पुस्तक परिचय
स्वस्थ, निरोग, समृद्ध और खुशहाल जीवन की कल्पना संसार के समस्त स्त्री-पुरुष करते हैं लेकिन उन्हें इस बात का ज्ञान नहीं होता है कि आखिर ऐसा उम्दा जीवन प्राप्त कैसे हो सकता है? न ही धन से, न ही ज्ञान से और न ही श्रम से इतना जीवंत जीवन किसी को मिल सकता है, इसके लिए 'सर्वगुण सम्पन्न' होना अत्यंत आवश्यक है। गुणों से ही व्यक्ति का चारित्रिक, मानसिक और शारीरिक विकास होता है। बेशक दिल और दिमाग का पोषण अच्छे गुणों से ही होता है। सर्वगुण सम्पन्न बनें। यह पुस्तक इसमें आपकी मदद अवश्य ही करेगी।
लेखक परिचय
राजेन्द्र पाण्डेय कई प्रकाशनों के लिए विविध विषयों पर पुस्तकें लिख चुके हैं। महिला पत्रिका 'गृहलक्ष्मी' और 'गृहनंदनी' का संपादन कार्य लगातार कई वर्षों तक किया है, इसके साथ ही कई पत्र-पत्रिकाओं के लिए लेखन कार्य भी किया है। प्रकाशित चर्चित पुस्तकें : 'चुटकी भर चंदन' (उपन्यास), 'चाणक्य और चन्द्रगुप्त', 'आपसी रिश्तों में कड़वाहट कैसे दूर करें', 'अपना विवाह बचाएं', 'बच्चों के साथ एडजस्टमेंट', माता-पिता और बच्चों के बीच का रिश्ता, 'हमारा भगवान?' (उपन्यास), 'सफल होने के 101 ज्ञानसूत्र', 'बस यही है प्यार' आदि पुस्तकें काफी चर्चित रही हैं। पुरस्कार : राष्ट्रीय हिन्दी सेवी सहवाव्दी सम्मान संप्रति : स्वतंत्र लेखन
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