प्राचीन काल से ज्योतिष शास्त्र का अध्ययन वेदाङ्ग के रूप में हो रहा है। वेद का चक्षु ज्योतिष को कहा गया है। यह संस्कृत ग्रन्थों में निबद्ध होने के कारण सामान्य जन के लिए सुगम नहीं है। फिर भी आजकल ज्योतिष शास्त्र में लोगों की रुचि बढ़ रही है।
ज्योतिष के तीन स्कन्ध बताये गए हैं- सिद्धान्त, संहिता और होरा ।
सिद्धान्तसंहिताहोरारूपस्कन्धत्रयात्मकम् ।
वेदस्य निर्मलं चक्षुः ज्योतिषशास्त्रमकल्मषमम् ।।
यदि गणित ज्योतिष सिद्धान्त पक्ष है तो फलित ज्योतिष व्यवहार पक्ष होता है। जिस प्रकार कोई भी सिद्धान्त व्यवहार के बिना अनुपयोगी ही रहता है, उसी प्रकार गणित ज्योतिष महत्वपूर्ण होते हुए भी फलित ज्योतिष के अभाव में अनुपयोगी ही रहता है। इसलिए ज्योतिषविशेषज्ञ को गणित और फलित दोनों का ज्ञान आवश्यक होता है।
वेद की तिथि का निर्धारण के लिए एकमात्र साधन ज्योतिष विद्या ही है। समस्त वेदवाङ्मय नक्षत्र विज्ञान के रहस्यों से भरा पड़ा है।
"ज्योतिषामयनं चक्षुः" अर्थात् नक्षत्रविद्या ही वेद पुरुष की दृष्टि है। वेद मंत्रों के गूढ़ रहस्यों को जानने के लिए ज्योतिष के ज्ञान आवश्यक है। ज्योतिष को वेद का अंग माना गया है।
सम्पूर्ण विश्व में भारतीय ज्योतिष अपनी साङ्गोपांगता एवं सूक्ष्मेक्षिका के कारण ख्याति के शिखर पर परचम लहरा रहा है। यह एक वैज्ञानिक सत्य है।
ज्योतिष उन्हीं परिस्थितियों का विश्लेषण करके शुभाशुभ योगों से परिचित कराता है। इन्हीं शुभाशुभ फलों को जानने की उत्कण्ठा हमें ज्योतिष एवं ज्योतिर्विदों की ओर आकृष्ट करती है।
सभी लोग अपना भविष्य जानने एवं सम्भावित संकट को दूर करने के लिए प्रयत्नशील होते हैं। ग्रहों का शुभ फल एवं अशुभ फलों के बारे में बताया गया है।
"चमत्कार चिन्तामणिः" इस पुस्तक में ग्रहों के फल का विवेचन किया गया है। इस पुस्तक को लिखने में अनेक लेखकों की रचनाओं से सहायता लिया गया है। उन सभी के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित करता हूँ। हम श्री काशी विश्वनाथ संस्थान के अधिष्ठाता श्री राकेश जैन जी के प्रति अपना आभार प्रदर्शित करते हैं।
आशा है कि विद्वज्जन मेरे इस परिश्रम को सफल करेंगे । अन्त में प्रार्थना यह है कि भूलवश या टंकण दोष से कहीं त्रुटि हो तो सुधार करके हमें सूचित करने की कृपा करेंगे।
Hindu (हिंदू धर्म) (13853)
Tantra (तन्त्र) (1021)
Vedas (वेद) (738)
Ayurveda (आयुर्वेद) (2110)
Chaukhamba | चौखंबा (3225)
Jyotish (ज्योतिष) (1615)
Yoga (योग) (1178)
Ramayana (रामायण) (1318)
Gita Press (गीता प्रेस) (721)
Sahitya (साहित्य) (24994)
History (इतिहास) (9176)
Philosophy (दर्शन) (3663)
Santvani (सन्त वाणी) (2603)
Vedanta (वेदांत) (120)
Send as free online greeting card
Email a Friend
Visual Search
Manage Wishlist