राजेश चन्द्रा मूलतः बौद्ध दर्शन के विश्वविख्यात अध्येता व मर्मज्ञ हैं। वे भगवान बुद्ध की वाणी के प्रामाणिक संग्रह त्रिपिटक के आधिकारिक विद्वान हैं तथा भगवान बुद्ध के वचनों को आधुनिक सन्दर्भों में प्रस्तुत करने में सिद्धहस्त हैं। उनकी सर्वाधिक प्रसिद्ध कृति बुद्ध का चक्रवर्ती साम्राज्य की भूमिका लिख कर परम पावन दलाई लामा जी ने उनकी लेखनी को आशीर्वाद प्रदान किया है। धम्मपद समग्र संगायन का पालि-हिन्दी सपुस्तक ऑडियो संस्करण आपकी सर्वाधिक लोकप्रिय कृति है। वैज्ञानिक अध्यात्मवाद राजेश चन्द्रा का प्रमुख विषय है। वे हिन्दी की प्रख्यात पत्न-पत्निकाओं में नियमित रूप से लिखते रहते हैं। बुद्ध धम्म पर व्याख्यानों के लिए आपको देश-विदेश में आमंत्रित किया जाता है।
नई कहानियां, सारिका, गंगा, कथायात्ना (मासिक), इंगित, श्रीवर्षा (साप्ताहिक), दैनिक जागरण, दैनिक भास्कर आदि पत्र-पत्रिकाओं का सम्पादन किया। जैन टीवी चैनल को सेवाएं दीं।
Hindu (हिंदू धर्म) (13513)
Tantra (तन्त्र) (1007)
Vedas (वेद) (715)
Ayurveda (आयुर्वेद) (2083)
Chaukhamba | चौखंबा (3186)
Jyotish (ज्योतिष) (1553)
Yoga (योग) (1159)
Ramayana (रामायण) (1338)
Gita Press (गीता प्रेस) (724)
Sahitya (साहित्य) (24649)
History (इतिहास) (8977)
Philosophy (दर्शन) (3613)
Santvani (सन्त वाणी) (2621)
Vedanta (वेदांत) (116)
Send as free online greeting card
Email a Friend
Visual Search
Manage Wishlist