| Specifications |
| Publisher: Naman Prakashan | |
| Author Yogendra Sharma | |
| Language: Hindi | |
| Pages: 94 | |
| Cover: HARDCOVER | |
| 9.0x6.0 Inch | |
| Weight 250 gm | |
| Edition: 2024 | |
| HCF888 |
| Delivery and Return Policies |
| Usually ships in 3 days | |
| Returns and Exchanges accepted within 7 days | |
| Free Delivery |
नाम योगेन्द्र
शर्मा जन्म-20-07-1950 शिक्षा - एम.ए. (अर्थ.), बी.एस.सी. अभिरूचि - साहित्य, संगीत,
योग, व्यायाम, पठन-पाठन प्रकाशित कृतियाँ : 1- कहानी संग्रह (4) 'तीसरे रावण की मौतम',
'मरद्, "राम-राम कंछीलाल' 'टका सेर आजादी' भारतीय ज्ञानपीठ द्वारा प्रकाशित 2-
लघु-कथा संग्रह (2) 'शिनाख्त', 'कितने भस्मासुर ?' 3- व्यंग्य संग्रह (1) 'जुगाड़ से
चलता देश।' 4 - उपन्यास (3) 'रुहेलखण्ड का गांधी', 'कितने अभिमन्यु,' 'विदुर कुटी का
संत, सहयोगी आधार पर कई संग्रह प्रकाशित । विशेष- 1- 'रुहेलखंड का गांधी' (उपन्यास),
कालीकट विश्वविद्यालय, केरल के डा. आर. सुरेंद्रन द्वारा शोध प्रवन्ध में सम्मिलित
। 2- एस.जे.जे.टी. विश्वविद्यालय, झुनझुन (राज) द्वारा रिसर्च गाइड नियुक्त। 3- 'तेवरी
पक्ष' पत्रिका का तीन वर्ष तक सहसम्पादन। उमर उजाला में 2004 से 2016 तक 52 च्यंग्य
प्रकाशित । 4- 'ग्रन्यायन (अलीगढ़) द्वारा डा. राकेश गुप्ता (स्व. पत्नी राजबली देवी)
स्मृति "साहित्य श्री प्रकाशित सम्मान 2017" 5- उ.प्र. हिन्दी संस्थान (लखनऊ)
द्वारा "राम प्रसाद विद्यार्थी रावी सर्जना सम्मान" 2016 (राम-राम कंछीलाल
कहानी संग्रह पर)। 6- आजकल 'कू' एवं पर सक्रिय फलोउर्स 7000 फालोइंग 9854, फेसबुक पर-440
फ्रेन्डस सम्प्रतिः भारतीय खाद्य निगम, हल्द्वानी (उत्तराखण्ड) से प्रबन्धक (गु.नि.)
के पद से दिनांक 31-07-2010 को सेवानिवृत्त, साहित्य सेवा में संलग्न। 'कबिरा जब हम
पैदा भय जंग हंसे हम रोवे, ऐसी करनी कर चलो, हम हंसे जग रोये।' योगेन्द्र शर्मा माँ
सरस्वती की अर्चना में जलता एक छोटा सा दीपक मात्र है। ईश्वर से प्रार्थना है कि अंतिम
श्वाँस तक जलता रहे।
Send as free online greeting card
Visual Search