इतनी भा गयी कि तीन-चार बरस अपने पास रखकर फिर उन्होंने इसे मानस-संघ, राम-वन, सतनासे प्रकाशित करवा दिया । पुस्तककी उपयोगिता इसीसे स्पष्ट है कि अब उस संस्करणकी कोई प्रति ढूँढे भी नहीं मिलती । अब मानस-संघके अधिकारी श्री शारदाप्रसाद जी वकीलसे स्वीकृति प्राप्त करके 'सत्साहित्य प्रकाशन ट्रस्ट' इसे प्रकाशित कर रहा है । मैंने अपने साधक जीवनके प्रारम्भमें इस पुस्तकका इतना स्वाध्याय किया है, आश्वासन प्राप्त किया है, इसके द्वारा प्राप्त पथ-प्रदर्शनसे लाभ उठाया है कि मैं अपने प्रेमी सत्संगियोंको इससे लाभान्वित किये बिना रह नहीं सकता । इसके पुनः प्रकाशनमें भी मेरी आन्तरिक इच्छाके साथ-साथ सुदर्शनजीकी प्रेरणा भी पर्याप्त मात्रामें है ।

मुझे पूर्ण विश्वास है कि यह पुस्तक किसी भी साधकको अपने लक्ष्यकी प्राप्तिमें समर्थ एवं सक्रिय सहयोग देगी ।

 

अनुक्रम

 

वक्तव्य : स्वामी अखण्डानन्द जी मन्त्रपाठ

3

1

पवित्रता

6

2

शान्ति

9

3

जागो

11

4

मुझे पुकारो

13

5

गुरु-शिष्य सम्बन्ध

16

6

पगली छलाँग

23

7

सच्ची प्राथर्ना

25

8

कठिनाइयोंका सामना करो

30

9

मैं प्रेम हूँ

35

10

आचरण ही सर्वस्व है

39

11

अभी और यहीं

43

12

केवल प्रकाश

48

13

आत्माकी वाणी

51

14

मूल्यांकन

57

15

टेढ़े मार्ग सीधे हो जायंगे

63

16

विश्वास करो

67

17

सदा कर्मरत रहो

71

18

मनकों श्मशान बना दो

75

19

मिथ्यासक्ति त्यागो

79

20

आत्म-शक्ति

83

21

गुरु-महिमा

89

22

आध्यात्मिक पराक्रम

93

23

विश्वासमें ही भलाई

99

24

आत्मविश्लेषण करो

103

25

अहंकारको मिटा दो

108

26

निरपेक्ष रहो

114

27

विश्व-प्रेमी बनो

118

28

सच्चा संन्यास

122

29

नित्य साक्षात्कार

126

30

ॐ तत्वमसि

128

Sample Page


Post a Comment
 
Post Review
Post a Query
For privacy concerns, please view our Privacy Policy

Related Items

In The Hours of Meditation
by Frank Alexander
Paperback (Edition: 2002)
Advaita Ashrama
Item Code: IDH324
$5.50
Add to Cart
Buy Now
The Path of Meditation: A Step by Step Guide to Meditation
by Osho
Hardcover (Edition: 2008)
Rebel Publisher
Item Code: IHL571
$27.50
Add to Cart
Buy Now
Meditation: The First And Last Freedom (A Practical Guide To Meditation)
by Osho
Hardcover (Edition: 2011)
Osho Media International
Item Code: NAE145
$35.00
Add to Cart
Buy Now
Meditation And Its Preparation
by Eminent Contributors
Paperback (Edition: 2009)
Advaita Ashrama
Item Code: IDF686
$6.00
Add to Cart
Buy Now
Meditation Know How
by Sri Swami Sivananda
Paperback (Edition: 2007)
The Divine Life Society
Item Code: IDK474
$13.50
Add to Cart
Buy Now
CONCENTRATION AND MEDITATION
by Swami Sivananda
Paperback (Edition: 2014)
The Divine Life Society
Item Code: IDF824
$16.50
Add to Cart
Buy Now
Meditation Inc. (144 Techniques to Transform the Quality of your Work and Life)
by Osho
Paperback (Edition: 2006)
Tao Publishing Pvt. Ltd
Item Code: IDJ553
$35.00
Add to Cart
Buy Now
Living Meditation (A Journey Beyond Body and Mind)
by Hector Esponda Dubin
Paperback (Edition: 2004)
Radha Soami Satsang Beas
Item Code: NAL818
$20.00
Add to Cart
Buy Now
Planetary Meditation (A Cosmic Approach)
by Ajai Bhambi
Paperback (Edition: 2012)
Bennett, Coleman and Co. Ltd.
Item Code: NAF798
$25.00
Add to Cart
Buy Now
Meditation and Spiritual Life
by Swami Yatiswarananda
Hardcover (Edition: 2013)
Advaita Ashrama
Item Code: IDK749
$30.00
Add to Cart
Buy Now

Testimonials

The Lakshmi statue arrived today and it is beautiful. Thank you so much for all of your help. I am thrilled and she is an amazing statue for my living room.
Susanna, West Hollywood, CA.
I received my ordered items in good condition. I appreciate your excellent service that includes a very good collection of items and prompt delivery service arrangements upon receiving the order.
Ram, USA
Adishankaracharya arrived safely in Munich. You all did a great job. The packaging was extraordinary well done. Thanks to all of you. I´m very happy...
Hermann, Germany
We had placed the order on your site and we received it today. We had tried a lot for finding that book but we couldn't. Thanks for the book.This was what we wanted.
Harkaran
I received my items in good condition. Packing was excellent. I appreciate your excellent service that includes a very good array of items you offer, various good shipping options, and prompt response upon receiving the order.
Ram
I received the necklace today. It is absolutely beautiful -so amazing. And the beautiful box it came in. Thank you so much for this amazing art. Very best regards.
Clare, Ireland
I received a dupatta with a Warli print. It is so beautiful! Great price.
Marie, USA
I just got the package delivered. The books look in good condition from outside. Thanks again. It is always a pleasure doing business with you.
Shambhu, Brooklyn
I wanted to let you know that the books arrived yesterday in excellent condition. Many, many thanks for the very rapid response. My husband had purchased many years ago a Kâshî Sanskrit Series edition of Nâgesha’s work that lacked the second volume. Delighted to have found the entire work — and in the original edition.
Cheryl, Portland.
I received a sterling silver cuff and ring. Both are more beautiful than I imagined. They came in a beautiful box; I will treasure them. The items here are made by artists.. and the shipping was faster than I expected.
Marie, USA
TRUSTe
Language:
Currency:
All rights reserved. Copyright 2017 © Exotic India