पुस्तक परिचय
सबसे अच्छी कविता सबसे अच्छी कविता इतनी विनम्र होगी कि जविश्वसनीय लगेगी इतनी प्राकृतिक होगी कि हिंदी लगेगी इतने दुखों में काम आएगी कि लिखी हुई नहीं लगेगी सबसे अच्छी कविता सबसे बुरे दिनों में याद आएगी उसे जो कंठ गाएगा मीठा लगेगा सबसे अच्छी कविता विकल कर देगी मुक्ति के लिए सबसे अच्छी कविता सबसे अच्छी बंदूक का सबसे बुरा छर्रा साबित होगी सबसे अच्छी कविता सबसे बुरे दिनों में पहचानी जाएगी देखते-देखते आग में बदल जाएगी।
लेखक परिचय
प्रेम तिवारी जन्म : 26/07/1970, पुरा दलाई तिवारी, रसड़ा, बलिया, उत्तर प्रदेश । आरंभिक शिक्षा बेंगलूरु, कोलकाता, फैज़ाबाद, वराणसी में। 1993 में इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक । 1994-2003 तक जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय, दिल्ली से एम.ए., एम.फिल., पीएच.डी. । 2004 से दिल्ली विश्वविद्यालय के दयालसिंह कॉलेज में हिंदी अध्यापन । 'बनारस का साहित्यिक इतिहास' विषय पर जवाहरलाल नेहरु विश्वविद्यालय से पीएच. डी. । 2014 से जनवादी लेखक संघ, दिल्ली राज्य के सचिव एवं हिंदी विकास संस्थान, दिल्ली के उपाध्यक्ष । कथा-साहित्य में गहरी रुचि और जन-आंदोलनों में सक्रियता ।
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