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जायसी (भारतीय साहित्य के निर्माता): Jayasi (Makers of Indian Literature)

जायसी (भारतीय साहित्य के निर्माता): Jayasi (Makers of Indian Literature)

जायसी (भारतीय साहित्य के निर्माता): Jayasi (Makers of Indian Literature)

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Item Code: NZA507
Author: परमानंद श्रीवास्तव: Parmanand Srivastava
Publisher: Sahitya Akademi, Delhi
Language: Hindi
Edition: 2017
ISBN: 9788172014018
Pages: 65
Cover: Paperback
Other Details: 8.5 inch X 5.5 inch
weight of the book:110 gms
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पुस्तक के विषय में

 

मलिक मुहम्मद जायसी मध्यकालीन भक्ति-साहित्य की प्रेमाख्यानक काव्यधारा के सबसे महत्वपूर्ण कवि हैं,जिन्होंने धार्मिक संवेदना और धर्मनिरपेक्ष संवेदना को एक मार्मिक संतुलन में डालते हुए लोकभाषा अवधी में पद्मावत जैसी कालजयी प्रबन्ध-कृति की रचना की और हिन्दी-कविता को एक नई वैचारिक और भावात्मक जमीन दी ।

पद्मावत प्रेम कहानी नहीं है, प्रेम और संघर्ष की मिली-जुली कहानी है-जो प्रमाण है कि जायसी में सभी पात्रों के मर्म में प्रवेश करने की अद्भुत क्षमता है । उनकी सांस्कृतिक अवगति और संस्कृतियों की मूलभूत एकता को पहचानने वाली दृष्टि उदाहरण है कि मानवीय संवेदना की बडी पूँजी लेकर जायसी रचना के संसार में प्रवेश करते हैं । उनके यहाँ इतिहास की टकराहटें भी हैं और मानवीय सहानुभूति का कोमल स्पर्श भी है ।

इस विनिबंध के लेखक डॉ. परमानन्द श्रीवास्तव हिन्दी के प्रतिष्ठित कवि-आलोचक हैं । उन्होंने भारतीय साहित्य के पाठकों को जायसी से परिचित कराते हुए कोशिश की है कि कवि के व्यक्तित्व, विचार, सौन्दर्य-संवेदना, कलात्मक संगठन आदि के प्रति उनकी उत्सुकता बढ़े और वे यह भी सोच सकें कि क्यों पद्ममावतजैसी कृतियाँ आज भी नई प्रासंगिकता उपलब्ध करती हैं ।

 

अनुक्रम

1

समय

7

2

जीवन व्यक्तित्व और रचनाएँ

10

3

पद्मावतकी कहानी: कहानी का अर्थ

15

4

प्रबन्ध के ढाँचे में मार्मिक कविता

27

5

प्रेम-दर्शन

31

6

सौन्दर्य-दर्शन

36

7

लोक-संस्कृति और लौकिकता का अतिक्रमण

40

8

लोक-भाषा में सम्भव होने वाली कविता

44

9

अन्य रचनाएं : दार्शनिक विचारों की अटपटी कविता

50

10

जायसी का मूल्यांकन

57

परिशिष्ट :

1

क कविता का प्रामाणिक पाठ

61

2

ख संदर्भ-सूची

67

 

 

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