पुस्तक परिचय
समाज की गतिविधियों का दर्पण है पत्रकारिता। पत्रकारिता की यह सामान्य परिभाषा अपने में गहन अर्थ लिए हुए है। पत्रकारिता ही वह माध्यम है जो समाज में बदलाव की क्षमता रखती है। प्रत्येक व्यक्ति सामाजिक जीवन में अपनी जिज्ञासा को शान्त करने हेतु आतुर रहता है। इन सारे सवालों के जवाब का एक ही माध्यम है, पत्रकारिता। पत्रकारिता के साथ ही सामाजिक मूल्यों का संरक्षण संभव है। भारतीय हिन्दी पत्रकारिता का अपना इतिहास रहा है। पत्रकारिता के माध्यम से ही समाज में स्वस्थ परिवार का निर्माण किया जा सकता है। नैतिकता से परिपूर्ण पत्रकारिता समाज में अहिंसा के विकास का सशक्त माध्यम है। पत्रकारिता में नैतिक मूल्यों का समावेश ही पत्रकारिता की नवीन परिभाषा है। उस्मानिया विश्वविद्यालय के स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम में चुनिंदा विषय के रूप में हिन्दी पत्रकारिता को रखा गया है। पत्रकारिता पर कई पुस्तकें प्रकाशित हुई। लेकिन पाठ्यक्रम के अनुसार कोई पुस्तक उपलब्ध नहीं थी। छात्रों की समस्याओं को ध्यान में रखकर इस पुस्तक की रचना संभव हो सकी। इस पुस्तक को स्वरूप प्रदान करने में वरिष्ठ पत्रकारों के पुस्तकों, लेखों की महत्वपूर्ण भूमिका है। जिसमें डॉ. वेदप्रताप वैदिक, सुधाकर पाण्डेय, प्रवीना दीक्षित, डॉ. मधु धवन, दिनेश शक्ति त्रिखा, हर्ष देव, अभी आधार, नीडर प्रभृति । इस पुस्तक को रूप प्रदान करने में मेरे विद्यार्थी और प्राध्यापक डॉ. साकोले दत्ता की विशेष आभारी हूँ जिन्होंने सामग्री संकलन में महत्वपूर्ण कार्य किया। साथ ही छात्रा मंगला माने आशीर्वाद के पात्र है जिन्होंने अपने सुअक्षरों से सुचारू रूप से लिखने का कार्य किया। पाठ्यक्रम के अनुसार पुस्तक को पाँच भागो में विभाजित किया गया है। प्रथम अध्याय में हिन्दी पत्रकारिता की परिभाषा, अर्थ स्वरूप, हिन्दी पत्रकार और पत्रिकाएँ, समाचार पत्र की परिभाषा अर्थ एवं स्वरूप को विश्लेषित किया गया है। साथ ही समाचार पत्र का महत्व पत्रकारिता के विविध रूप जिसमें रेडियो पत्रकारिता, और टी. व्ही पत्रकारिता और अंत में पत्रकारिता का प्रयोजन और प्रभाव को विश्लेषित किया गया है। दूसरे अध्याय में हिन्दी पत्रकारिता का ऐतिहासिक स्वरूप, अंग्रेजी पत्र-पत्रिकाएँ, भारतीय भाषाओं के पत्र, हिन्दी के स्वतंत्र पत्र, और हिन्दी पत्रकारिता के प्रारंभ को दर्शाया गया है। तीसरे अध्याय में हिन्दी पत्रकारिता के विकास के विविध चरण के अन्तर्गत हिन्दी का प्रथम समाचार पत्र, आरंभिक युग, भारतेन्दु युग, द्विवेदी युग, गांधी युग और स्वातंत्रोत्तर युग, साथ ही हिन्दी के प्रमुख दैनिक साप्ताहिक, मासिक, त्रैमासिक, वार्षिक लघु पत्रिकाएँ और जब्तशुदा पत्रिकाओं को विश्लेषित किया गया है। चौथे अध्याय में समाचार संपादन के अन्तर्गत समाचार एजेन्सियाँ, समाचारों के विविध रूप, संपादन कला, संपादन कार्य, समाचारों के समग्र चयन और उपयुक्त प्रस्तुति, समाचारों के प्रकार और संपादकीय लेखन, संपादकीय विभाग के बारे में लिखा गया है। अंतिम तथा पांचवे अध्याय में हिन्दी के प्रमुख पत्रकारों का संक्षिप्त परिचय दिया गया है। इस पुस्तक को प्रकाशित करने में गीता प्रकाशन को धन्यवाद अर्पित करती हूँ। जिन्होंने इस पुस्तक को आकार दिया। निश्चित रूप से इस कार्य में हमारी त्रुटियाँ होंगी। अतः हम आपके सुझाव का इंतजार करेंगे। निःसदेह हमें त्रुटियों के सुधार का अवसर मिलेगा। इसी विश्वास के साथ धन्यवाद-
लेखक परिचय
डॉ. रेखा शर्मा जन्म: ३१ जनवरी १९९९ इ. सिंकदराबाद (आ.प्र) शिक्षा: एम. ए., एम. फिल., पी.एच.डी., उस्मानिया विश्वविदयालय प्रकाशित कृतिया : १- कमलेश्वर के उपन्यासों में मनोविज्ञान २- साठोत्तर हिंदी उपन्यासों का मनोवैज्ञसनिक विश्लेषण ३- साठोत्तर हिंदी उपन्यासों में नारी मनोवियाँ ४- समकालीन हिंदी कविता बदलते परिवेश ५- नागार्जुन साहित्य विविध दृष्टीकोन ६- अंतिम दशक की हिंदी कविताओं में राष्ट्रीय चेतना पुरस्कार : जिला तथा राज्य स्तर पर जन्मभूमि कार्यक्रम में दो स्वर्ण पदक ०५.०८.२००७ बेस्ट टिचर आवार्ड, आध्र प्रदेशः राज्यपाल श्री एन.डी. सी. तिवारी व्दारा पुरस्कृत हिंदी गौरव पुरस्कार, हिंदी सम्मेलन वाशिंगटन, अमेरिका अंतराष्ट्रीय सम्मेलन न्यूयार्क में आलेख प्रस्तुत गतिविधियाँ: अंतराष्ट्रीय सम्मेलन यू.के (लडन) मे आलेख प्रस्तुत लघु शोब परियोजना के अंतर्गत विजय तेंडुलकर के नाटकों में हिंदी अनुवाद तथा अंतिम दशक की राष्ट्रीय कविता विषय पर लघु शोध परियोजना विभित्र शोध पत्र पत्रिकाओं में अनेक लेख प्रकाशित आंध्र प्रदेश उच्च शिक्षा सलाहकार समिति की सदस्य विवेक वर्धिनी शिक्षण संस्था के अव्यापक संगठन की अध्यक्ष दुरदर्शन और आकाशवाणी में साक्षात्कार और चर्चा परिचर्चा में भाग प्रभुत्व : अनुवाद साहित्य भक्तिकालीन साहित्य पत्रकारिता संप्रति : अध्यक्ष, हिंदी विभग, विवेक वर्थिनी महाविदयालय, जामबाग, हैदराबाद
साकोले डॉ. जन्मतिथि: 12-07-1974 जन्मस्थान ग्रा. शेलगी, पो. औराद (शा.) ता. निलंगा, जि. लातूर (महाराष्ट्र) शिवराम साकोले माताश्री श्रीमती निलाबाई साकोले पिताश्री स्व. श्री जीवनसंगिनी श्रीमती संगीता साकोल दत्ता शिक्षा प्रथम कक्षा से सातवी तक जिला परिषद पाठशाला (शेलगी), औराद हाईस्कूल महाराष्ट्र विद्यालय औराद (शा), बी.ए. (मास्टर दिनानाथ जि मंगेशकर महाविद्यालय), शाहजानी, ता. निलंगा, . लातुर, एम.ए. महास), पी.(उस्मानिया विश्वविद्यालय, हैदराबाद), एम. फिल. (दक्षिण भारत हिन्दी प्रचार सभा, एबडी. (उस्मानिया विश्वविद्यालय, हैदराबाद), पी.जी. डिप्लोमा इन ट्रान्सलेश (हैदराबाद विश्वविद्यालय, हैदराबाद), पी.जी डिप्लोमा इन जर्नलिजम (दक्षिण भारत हिन्दी प्रचार सभा, मद्रास) प्रकाशन 1. अज्ञेय की कहानियों में मानवीय यथार्थ, 2008, 2. अंतिम दशक की कहानियों में नवीन युग- चेतना , 2009, 4. हिन्दी पत्रकारिता 2010 प्रकाशनाधीन: 1. भारतीय एवं पाश्चात्य काव्यशास्त्र अभिरुचि कहानी, निबन्ध, कविता एवं पत्रकारिता। विभित्र पत्र-पत्रिकाओं में लगभग पचास से अधिक लेख प्रकाशित, आकाशवाणी से वार्ता प्रसारित। संप्रति 11 वर्ष (1998-2009) विवेक वर्धिनी महाविद्यालय, जामबाग, हैदराबाद में स्नातक एवं स्नातकोत्तर हिन्दी विभग में अध्यापन ।
Hindu (हिंदू धर्म) (13908)
Tantra (तन्त्र) (1022)
Vedas (वेद) (736)
Ayurveda (आयुर्वेद) (2122)
Chaukhamba | चौखंबा (3485)
Jyotish (ज्योतिष) (1624)
Yoga (योग) (1180)
Ramayana (रामायण) (1319)
Gita Press (गीता प्रेस) (720)
Sahitya (साहित्य) (25011)
History (इतिहास) (9184)
Philosophy (दर्शन) (3659)
Santvani (सन्त वाणी) (2603)
Vedanta (वेदांत) (120)
Send as free online greeting card
Email a Friend
Visual Search
Manage Wishlist