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Books > Hindi > कम्ब रामायण: The Kamba Ramayana (Word-to-Word Meaning, Hindi Translation and Explanation) (Set of 5 Volumes)
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कम्ब रामायण: The Kamba Ramayana (Word-to-Word Meaning, Hindi Translation and Explanation) (Set of 5 Volumes)
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कम्ब रामायण: The Kamba Ramayana (Word-to-Word Meaning, Hindi Translation and Explanation) (Set of 5 Volumes)
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Description
Part I


अनुवाद

मुझसे निवेदन किया गया कि कम्बन के इस लिप्यन्तरण-भाषान्तरण की भूमिका लिखूं और मैं सहर्ष यह भूमिका लिख रहा हूँ ।

अनेकानेक तमिल ज्ञाता साहित्यप्रेमियों के लिए 'कम्बन' (काअध्ययन) आनन्द और चित्तोल्लास का अचूक और निरन्तर स्रोत रहता आया है । उसकी सुन्दर भाषा, प्रकृति का उज्ज्वल वर्णन, चित्तापहारी चरित्र-चित्रण, मानवीय भावों और भावनाओं के क्षेत्र में उसका विस्मयकारी संवेदन, उसकी सारी रचना में अंतर्निहित रहनेवाला नैतिक उद्देश्य, ईश्वर सम्बन्धी धारणा के क्षेत्र में उसके दर्शन का अनूठा योगदान, उसके दार्शनिक सिद्धान्त जिनका आकर्षण सार्वभौमिक है -इन सबने मिलकर मेरे मन पर अप्रतिम प्रभाव अंकित किया है । कम्बन का अध्ययन मुझे अपने दैनिक कार्य-भार के दबाव से यौवनोल्लासकारी मुक्ति दिलाता आया है । अत: जब मुझे मालूम हुआ कि इस काव्य का हिन्दी में अनुवाद हुआ है तो मुझे इस विचार को लेकर अति आनन्द हुआ कि अब अधिक संख्या में लोग जिनकी मातृभाषा तमिऴ नहीं है और जो तमिल नहीं जानते, कम्बन का रस-भोग कर सकेंगे और लाभ प्राप्त कर सकेंगे ।

मुझे मालूम होता है कि यह अनुवाद लखनऊ के 'भुवन वाणी ट्रस्ट' द्वारा प्रकासित हो रहा है और इस प्रयास के प्राण श्री नन्दकुमार अवस्थी हैं जो उस ट्रस्ट के संस्थापक- अध्यक्ष है । वे विभिन्न भाषाओं के उत्कृष्ट ग्रन्थों के हिन्दी में लिप्यन्तरण-भाषान्तरण द्वारा राष्ट्रीय एकता और भावात्मक ऐकीकरण लाना चाहते हैं और इस दिशा में उनका अथक उत्साह और ज्वलन्त जोश धन्य है कि आज लगभग तीस अत्युत्तम ग्रन्थ हिन्दी में उपलब्ध हैं जिनमें अरबी का क़ुरान शरीफ़, अंग्रेजी से इंजील और तमिऴ से तिरुक्कुऱळ् शामिल हैं । और भी अनेक ग्रन्थ तैयार हो रहे हैं । ट्रस्ट हिन्दी के अच्छे ग्रन्थों का भी अन्य भाषाओं में लिप्यन्तरण-भाषान्तरण प्रस्तुत कर रहा है ।

प्रस्तुत अनुवाद श्री ति० शेषाद्रि द्वारा किया जा रहा है । वे अवकाश-प्राप्त आचाय हैं और उनका अंग्रेजी, तमिल और हिन्दी में अनुवाद कार्य का समृद्ध अनुभव है । इस कृति की रचनाविधि यों है- पहले नागरी लिपि में कम्बन का मूल पद देना; बाद तमिल के शब्दों का, अन्वय के क्रम से हिन्दी अर्थ देना, और उसके बाद धारावाही भावार्थ देना है । यह सिलसिला सभी पदों का रहेगा । यह तो सर्वविदित है कि एक भाषा के साहित्य के दूसरी भाषा में अनुवाद में सारी अन्तर्निहित खूबियाँ लाना-दरसाना असम्भव है; चाहे प्रयास कितने ही किये जाते हों! क्योंकि मामला ही कुछ ऐसा है कि हर भाषा की अपनी-अपनी विशिष्टताएँ हैं, जो उसे उसके शब्दों के सदियों के विशेष अर्थो में प्रयोग के दौरान मिल जाती हैं । एक तरह से शब्द सम्बन्धित लोगों की सारी सम्यता व संस्कृति के सार-संक्षेप ही हो गये रहते । तो भी श्री शेषाद्रि ने कार्य की स्वाभाविक परिसीमाओं के अन्दर रहकर सारे प्रयत्न किये है जो मानवसाध्य हैं । और उन्हें प्रोत्साहन और प्रशंसा मिलनी चाहिए ।

ट्रस्ट के सत्कार्य की मैं तहेदिल से ताईद करता हूँ और उसे इस सदिच्छापूर्ण कार्य में सफलता मिले-इसकी हार्दिक कामना करता हूँ ।







भाग -

विषय सूची (बालकाण्ड)

तुदीपपाडलहल

40-45

प्रशस्तिपद

46-57

नदी पटल

58-67

देश पटल

67-92

नगर पटल

93-124

शासन पटल

124-129

श्री अवतार पटल

129-179

हस्तधरन पटल

179-189

ताडका वध पटल

190-218

याग पटल

218-241

अहल्या पटल

242-282

मिथिला दृश्य दर्शन पटल

282-350

वंशक्रम परिचय पटल

350-366

कार्मुक पटल

366-395

प्रस्थान पटल

395-430

शैलदर्शन पटल

431-466

पुष्प चयन पटल

466-486

जलक्रीड़ा पटल

486-499

पानक्रीड़ा पटल

500-528

अगवानी पटल

529-543

वीथि भ्रमण पटल

544-566

श्रृंगार सज्जा पटल

566-586

शुभ विवाह पटल

587-628

परशुराम पटल

629-652

 

Part II





भाग -

विषय सूची (अयोध्याकाण्ड)

प्रशस्तियाँ, अनुवादक की अवतरणिका, प्रकाशकीय

1-24

ईश्वर वन्दना

25

मन्त्रणा पटल

26-65

मन्त्रणा पटल

65-99

मन्थरा षड्यन्त्र पटल

99-149

कैकेयी दुष्कृत्य पटल

149-246

नगर निर्गमन पटल

246-284

तैलापर्ण पटल

284-295

गंगा पटल

295-314

गुह पटल

314-335

वन प्रवेश पटल

335-358

चित्रकूट पटल

359-410

चितर्पण पटल

410-431

मार्ग गमन पटल

431-463

गंगा दर्शन पटल

463-515

पादुका धारण पटल

 

अरण्यकाण्ड

ईश्वर वन्दना

517

विराध वध पटल

517-547

शरभंग जन्म मोक्ष पटल

547-565

अगस्तय पटल

565-588

जटायु दर्शन पटल

588-605

शूर्पणखा पटल

605-671

खर वध पटल

671-747

शूर्पणखा षड्यन्त्र पटल

747-820

मारीच वध पटल

820-854

जटायु प्राणत्याग पटल

854-945

अयोमुखी पटल

945-985

कबन्धवध पटल

985-1009

शबरी जन्म निवारण पटल

1009-1013

भाग -

विषय सूची (किष्किन्धाकाण्ड)

प्रशस्तियाँ, अनुवादक की अवतरणिका, प्रकाशकीय

1-40

ईश्वर वन्दना

41

पम्पा पटल

41-60

हनुमान पटल

60-76

मैत्री पटल

76-109

सालवृक्ष पटल

110-119

दुन्दुभी पटल

119-125

आभरण दर्शन पटल

125-138

वाली वध पटल

138-213

शासन शास्त्र पटल

213-227

वर्षाकाल पटल

227-278

किष्किन्धा पटल

278-332

सेना संदर्शन पटल

332-347

अन्वेषण प्रेषण पटल

347-379

बिल प्रवेश निर्गमन पटल

379-408

मार्ग गमन पटल

408-427

सम्पाती पटल

427-449

महेन्द्र पटल

449-461

सुन्दरकाण्ड

समुद्र संतरण पटल

463-506

नगरान्वेषण पटल

506-609

सीता दर्शन पटल

609-677

रूप दर्शन पटल

677-727

चूडामणि पटल

728-758

(अशोक) वन विध्वंस पटल

758-781

किंकर वध पटल

781-810

जम्बुमाली वध पटल

810-833

पंच सेनापति वध पटल

833-858

अक्षकुमार वध पटल

859-883

पाश बन्धन पटल

883-910

बन्धन मुक्ति पटल

910-968

लंका दहन पटल

968-991

शीचरण वन्दना पटल

991-1015

भाग -

विषय सूची (युद्धकाण्ड - पूर्वार्ध)

प्रशस्तियाँ, प्रकाशकीय, अनुवादकीय, विषय सूची आदि

1-32

समुद्र संदर्शन पटल

33-39

रावण मंत्रणा पटल

39-88

हिरण्य वध पटल

88-164

विभीषण शरणागति पटल

164-227

लंका श्रवण पटल

227-258

वरुण शरणगमन पटल

258-291

सेतु बन्धन पटल

292-316

गुप्तचर श्रवण पटल

316-353

लंका संदर्शन पटल

353-364

रावण वानरसेना संदर्शन पटल

364-377

मुकुट भंग पटल

377-399

व्यूह रचना पटल

400-412

अंगद दौत्य पटल

412-432

प्रथमदिवस युद्ध पटल

432-534

कुम्भकर्ण युद्ध पटल

534-685

माया जनक पटल

686-728

अतिकाय वध पटल

729-836

नागपाश पटल

836-963

सेनाध्यक्ष वध पटल

963-998

मकराक्ष वध पटल

998-1016

भाग -

विषय सूची (युद्धकाण्ड - उत्तरार्ध)

मुखपृष्ठ, प्रशस्तियाँ, प्रकाशकीय, विश्वनागरी लिपि, अनुवादकीय,
तमिळ देवनागरी वर्णमाला, तमिळ उच्चारण विधि विषय सूची आदि

1-40

ब्रह्मास्त्र पटल

41-137

सीता युद्धस्थल दर्शन पटल

137-150

ओषधि पर्वत पटल

150-197

मद्दपान केलि पटल

197-207

मायासीता पटल

207-244

निकुंभिला याग पटल

244-320

इन्द्रजित वध पटल

320-351

रावण शोक पटल

351-374

सेना संदर्शन पटल

374-396

मूल बल वध पटल

396-493

शक्ति धारण पटल

493-514

वानर युद्धभूमि संदर्शन पटल

514-529

रावण युद्धक्षेत्र संदर्शन पटल

529-540

रावण रथारोहण पटल

540-555

श्रीराम रथारोहण पटल

555-665

रावण वध पटल

566-665

प्रत्यागमन पटल

665-804

किरीट धारण पटल

804-822

विदाई पटल

822-840

 

Sample Page (Volume I)


कम्ब रामायण: The Kamba Ramayana (Word-to-Word Meaning, Hindi Translation and Explanation) (Set of 5 Volumes)

Item Code:
NAI599
Cover:
Hardcover
Edition:
1980
Language:
Word-to-Word Meaning, Hindi Translation and Explanation
Size:
8.5 inch X 5.5 inch
Pages:
4556
Other Details:
Weight of the Book: 4.7 kg
Price:
$125.00   Shipping Free - 4 to 6 days
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कम्ब रामायण: The Kamba Ramayana (Word-to-Word Meaning, Hindi Translation and Explanation) (Set of 5 Volumes)

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Part I


अनुवाद

मुझसे निवेदन किया गया कि कम्बन के इस लिप्यन्तरण-भाषान्तरण की भूमिका लिखूं और मैं सहर्ष यह भूमिका लिख रहा हूँ ।

अनेकानेक तमिल ज्ञाता साहित्यप्रेमियों के लिए 'कम्बन' (काअध्ययन) आनन्द और चित्तोल्लास का अचूक और निरन्तर स्रोत रहता आया है । उसकी सुन्दर भाषा, प्रकृति का उज्ज्वल वर्णन, चित्तापहारी चरित्र-चित्रण, मानवीय भावों और भावनाओं के क्षेत्र में उसका विस्मयकारी संवेदन, उसकी सारी रचना में अंतर्निहित रहनेवाला नैतिक उद्देश्य, ईश्वर सम्बन्धी धारणा के क्षेत्र में उसके दर्शन का अनूठा योगदान, उसके दार्शनिक सिद्धान्त जिनका आकर्षण सार्वभौमिक है -इन सबने मिलकर मेरे मन पर अप्रतिम प्रभाव अंकित किया है । कम्बन का अध्ययन मुझे अपने दैनिक कार्य-भार के दबाव से यौवनोल्लासकारी मुक्ति दिलाता आया है । अत: जब मुझे मालूम हुआ कि इस काव्य का हिन्दी में अनुवाद हुआ है तो मुझे इस विचार को लेकर अति आनन्द हुआ कि अब अधिक संख्या में लोग जिनकी मातृभाषा तमिऴ नहीं है और जो तमिल नहीं जानते, कम्बन का रस-भोग कर सकेंगे और लाभ प्राप्त कर सकेंगे ।

मुझे मालूम होता है कि यह अनुवाद लखनऊ के 'भुवन वाणी ट्रस्ट' द्वारा प्रकासित हो रहा है और इस प्रयास के प्राण श्री नन्दकुमार अवस्थी हैं जो उस ट्रस्ट के संस्थापक- अध्यक्ष है । वे विभिन्न भाषाओं के उत्कृष्ट ग्रन्थों के हिन्दी में लिप्यन्तरण-भाषान्तरण द्वारा राष्ट्रीय एकता और भावात्मक ऐकीकरण लाना चाहते हैं और इस दिशा में उनका अथक उत्साह और ज्वलन्त जोश धन्य है कि आज लगभग तीस अत्युत्तम ग्रन्थ हिन्दी में उपलब्ध हैं जिनमें अरबी का क़ुरान शरीफ़, अंग्रेजी से इंजील और तमिऴ से तिरुक्कुऱळ् शामिल हैं । और भी अनेक ग्रन्थ तैयार हो रहे हैं । ट्रस्ट हिन्दी के अच्छे ग्रन्थों का भी अन्य भाषाओं में लिप्यन्तरण-भाषान्तरण प्रस्तुत कर रहा है ।

प्रस्तुत अनुवाद श्री ति० शेषाद्रि द्वारा किया जा रहा है । वे अवकाश-प्राप्त आचाय हैं और उनका अंग्रेजी, तमिल और हिन्दी में अनुवाद कार्य का समृद्ध अनुभव है । इस कृति की रचनाविधि यों है- पहले नागरी लिपि में कम्बन का मूल पद देना; बाद तमिल के शब्दों का, अन्वय के क्रम से हिन्दी अर्थ देना, और उसके बाद धारावाही भावार्थ देना है । यह सिलसिला सभी पदों का रहेगा । यह तो सर्वविदित है कि एक भाषा के साहित्य के दूसरी भाषा में अनुवाद में सारी अन्तर्निहित खूबियाँ लाना-दरसाना असम्भव है; चाहे प्रयास कितने ही किये जाते हों! क्योंकि मामला ही कुछ ऐसा है कि हर भाषा की अपनी-अपनी विशिष्टताएँ हैं, जो उसे उसके शब्दों के सदियों के विशेष अर्थो में प्रयोग के दौरान मिल जाती हैं । एक तरह से शब्द सम्बन्धित लोगों की सारी सम्यता व संस्कृति के सार-संक्षेप ही हो गये रहते । तो भी श्री शेषाद्रि ने कार्य की स्वाभाविक परिसीमाओं के अन्दर रहकर सारे प्रयत्न किये है जो मानवसाध्य हैं । और उन्हें प्रोत्साहन और प्रशंसा मिलनी चाहिए ।

ट्रस्ट के सत्कार्य की मैं तहेदिल से ताईद करता हूँ और उसे इस सदिच्छापूर्ण कार्य में सफलता मिले-इसकी हार्दिक कामना करता हूँ ।







भाग -

विषय सूची (बालकाण्ड)

तुदीपपाडलहल

40-45

प्रशस्तिपद

46-57

नदी पटल

58-67

देश पटल

67-92

नगर पटल

93-124

शासन पटल

124-129

श्री अवतार पटल

129-179

हस्तधरन पटल

179-189

ताडका वध पटल

190-218

याग पटल

218-241

अहल्या पटल

242-282

मिथिला दृश्य दर्शन पटल

282-350

वंशक्रम परिचय पटल

350-366

कार्मुक पटल

366-395

प्रस्थान पटल

395-430

शैलदर्शन पटल

431-466

पुष्प चयन पटल

466-486

जलक्रीड़ा पटल

486-499

पानक्रीड़ा पटल

500-528

अगवानी पटल

529-543

वीथि भ्रमण पटल

544-566

श्रृंगार सज्जा पटल

566-586

शुभ विवाह पटल

587-628

परशुराम पटल

629-652

 

Part II





भाग -

विषय सूची (अयोध्याकाण्ड)

प्रशस्तियाँ, अनुवादक की अवतरणिका, प्रकाशकीय

1-24

ईश्वर वन्दना

25

मन्त्रणा पटल

26-65

मन्त्रणा पटल

65-99

मन्थरा षड्यन्त्र पटल

99-149

कैकेयी दुष्कृत्य पटल

149-246

नगर निर्गमन पटल

246-284

तैलापर्ण पटल

284-295

गंगा पटल

295-314

गुह पटल

314-335

वन प्रवेश पटल

335-358

चित्रकूट पटल

359-410

चितर्पण पटल

410-431

मार्ग गमन पटल

431-463

गंगा दर्शन पटल

463-515

पादुका धारण पटल

 

अरण्यकाण्ड

ईश्वर वन्दना

517

विराध वध पटल

517-547

शरभंग जन्म मोक्ष पटल

547-565

अगस्तय पटल

565-588

जटायु दर्शन पटल

588-605

शूर्पणखा पटल

605-671

खर वध पटल

671-747

शूर्पणखा षड्यन्त्र पटल

747-820

मारीच वध पटल

820-854

जटायु प्राणत्याग पटल

854-945

अयोमुखी पटल

945-985

कबन्धवध पटल

985-1009

शबरी जन्म निवारण पटल

1009-1013

भाग -

विषय सूची (किष्किन्धाकाण्ड)

प्रशस्तियाँ, अनुवादक की अवतरणिका, प्रकाशकीय

1-40

ईश्वर वन्दना

41

पम्पा पटल

41-60

हनुमान पटल

60-76

मैत्री पटल

76-109

सालवृक्ष पटल

110-119

दुन्दुभी पटल

119-125

आभरण दर्शन पटल

125-138

वाली वध पटल

138-213

शासन शास्त्र पटल

213-227

वर्षाकाल पटल

227-278

किष्किन्धा पटल

278-332

सेना संदर्शन पटल

332-347

अन्वेषण प्रेषण पटल

347-379

बिल प्रवेश निर्गमन पटल

379-408

मार्ग गमन पटल

408-427

सम्पाती पटल

427-449

महेन्द्र पटल

449-461

सुन्दरकाण्ड

समुद्र संतरण पटल

463-506

नगरान्वेषण पटल

506-609

सीता दर्शन पटल

609-677

रूप दर्शन पटल

677-727

चूडामणि पटल

728-758

(अशोक) वन विध्वंस पटल

758-781

किंकर वध पटल

781-810

जम्बुमाली वध पटल

810-833

पंच सेनापति वध पटल

833-858

अक्षकुमार वध पटल

859-883

पाश बन्धन पटल

883-910

बन्धन मुक्ति पटल

910-968

लंका दहन पटल

968-991

शीचरण वन्दना पटल

991-1015

भाग -

विषय सूची (युद्धकाण्ड - पूर्वार्ध)

प्रशस्तियाँ, प्रकाशकीय, अनुवादकीय, विषय सूची आदि

1-32

समुद्र संदर्शन पटल

33-39

रावण मंत्रणा पटल

39-88

हिरण्य वध पटल

88-164

विभीषण शरणागति पटल

164-227

लंका श्रवण पटल

227-258

वरुण शरणगमन पटल

258-291

सेतु बन्धन पटल

292-316

गुप्तचर श्रवण पटल

316-353

लंका संदर्शन पटल

353-364

रावण वानरसेना संदर्शन पटल

364-377

मुकुट भंग पटल

377-399

व्यूह रचना पटल

400-412

अंगद दौत्य पटल

412-432

प्रथमदिवस युद्ध पटल

432-534

कुम्भकर्ण युद्ध पटल

534-685

माया जनक पटल

686-728

अतिकाय वध पटल

729-836

नागपाश पटल

836-963

सेनाध्यक्ष वध पटल

963-998

मकराक्ष वध पटल

998-1016

भाग -

विषय सूची (युद्धकाण्ड - उत्तरार्ध)

मुखपृष्ठ, प्रशस्तियाँ, प्रकाशकीय, विश्वनागरी लिपि, अनुवादकीय,
तमिळ देवनागरी वर्णमाला, तमिळ उच्चारण विधि विषय सूची आदि

1-40

ब्रह्मास्त्र पटल

41-137

सीता युद्धस्थल दर्शन पटल

137-150

ओषधि पर्वत पटल

150-197

मद्दपान केलि पटल

197-207

मायासीता पटल

207-244

निकुंभिला याग पटल

244-320

इन्द्रजित वध पटल

320-351

रावण शोक पटल

351-374

सेना संदर्शन पटल

374-396

मूल बल वध पटल

396-493

शक्ति धारण पटल

493-514

वानर युद्धभूमि संदर्शन पटल

514-529

रावण युद्धक्षेत्र संदर्शन पटल

529-540

रावण रथारोहण पटल

540-555

श्रीराम रथारोहण पटल

555-665

रावण वध पटल

566-665

प्रत्यागमन पटल

665-804

किरीट धारण पटल

804-822

विदाई पटल

822-840

 

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Very grateful for this service, of making this precious treasure of Haveli Sangeet for ThakurJi so easily in the US. Appreciate the fact that notation is provided.
Leena, USA.
The Bhairava painting I ordered by Sri Kailash Raj is excellent. I have been purchasing from Exotic India for well over a decade and am always beyond delighted with my extraordinary purchases and customer service. Thank you.
Marc, UK
I have been buying from Exotic India for years and am always pleased and excited to receive my packages. Thanks for the quality products.
Delia, USA
As ever, brilliant price and service.
Howard, UK.
The best and fastest service worldwide - I am in Australia and I put in a big order of books (14 items) on a Wednesday; it was sent on Friday and arrived at my doorstep early on Monday morning - amazing! All very securely packed in a very strong cardboard box. I have bought several times from Exotic India and the service is always exceptionally good. THANK YOU and NAMASTE!
Charles (Rudra)
I just wanted to say that this is I think my 3rd (big) order from you, and the last two times I received immaculate service, the books arrived well and it has been a very pleasant experience. Just wanted to say thanks for your efficient service.
Shantala, Belgium
Thank you so much EXOTIC INDIA for the wonderfull packaging!! I received my order today and it was gift wrapped with so much love and taste in a beautiful golden gift wrap and everything was neat and beautifully packed. Also my order came very fast... i am impressed! Besides selling fantastic items, you provide an exceptional customer service and i will surely purchase again from you! I am very glad and happy :) Thank you, Salma
Salma, Canada.
Artwork received today. Very pleased both with the product quality and speed of delivery. Many thanks for your help.
Carl, UK.
I wanted to let you know how happy we are with our framed pieces of Shree Durga and Shree Kali. Thank you and thank your framers for us. By the way, this month we offered a Puja and Yagna to the Ardhanarishwara murti we purchased from you last November. The Brahmin priest, Shree Vivek Godbol, who was visiting LA preformed the rites. He really loved our murti and thought it very paka. I am so happy to have found your site , it is very paka and trustworthy. Plus such great packing and quick shipping. Thanks for your service Vipin, it is a pleasure.
Gina, USA
My marble statue of Durga arrived today in perfect condition, it's such a beautiful statue. Thanks again for giving me a discount on it, I'm always very pleased with the items I order from you. You always have the best quality items.
Charles, Tennessee
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