लेखक परिचय
संक्षिप्त परिचय नाम-स्नेह लता जन्म तिथि-9 जुलाई सन् 1956 ई. पिता का नाम-स्वर्गीय श्री रामदीन मिश्र माता का नाम-श्रीमती सत्यवती देवी शिक्षा-एम.ए. (हिन्दी), बी.एस.सी., बी.एड. वृत्ति-उत्तर रेलवे के मण्डल कार्यालय लखनऊ में लेखाधिका के पद पर कार्यरत। प्रवृत्ति-विद्यार्थी जीवन से हो साहित्य-सृजन में विशेष अभिरूचि। प्रकाशित साहित्य- 1. व्यक्त अव्यक्त (कहानी संग्रह), 2. स्नेह-सुरभि, (काव्य संग्रह), 3. रवि रश्मि (काव्य संग्रह), 4. न जाने क्यों (उपन्यास), 5. चेतना के गीत (बाल गीत संग्रह), 6. प्रेरक कहानियाँ (बाल कहानी संग्रह), 7. मेरे देश की महान नारियाँ (जीवनी-साहित्य), 8. कस्तूरबा गाँधी (जीवनी-साहित्य), 9. सन् 1857 की वीरांगनाएँ, 10. शिक्षा प्रद पद्य कथाएं, 11 सूक्ति कविता। अभिप्राय, नीलकमल, 'संगम' काव्य एकादश, देवसुधा, इन्द्रधनुष काव्य-संकलन में कविताएँ संग्रहीत, विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में कविताओं एवं कहानियों का प्रकाशन। पुरस्कार-सम्मान - हिन्दी साहित्य सम्मेलन प्रयाग द्वारा सारस्वत सम्मान से विभूषित। उत्तर प्रदेश हिन्दी संस्थान लखनऊ द्वारा स्नेह सुरभि (काव्य संग्रह) महादेवी वर्मा नामित पुरस्कार से सम्मानित। सन् 1857 की वीरांगनाएं हिन्दी सभा सीतापुर द्वारा पुरस्कृत। बाल साहित्य संस्थान लखनऊ द्वारा बाल साहित्य श्री उपाधि से समंलकृत। साहित्य मंडल श्रीनाथ द्वारा ने हिन्दी भाषा भूषण सम्मान से सम्मानित किया। राज्य कर्मचारी कल्याण परिषद् उत्तर प्रदेश द्वारा साहित्य गौरव । काव्य-श्री संस्था इलाहाबाद द्वारा काव्य-सौरभ' सम्मान से विभूषित। भारतीय बाल कल्याण संस्थान, कानपुर द्वारा सम्मानित
पुस्तक परिचय
यादों के शिलालेख स्नेहलता जी की दस श्रेष्ठ कहानियों का संग्रह है। स्नेह लता जी हिन्दी की जानी मानी कथा लेखिका हैं। उनकी कहानियाँ समय-समय पर देश की लब्ध प्रतिष्ठित पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित होती रहती हैं। यादों के शिलालेख में वृक्ष की वेदना, मेरा कसूर क्या है, मोटर साइकिल, नौकरी, अपनों के बीच मगर फिर भी पराई सी, महत्वकांक्षा, मेहरू, मैं सरोवर हूँ, अम्मा जी का मोबाइल और मिलन कहानियाँ संग्रहीत हैं। सभी कहानियाँ अलग-अलग भावभूमि तथा अलग-अलग घटनाओं पर आधारित हैं जो मनोरंजन के साथ कुछ न कुछ संदेश भी प्रदान करती हैं। इन कहानियों में नई तथा पुरानी दोनों पीढ़ियों के मन के विचारों को सहेजने की क्षमता है। कहानी पढ़ते समय ऐसा लगता है जैसे इन पात्रों को कहीं देखा, सुना या अनुभव किया है। मन के चित्र पटल पर एक बार दृश्य उपस्थित होने लगता है जो कहानियों की विशेषता कृति निश्चय ही साहित्य जगत की धरोहर सिद्ध होगी।
Hindu (हिंदू धर्म) (13599)
Tantra (तन्त्र) (1008)
Vedas (वेद) (732)
Ayurveda (आयुर्वेद) (2086)
Chaukhamba | चौखंबा (3187)
Jyotish (ज्योतिष) (1563)
Yoga (योग) (1163)
Ramayana (रामायण) (1337)
Gita Press (गीता प्रेस) (724)
Sahitya (साहित्य) (24710)
History (इतिहास) (9016)
Philosophy (दर्शन) (3631)
Santvani (सन्त वाणी) (2623)
Vedanta (वेदांत) (116)
Send as free online greeting card
Email a Friend
Visual Search
Manage Wishlist