पुस्तक परिचय
मार्क्सवाद और हिन्दी साहित्य अपने ढंग का एक प्रभावोत्पादक खोज है, जो एक संदर्भ ग्रन्थ और उपयोगी रचना हे। उनके लिए भी जो शोध विद्यार्थी हैं। मार्क्सवाद का विश्लेषण और उसका प्रभावकारी प्रभाव किस प्रकार साहित्य में प्रतिबिंबित हुआ इसका प्रस्तुती-करण सराहनीय है। कथ्य इतना सरल और उपयोगी है कि एकबार पढने पर सारा का सारा विषय मन पटल पर अंकित हो जाता है।
लेखक परिचय
नाम : डॉ. शेख़ नज़ीर जन्म तिथि : 19-11-1954 जन्मस्थान : नंद्याल (कर्नूल जिल्ला) आ.प्र. शैक्षिक योग्यताएँ : एम.ए. (हिन्दी) श्री वेंकटेश्वर विश्वविद्यालय, तिरुपति (आ.प्र) अध्यापन क्षेत्र : पी. एचडी अन्नामलै विश्वविद्यालय (तमिलनाडू) सामाजिक सेवा : प्रध्यापक, सरकारी महा विद्यालय (आ.प्र), पर्यावरण, स्वास्थ्य और शिक्षा सेवा में कार्यरत । कई सामाजिक संस्थाओं में (NGO) में निःशुल्क सेवा । विशेष सेवा विवरण : विकलांगों की शिविर और वन महोत्सव, हरितांध्र प्रदेश में योगदान। शोध निर्देशन : कई पी.एचडी, एम. फिल क्षात्रों को शोध मार्गदर्शन। प्रकाशन : हिन्दी तेलुगु भाषाओं में कई कहानियाँ, कविताएँ, लेख प्रकाशित। पुस्तकार में तुलनात्मक अध्ययन एवं समस्याएँ प्रकाशित । आकाशवाणी, दूरदर्शन से कई कार्यक्रम प्रसारित हुए। उपाधियां : उत्तम अध्यापक की उपाधि, (आ.प्र सरकार) भविष्य कार्य प्रणाली : हर एक को शिक्षित बनाना और पर्यावरण को सुरक्षित बनाए रखना ।
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