असाध्य रोगों की सरल चिकित्सा: Asadhya Rogon ki Saral Chikitsa (An Award Wining Book)
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असाध्य रोगों की सरल चिकित्सा: Asadhya Rogon ki Saral Chikitsa (An Award Wining Book)

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Item Code: HAA158
Author: डॉ. नागेन्द्र 'नीरज': (Dr. Nagendra 'Niraj)
Publisher: Popular Book Depot
Language: Hindi
Edition: 2014
ISBN: 9788186098639
Pages: 288
Cover: Paperback
Other Details: 8.5 inch X 5.5 inch
Weight 360 gm

नवीनतम संस्करण

 

आप सबका भरपूर स्नेह एवं प्यार मिल रहा हैयही कारण है कि मेरी पुस्तकों के कई सेकई संस्करण प्रकाशित हो रहे हैंप्रस्तुत पुस्तक. असाध्य रोगों की सरल चिकित्सा का नवीनतम परिवर्द्धित एवं संशोधित संस्करण आपके हाथों में सौंपते हुए अपार हार्दिक प्रसन्नता हो रही हैआप लोग जिस सहजता सहृदयता एवं अपनेपन से मेरी पुस्तकों के सम्बन्ध में प्रेम भरे पत्र लिखते हैउन्हें पढ़कर ऐसा प्रतीत होता है कि मेरी लेखनी को सही एवं नई स्वस्फूर्त दिशा मिलती जा रही है

प्रस्तुत पुस्तक में कई नए विषय जोडे गए हैंविश्व की औसत आयु बढने के कारण बुढ़ापे के अनेक रोग, जैसे पार्किन्सन तथा एलजीमर (बुढ़ापे का पागलपन) आदि से ग्रस्त रोगियों की संख्या भी तेजी से बढ़ रही हैइसके सम्बन्ध में सविस्तार चर्चा की गई हैविश्व में प्रतिस्पर्द्धा एवं तनाव जीवन का अहम् हिस्सा बन गए हैं, चाहते हुए भी उससे मुक्त रहना मुश्किल हैऐसी परिस्थिति में तनाव के साथ कैसे जिया जाए? क्रोध या गुस्से से आप सभी का भली से भाँति परिचय होगा हीचिन्ता, दुश्चिन्ता जीवन में पुन की तरह लगकर जीवन को अन्दर ही अन्दर खोखला कर रही हैइन सबसे बचने के उपाय एवं इनके शारीरिक. मानसिक एवं आध्यात्मिक उपचार के सम्बन्ध में सविस्कृत अनुभव गम्य जानकारी दी गई है

सेक्स जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा है किन्तु उसे हमेशा तिरस्कार की दृष्टि से देखा गया हैपाठय सेपुस्तकों से उसे बहिष्कृत किया गया हैपरिणामत युवा वर्ग अनेक घृणित रोगों से ग्रस्त हो रहा हैसेक्स से सम्बन्धित तीन महत्वपूर्ण बीमारियों सेएड्स, नपुंसकता तथा स्वप्नदोष के सम्बन्ध में आधुनिक एवं प्राचीन चिकित्सा के आधार पर सविस्तार जानकारी दी गई हैइन रोगों को लेकर लोगों में अनेक भ्राँतियाँ हैं, उन्हें दूर करने का हरसंभव प्रयास किया गया है

प्रिय सुविज्ञ, सजग पाठक! आपकी भावनाओं आवश्यकताओं, सफल एवं स्वस्थ भविष्य को ध्यान में रखते हुए प्रस्तुत पुस्तक लिखी गई हैआशा है कि आप इसे पसन्द करेंगेआपको यह पुस्तक कैसी लगी इस सम्बन्ध में भी आप लिखेंगेआप एवं आपके परिवार के दिव्य सौन्दर्य, स्वास्थ्य, समृद्धि. समता, सुख एवं शांति की मंगलकामना के साथभला हो! कल्याण हो! सुखी हो! स्वस्थ हो!

 

विषय सूची

1

प्रकृति और हमारा स्वास्थ्य

1 से 2

2

स्वास्थ्य का संगीत प्राकृतिक चिकित्सा

3 से 6

3

बापू प्राकृतिक चिकित्सा और राष्ट्रीय स्वास्थ्य

7 से 11

4

उन्मुक्त   विकृत सेक्स   प्राणलेवा महामारी एड्स

12 से 21

5

आधुनिक सभ्यता का अभिशाप उच्चरक्तचाप

22 से 31

6

दीर्घ जीवन की माप निम्नरक्तचाप

32 से 36

7

अकस्मात् देता शोक हाय हृदय रोग

37 से 44

8

स्वास्थ्य और सौन्दर्य का दुश्मन हाय! मोटापा

45 से 50

9

स्वस्थ जीवन से तोड़ा नेह ओह घातक मारक मधुमेह

51 से 56

10

दमा दम के साथ जाय? नहीं मेरे भाय!

57 से 61

11

सुखी जीवन को करे मात गठिया और संधिवात

62 से 71

12

प्रतिस्पर्द्धा तनाव निद्रानाश (अनिद्रा)

72 से 78

13

कैंसर का आनसर योगनेचरक्योर

79 से 85

14

साइनोसाइटिस फ्लू (इन्फ्लुएंजा)

86 से 88

15

सिर दर्द

89 से 94

16

हाइपोथायरॉयडिज़्म का प्राकृतिक उपचार

95 से 98

17

बुढ़ापे के पागलपन (डिमिन्शिया एलजीमर) का शारीरिक, मानसिक एवं सामाजिक प्रबन्धन

99 से 112

18

तनावजन्य भूख से सम्बन्धित रोग से बचने के उपाय

113 से 116

19

कुरूपता से कैसे बचें सेप्राकृतिक उपचार

117 से 123

20

विभिन्न मानसिक रोग प्राकृतिक चिकित्सा एवं योग

124 से 135

21

महारोग ' क्रोध' का प्राकृतिक उपचार

136 से145

22

तनाव का प्राकृतिक उपचार

146 से 153

23

चिन्ता और दुश्चिन्ता का यौगिक तथा प्राकृतिक उपचार

154 से 174

24

नपुंसकता कारण, लक्षण एवं नैसर्गिक निवारण

175 से187

25

स्वप्नदोष

188 से 196

26

गाओ! मेरे प्यारे मीत जीवन मधुर सुगम संगीत

197 से198

27

मित्र रोग जुकाम, उल्टी तथा दस्त, दर्द, बुखार

199 से 211

28

शत्रु रोग कोष्ठबद्धता, अग्निमंदता, पुराना पेचिश, अम्ल पित्त

212 से 218

29

शत्रु रोगों का जीर्ण रोगों से सम्बन्ध

219 से 221

30

पार्किन्सन रोग की प्राकृतिक चिकित्सा

222 से253

31

प्राकृतिक चिकित्सा रो लाभान्वित विभिन्न असाध्य रोगियों का विवरण

254 से 278

32

समर्पित कर्मयोगी डॉ नीरज

279 से 281

 

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