लेखक परिचय
नाम : हृदयनारायण दीक्षित जन्म: 18 मई, सन् 1946 (ग्राम लउवा), जनपद उन्नाव (उत्तर प्रदेश)। उच्चतर शिक्षा: एम.ए. (अर्थशास्त्र)। सार्वजनिक जीवन की गरिमामयी झलक : पूर्णरूपेण समाज, शिक्षा, लेखन और राजनीति को समर्पित व्यक्तित्व। अनवरत चार बार विधानसभा सदस्य के रूप में निर्वाचित। सन् 2017 में पाँचवीं बार भगवन्तनगर (जनपद: उन्नाव) से विधानसभा सदस्य होने का गौरव प्राप्त। उत्तर प्रदेश सरकार में पंचायतीराज मंत्री और संसदीय कार्यमंत्री के रूप में प्रशासनिक दक्षता की गहरी छाप छोड़ कर प्रभावित किया। विधानमण्डल की अनेक समितियों के सभापति और सदस्य। छः वर्ष तक उत्तर प्रदेश विधानपरिषद् के सदस्य। भारतीय संस्कृति, वैदिक साहित्य और समाज, संविधान, राजनीति सहित सामयिक विषयों पर तीन दर्जन से अधिक पुस्तकें और पाँच हजार से अधिक आलेख प्रकाशित। पत्रकार, स्तंभकार, शिक्षाविद्, समाजसेवी और राजनेता के रूप में प्रतिष्ठित और स्थापित। प्रमुख प्रकाशित पुस्तकें : ऋग्वेद अर्थववेद का मधु सांस्कृतिक राष्ट्रदर्शन भारतीय संस्कृति की भूमिका सांस्कृतिक अनुभूति राजनीतिक प्रतीति भारतीय समाज राजनीतिक संक्रमण राष्ट्राय स्वाहा ज्ञान का ज्ञान तत्त्वद्रष्टा डॉ. रामविलास शर्मा हिन्द स्वराज्य का पुनर्पाठ संविधान के सामन्त भारतीय अनुभूति का विवेकानन्द ऋग्वेद और डॉ. रामविलास शर्मा मधुरसा मधु अभिलाषा पंडित दीनदयाल उपाध्याय दर्शन, अर्थनीति, राजनीति मधु विद्या राष्ट्र सर्वोपरि श्रीराम आत्मा और इतिहास जम्बूदीपे भरतखंडे तत्त्वदर्शी पंडित दीनदयाल उपाध्याय। सम्प्रति : अध्यक्ष, विधानसभा, उत्तर प्रदेश।
संपादक परिचय-1
नाम : नीरज ठाकुर शिक्षा : एम.ए. हिंदी, एम.फिल., पी-एच.डी.। अभिरुचि: कविता, समीक्षा, संगीत, पर्यटन, पत्रकारिता। प्रकाशन : आचार्य महावीरप्रसाद द्विवेदी खड़ी बोली के प्रथम परिष्कारक (समीक्षा)। आधुनिक हिंदी कविता विकास के आयाम (समीक्षा)। रश्मिरथी : उदात्त तत्त्व के निकष पर (समीक्षा)। स्वामी श्रद्धानंद: तमस से तपस्या तक। अन्ना हज़ारे: राजनीति के चक्रव्यूह में (तत्कालीन घटना क्रम पर आधारित)। सन्नाटे में मौन नहीं रह सकते हम (संपादित काव्य-संग्रह)। सिर्फ संभावना बची है (कविताएँ)। साँप और सीढ़ी (हाइकु काव्य-संग्रह)। मृग-मरीचिका (कविताएँ)। ज्योति-पुरुष (स्वामी श्रद्धानंद के जीवन पर आधारित चरित्र प्रधान काव्य)। मेधा-मंथन (मुनि अष्टावक्र पर आधारित लघु काव्य)। स्वातंत्र्योत्तर हिंदी कविता में परिवर्तित संस्कृति (समीक्षा)। संप्रति उप-प्राचार्य, अध्यक्षः हिंदी विभाग, आर्य पी.जी कॉलेज, पानीपत (हरियाणा) मोबाइल : 9034094413 ई-मेल: neetha132103@gmail-com
संपादक परिचय-2
डॉ. बिपिन पाण्डेय का जन्म काशी, अयोध्या और प्रयाग के मध्य क्षेत्र कुशभवनपुर (आधुनिक नाम सुलतानपुर) में 30 जून 1977 को हुआ। गोमती नदी के निकट स्थित भदैयां (पूरेधाना) गाँव में नागचौरी पाण्डेय परिवार में जन्मे डॉ. विपिन पाण्डेय बाल्यकाल से ही अपने पितामह की गोद में बैठकर ज्योतिष के आधारभूत तथ्यों को सीखते रहे। प्रयाग में जाकर वेद व्याकरण और दर्शन की त्रिवेणी में ज्ञानावगाहन किया। 25 वर्ष की अवस्था में काशी के परम्परागत विद्वानों के बीच बैठकर सिद्धांत ज्योतिष के निलष्ट ग्रहगणित को सीखने का प्रयास करते रहे। आरंभिक शिक्षा-दीक्षा सुलतानपुर जनपद में हुई। स्नातक संस्कृत और दर्शन से 1994-97 और स्नातकोत्तर दर्शनशास्त्र 1997-99 की पढाई इलाहाबाद तथा शोधकार्य लखनऊ विश्वविद्यालय के ज्योतिर्विज्ञान विभाग से 2011 में पूर्ण किया। शोध का विषय भास्कराचार्य द्वितीय के ग्रहगणित के ग्रंथ "करणकुतूहलम्" पर शोध (पी-एच.डी.) किया । अपने शोधग्रंथ में 5000 वर्षों का सूर्यग्रहण और चंद्रग्रहण का स्पर्श और मोक्षकाल की गणना करके सारणीबद्ध) किया है।डॉ. पाण्डेय ने अनेक राष्ट्रीय और अन्तर्राष्ट्रीय ज्योतिष संगोष्ठियों में अपने शोधपत्रों का वाचन करते रहे हैं। 2006 से लखनऊ विश्वविद्यालय के ज्योतिर्विज्ञान विभाग में अध्यापनरत है।
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