Subscribe for Newsletters and Discounts
Be the first to receive our thoughtfully written
religious articles and product discounts.
Your interests (Optional)
This will help us make recommendations and send discounts and sale information at times.
By registering, you may receive account related information, our email newsletters and product updates, no more than twice a month. Please read our Privacy Policy for details.
.
By subscribing, you will receive our email newsletters and product updates, no more than twice a month. All emails will be sent by Exotic India using the email address info@exoticindia.com.

Please read our Privacy Policy for details.
|6
Your Cart (0)
Share our website with your friends.
Email this page to a friend
Books > Hindi > सवार और दूसरी कहानियाँ: Stories of 18th Century Delhi
Displaying 8186 of 11209         Previous  |  NextSubscribe to our newsletter and discounts
सवार और दूसरी कहानियाँ: Stories of 18th Century Delhi
Pages from the book
सवार और दूसरी कहानियाँ: Stories of 18th Century Delhi
Look Inside the Book
Description
पुस्तक के विषय में

'सवार और दूसरी कहानियाँ' शम्सुर्रहमान फ़ारूक़ी का पहला कहानी संग्रह है! भारत के पिछले हज़ार साल के इतिहास में 18वीं सदी सम्भवत: सबसे ज्यादा विवादस्पद रही है! आधुनिक भारत की चेतना को निर्मित करने वाले इतिहास-बोध के मुताबिक यह पतन और अहंकार का युग था जिसमें कविता, संस्कृति और राजनीति सबको महलों के राग-रंग और षड्यंत्रों ने तत्तहीन बना दिया था! अंग्रेजों के साथ आई हुई चेतना से ही फिर भारतीय सभ्यता का उद्धार हो सका! इसके विपरीत शम्सुर्रहमान फ़ारूक़ी अपनी रचनाओं में विस्तार से इस बात का चित्रण करते हैं कि भारतीय समाज 18वीं सदी में मिली-जुली हिन्दू-मुस्लिम तहज़ीब का सबसे विकसित नज़ारा पेश कर रहा था! प्रेम जैसे बुनियादी इंसानी रिश्तों से लेकर सामाजिक-राजनीतिक-सांस्कृतिक हर क्षेत्र में यह सामासिक संस्कृति नायब कारनामे कर रही थी! लेकिन अंग्रेज़ों ने सुनियोजित ढंग से इस संस्कृति पर कुठराघात किया! इस संग्रह की कहानियों में 18वीं सदी का दिल्ली शहर मुख्य पात्र की तरह मौजूद है! ग़ालिब और मीर जैसे शायरों पर केन्द्रित कहानियाँ न केवल उस युग की तहज़ीब को आँखों के सामने लाती हैं बल्कि इस औपनिवेशिक भ्रम का निवारण भी करती हैं कि उस युग के कवि,कलाकार अपनी दुनिया में खोए रहने वाले दरबारी मुसाहिब क़िस्म के लोग थे! इन कहानियों से पता चलता है कि दुनिया को अपने रचना-कर्म से सम्मोहित कर देने वाले इन महान रचनाकारों की दख़ल जीवन के तमाम क्षेत्रों में था! उनका जीवन और परिवेश ही उनकी विराट रचनाशीलता का स्त्रोत था! अन्तत: इन कहानियों से हमारे तत्कालीन समाज की एक ऐसी झाँकी प्रकट होती है जो जीवन की बहुआयामी धड़कनों से भरा हुआ था और कविता, कला तथा संस्कृति जिसकी शिराओं में ख़ून बनकर दौड़ती थीं!






Sample Page



सवार और दूसरी कहानियाँ: Stories of 18th Century Delhi

Item Code:
NZE346
Cover:
Paperback
Edition:
2011
ISBN:
9788126725267
Language:
Hindi
Size:
9.5 inch X 5.5 inch
Pages:
307
Other Details:
Weight of the Book: 330 gms
Price:
$25.00   Shipping Free
Look Inside the Book
Add to Wishlist
Send as e-card
Send as free online greeting card
सवार और दूसरी कहानियाँ: Stories of 18th Century Delhi

Verify the characters on the left

From:
Edit     
You will be informed as and when your card is viewed. Please note that your card will be active in the system for 30 days.

Viewed 1448 times since 16th Nov, 2014
पुस्तक के विषय में

'सवार और दूसरी कहानियाँ' शम्सुर्रहमान फ़ारूक़ी का पहला कहानी संग्रह है! भारत के पिछले हज़ार साल के इतिहास में 18वीं सदी सम्भवत: सबसे ज्यादा विवादस्पद रही है! आधुनिक भारत की चेतना को निर्मित करने वाले इतिहास-बोध के मुताबिक यह पतन और अहंकार का युग था जिसमें कविता, संस्कृति और राजनीति सबको महलों के राग-रंग और षड्यंत्रों ने तत्तहीन बना दिया था! अंग्रेजों के साथ आई हुई चेतना से ही फिर भारतीय सभ्यता का उद्धार हो सका! इसके विपरीत शम्सुर्रहमान फ़ारूक़ी अपनी रचनाओं में विस्तार से इस बात का चित्रण करते हैं कि भारतीय समाज 18वीं सदी में मिली-जुली हिन्दू-मुस्लिम तहज़ीब का सबसे विकसित नज़ारा पेश कर रहा था! प्रेम जैसे बुनियादी इंसानी रिश्तों से लेकर सामाजिक-राजनीतिक-सांस्कृतिक हर क्षेत्र में यह सामासिक संस्कृति नायब कारनामे कर रही थी! लेकिन अंग्रेज़ों ने सुनियोजित ढंग से इस संस्कृति पर कुठराघात किया! इस संग्रह की कहानियों में 18वीं सदी का दिल्ली शहर मुख्य पात्र की तरह मौजूद है! ग़ालिब और मीर जैसे शायरों पर केन्द्रित कहानियाँ न केवल उस युग की तहज़ीब को आँखों के सामने लाती हैं बल्कि इस औपनिवेशिक भ्रम का निवारण भी करती हैं कि उस युग के कवि,कलाकार अपनी दुनिया में खोए रहने वाले दरबारी मुसाहिब क़िस्म के लोग थे! इन कहानियों से पता चलता है कि दुनिया को अपने रचना-कर्म से सम्मोहित कर देने वाले इन महान रचनाकारों की दख़ल जीवन के तमाम क्षेत्रों में था! उनका जीवन और परिवेश ही उनकी विराट रचनाशीलता का स्त्रोत था! अन्तत: इन कहानियों से हमारे तत्कालीन समाज की एक ऐसी झाँकी प्रकट होती है जो जीवन की बहुआयामी धड़कनों से भरा हुआ था और कविता, कला तथा संस्कृति जिसकी शिराओं में ख़ून बनकर दौड़ती थीं!






Sample Page



Post a Comment
 
Post Review
Post a Query
For privacy concerns, please view our Privacy Policy

Related Items

Lingering Charm of Delhi (Myth, Lore and History)
by R. V. Smith
Paperback (Edition: 2016)
Niyogi Books
Item Code: NAL740
$28.00
Add to Cart
Buy Now
Delhi History and Places of Interest
Item Code: IDJ906
$17.00
Add to Cart
Buy Now
The Delhi Sultanate: The History and Culture of the Indian People (Volum VI)
by R.C. Majumdar
Hardcover (Edition: 2006)
Bharatiya Vidya Bhavan
Item Code: NAI196
$40.00
Add to Cart
Buy Now
Delhi (Its Monuments and History)
by Percival Spear
Paperback (Edition: 2012)
Oxford University Press
Item Code: NAJ214
$25.00
Add to Cart
Buy Now
Delhi Ancient History
by UPIENDER SINGH
Paperback (Edition: 2006)
Social Science Press
Item Code: NAD163
$20.00
Add to Cart
Buy Now
Delhi Down The Ages (Travel Through History)
by Dinesh Kapoor
Paperback (Edition: 2012)
Bennett Coleman and Co. Ltd
Item Code: NAF459
$25.00
Add to Cart
Buy Now
Delhi: A City of Museums
by Satyen Mohapatra

Hardcover (Edition: 2006)
Rupa Publication Pvt. Ltd.
Item Code: IDF383
$37.50
Add to Cart
Buy Now
Delhi: A thousand years of building
by Lucy Peck
Paperback (Edition: 2005)
Roli Books Pvt. Ltd.
Item Code: IDG130
$39.50
Add to Cart
Buy Now
Astronomical Instruments in The Delhi Museum
by G. R. Kaye
Hardcover (Edition: 1998)
Archaeological Survey of India
Item Code: NAL653
$15.00
Add to Cart
Buy Now

Testimonials

I love this web site and love coming to see what you have online.
Glenn, Australia
Received package today, thank you! Love how everything was packed, I especially enjoyed the fabric covering! Thank you for all you do!
Frances, Austin, Texas
Hi, just got my order! Wow! Soooooo beautiful!!! I'm so happy! You rock, thank you!
Amy, Malibu, USA
Nice website..has a collection of rare books.
Srikanth
Beautiful products nicely presented and easy to use website
Amanda, UK.
I received my order, very very beautiful products. I hope to buy something more. Thank you!
Gulnora, Uzbekistan
Thank you very much for the courtesy you showed me for the time I buy my books. The last book is a good book. İt is important in terms of recognizing fine art of İndia.
Suzan, Turkey
Thank You very much Sir. I really like the saree and the blouse fit perfeact. Thank You again.
Sulbha, USA
I have received the parcel yesterday and the shiv-linga idol is sooo beautiful and u have exceeded my expectations...
Guruprasad, Bangalore
Yesterday I received my lost and through you again found order. Very quickly I must say !. Thank you and thank you again for your service. I am very happy with this double CD of Ustad Shujaat Husain Khan. I thought it was lost forever and now I can add it to my CD collection. I hope in the near future to buy again at your online shop. You have wonderful items to offer !
Joke van der Baars, the Netherlands
TRUSTe
Language:
Currency:
All rights reserved. Copyright 2017 © Exotic India