सीड़ी के विषय में
आध्यात्मिक गुरु एवं महान मानवतावादी परम पूज्य श्री श्री रविशंकरजी का जन्म १९५६ में दक्षिण भारत में हुआ। बहुधा, बाल्यकाल से ही वे गहरे ध्यान में पाये जाते थे । चार वर्ष की छोटी आयु में ही उन्होनें भगवत गीता का उच्चारण कर अपने शिक्षकों को विस्मित कर दिया। परम पूज्य श्री श्री रविशंकरजी ने आनन्दमय एवं तनावमुक्त जीवन को सार्वभौमिक बनाने हेतु १९८२ में 'आर्ट ऑफ लिविंग' की स्थापना की, जो मानवता के पुनर्उत्थान के लिए प्रतिबध्द एक शैक्षिक संस्था है । वर्तमान में १४० से अधिक देशों में अपनी उपस्थिति के साथ 'आर्ट ऑफ' लिविंग' स्वयंसेवक आधारित संगठनों में सबसे बड़ी संस्थाओं में एक है ।
इस वीसीडी में है-
1
राग गारा
8:40
लोकप्रिय आर्ट-ऑफ-लिविंग भजन: अंतरंग श्याम
अंतरंग श्याम स्वर संयोजन प्रो. श्रीरंजनी
2
राग बाघेश्वरी
8:59
लोकप्रिय आर्ट-ऑफ-लिविंग भजन, ऊँ नमो नारायण
ऊँ नमो नारायण स्वर संयोजन परम् पूज्य श्री श्री रविशंकर जी
3
राग हंसध्वनि
7:21
लोकप्रिय आर्ट-ऑफ-लिविंग भजन: कृष्णम् वंदे
कृष्णम् वंदे स्वर सयोजन परम् पूज्य श्री श्री रविशंकर जी
4
विशेष आकर्षण (संभाषण)
9:23
5
नाद ब्रह्मा गीत
3:46
स्वर संयोजन परम् पूज्य श्री श्री रविशंकर जी
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