राहु केतु: Rahu ketu

राहु केतु: Rahu ketu

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Item Code: HAA166
Author: कृष्ण कुमार: (Krishna Kumar)
Publisher: Alpha Publications
Language: Hindi
Edition: 2003
ISBN: 9788179480630
Pages: 336
Cover: Paperback
Other Details: 8.5 inch X 5.5 inch
Weight 450 gm

अपनी बात

 

वह किससे कब कौन सा काम कराएगा ये जानना बहुत मुश्किल है। जयोतिष चर्चा में प्रश्न उठा एक ओर तो हम राहु केतु को छाया ग्रह कहकर उनका अस्तित्व नकारते हैं । दूसरी ओर स्वयं महर्षि पराशर ने विंशोत्तरी दशा में 18 वर्ष राहु तथा 7 वर्ष केतु को देकर मानव जीवन के बहुमूल्य 25 वर्षों पर इन ग्रहों का आधिपत्य स्वीकारा है ।

राहु सभी अच्छे बुरे परिणाम कुछ इस प्रकार देता है कि उसका पूर्वानुमान एक चुनौती बन जाता है । राहु केतु पर अंग्रेजी भाषा में दो पुस्तकें दीख पड़ी । किन्तु हिन्दी भाषी पाठकों कें लिए राहु केतु पर अच्छी पुस्तक का अभाव था । मेरे मित्र श्री अमृतलाल जैन से स्रोत सामग्री संकलन का दायित्व संभाला । मेरे ज्यातिषी मित्रों ने सामग्री चयन व सम्पादन का कार्य संभाला । मेरे प्रशंसक पाठक व शोधकर्ता मित्रों ने भी टिप्पणियां, योग, कुंडली व अनुभव देकर पुस्तक की रूपरेखा निर्धारित की ।

बस इन सबके सम्मिलित प्रयास से पुस्तक ने एक आकार ले लिया इसे अपना प्रयाश मैं नहीं मानूंगा । निश्चय ही संकलन में कुछ भूलें या त्रुटियां अनजाने में अज्ञानता अथवा प्रमाद के कारण हुई होंगी । उसके लिए मैं क्षमाप्रार्थी हूं।

इस पुस्तक का उद्देश्य राहु की दशा, भुक्ति या गोचर सम्बन्धी अरिष्ट परिणामों के सम्बन्ध में जन मानस में व्याप्त भ्रान्ति व भय का उन्मूलन करना है । बहुधा भय अज्ञानमूलक होते हैं तथा ज्ञान से भय का नाश होता है । कदाचित यही विचार पुस्तक की प्रेरणा व मूलाधार है ।

आशा है ज्योतिष प्रेमी पाठक इसे उपयोगी पाएंगे ।

 

विषय सूची

1

राहु केतु पुराणों मे

1

2

राहु केतु का परिचय कारकत्व

4

3

राहु केतु का राशिफल

11

4

राहु केतु का भाव फल

23

5

राहु केतु का दृष्टि युति फल

54

6

 राहु दशा विचार

63

7

विभिन्न भावों में स्थित राहु केतु की महादशा

76

8

केतु महादशा में अन्तर्दशा में फल

86

9

राहु केतु की अन्तर्दशा का फल

99

10

राहु केतु की शयनादि अवस्था फल

114

11

दाम्पत्य जीवन में राहु केतु का योगदान

123

12

दाम्पत्य सुख का अभाव

140

13

विवाह समय निर्धारण में राहु का महत्तव

157

14

राहु की दशा का प्रभाव

169

15

राहु महादशा का शिक्षा पर प्रभाव

198

16

राहु का नक्षत्र प्रभाव

213

17

केतु का नक्षत्र प्रभाव

234

18

गोचर में राहु का प्रभाव

251

19

केतु का गोचर विचार

266

20

राहु केतु से बने योग

277

21

विशिष्ट कुंडलियों में रह का अध्ययन

296

22

रसु केतु के उपाय

304

परिशिष्ट सूची

1.

पति प्राप्ति के लिए जानकीकृत पार्वत स्तोत्र

313

2.

सभी विघ्न बाधाओं की शान्ति के लिए श्री राधाकृत गणेशस्तोत्रम

316

 

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