पुस्तक परिचय
हिन्दी साहित्य जगत में मजू भंडारी एक सशक्त हस्ताक्षर के रूप में प्रतिक्षित हैं। ये उन ख्यातिलब्ध रचनाकारों में से हैं जिनका लेखन समय की सीमाओं को लांघकर आज भी उतना ही जीवंत और प्रासंगिक बना हुआ है जितना उनके लेखकीय दौर में था। इन्होंने अपने लेखन के माध्यम से आधुनिक भारतीय समाज के बदलते यथार्थ, स्त्री-पुरुष संबंधों, पारिवारिक तनावों और नैतिक द्वंद्रों को गहरी मानवीय दृष्टि से उकेरा है। इनका कथा साहित्य व्यापक फलक लिए हुए पाठकों के बीच चर्चा-परिचर्चा का विषय है, जिसमें मनोवैज्ञानिक दृष्टि के साथ मानवीय संवेदना निहित है। प्रो. दिलीप मेहरा की यह आलोचनात्मक कृति 'मन्नू भंडारी का कथा साहित्य : एक पुनर्मूल्यांकन' मन्नू भंडारी के कथा साहित्य का समग्र, संतुलित और आलोचनात्मक मूल्यांकन प्रस्तुत करती है। इस कृति में मेहरा जी ने इनके कथा साहित्य का गहन अध्ययन कर इसे नए दृष्टिकोण से देखने और समझने का एक गंभीर प्रयास किया है। 'मन्नू भंडारी का कथा साहित्य : एक पुनर्मूल्यांकन' प्रो. दिलीप मेहरा की ऐसी आलोचनात्मक कृति है जिसमें इन्होंने लेखिका के जीवन-व्यक्तित्व से लेकर सम्पूर्ण कथा साहित्य का गहन अध्ययन कर इनके साहित्य में चित्रित मध्यवर्गीय जीवन की विडम्बनाओं से लेकर स्त्री चेतना, सामाजिक यथार्थ और मनोवैज्ञानिकता को बड़ी ही सूक्ष्मता से उकेरा है। पांच परिच्छेदों में विभक्त यह आलोचनात्मक कृति मन्नू भंडारी के कथा साहित्य को समझने के लिए एक नई दृष्टि प्रदान करती है।
लेखक परिचय
डॉ. दिलीप मेहरा जन्म: 27/10/1968 माता/पिता : मेहरा मंजुलाबहेन, मेहरा कालिदास लोमाभाई गाँव: देवगढ़ चार, ता. विरपुर, जि. महिसागर, गुजरात शिक्षण: एम.ए. (स्वर्णपदक प्राप्त, गुजरात यूनि.), एम.फिल., पीएच.डी. अनुभव : 31 वर्ष अध्यापन कार्य पुरस्कार : * नागरी प्रचारिणी सभा देवरिया (उत्तर प्रदेश) द्वारा नागरीरत्न सम्मान 2016 * भारतीय दलित साहित्य अकादमी, नई दिल्ली द्वारा अंबेडकर फेलोशिप 2011 * महाराष्ट्र दलित साहित्य अकादमी भुसावल द्वारा रवीन्द्रनाथ टैगोर लेखक पुरस्कार 2010 * गुजरात हिन्दी साहित्य अकादमी 2018 में मकान कहानी वार्ता संग्रह द्वितीय पुरस्कार तथा दलित संदर्भ और हिन्दी उपन्यास (आलोचना ग्रंथ) 2019 में प्रथम पुरस्कार 21 सदी के हिंदी कथा साहित्य में किन्नर विमर्शके लिए 2022 आलोचना का प्रथम पुरस्कार संपादन : प्रधान संपादक साहित्य वीथिका त्रैमासिक (अन्तर्राष्ट्रीय) आलेख : 150 से अधिक राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय पत्रिकाओं में लेख प्रकाशित प्रकाशन : मजू भंडारी के कथा साहित्य में मानव जीवन की समस्याओं का निरूपण साठोत्तरी हिंदी उपन्यास (संपादन) हिन्दी काव्य (संपादन) हिंदी उपन्यास नए आयाम (लेख संग्रह) मध्यकालीन दृश्य श्रव्य माध्यम विविध परिप्रेक्ष्य (आलोचना) हिंदी कथा साहित्य में दलित विमर्श (संपादन) हिंदी महिला कथाकारों के साहित्य में नारी विमर्श, प्रेमचंद के कथा साहित्य में सामाजिक सरोकार,(संपादन) 21 सदी के मकान पुराण गद्य साहित्य (संपादन) हिंदी उपन्यासों में कित्रर समाज (संपादन) (कहानी संग्रह) दलित संदर्भ और हिंदी उपन्यास (आलोचना) हिंदी कथा साहित्य में वृद्ध विमर्श (संपादन) हिंदी कथा साहित्य में आदिवासी संवेदना (संपादन) वृद्धावस्था केंद्रित हिंदी कहानियां (संपादन) (आलोचना) अग्निदाह (कहानी संग्रह) * रघुवीर चौधरी की साहित्य साधना (संपादन) हिंदी कथा साहित्य में किन्नर विमर्श कोरोना, कहानी संग्रह, (संपादन) भारतीय ज्ञान परंपरा और साहित्य (संपादन) हिन्दी साहित्य नव विमर्श के आलोक में (आलोचना) हिन्दी साहित्य में शिक्षा और जीवन मूल्य, (संपादन) शकुंतिका (उपन्यास हिन्दी से गुजराती अनुवाद) हीर (उपन्यास, गुजराती से हिन्दी अनुवाद) शोध कार्य : 21 पीएच.डी. शोधार्थियों का शोध कार्य सम्पन्न किया 10 शोधार्थी शोधरत विशेष : अध्यक्ष श्री सर्वोदय एजुकेशन ट्रस्ट-गोधरा संप्रति : आचार्य एवं अध्यक्ष, हिन्दी विभाग
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