रत्नकुमार सांभरिया हरियाणा, रेवाड़ी जिले के गाँव भाड़ावास में 06 जनवरी, 1956 में जन्मे श्री सांभरिया पिछले 42 वर्षों से राजस्थान में निवास कर रहे हैं। उनकी विभिन्न विधाओं उपन्यास, कहानी, लघुकथा, नाटक, एकांकी, आलोचना की अब तक 12 किताबें प्रकाशित हैं। देश के 41 विभिन्न विश्वविद्यालयों के स्नातकोत्तर एवं स्नातक पाठ्यक्रम में उपन्यास, कहानी, नाटक, लघुकथाएँ सम्मिलित हैं। 45 शोधार्थी, एम.फिल. अथवा पी.एच.डी. कर चुके हैं या कर रहे हैं। तत्कालीन उपराष्ट्रपति श्री भैरोंसिंह शेखावत के कर कमलों द्वारा पुरस्कृत हैं। हरियाणा साहित्य अकादमी का हरियाणा गौरव साहित्य पुरस्कार, भारत सरकार के केन्द्रीय हिन्दी संस्थान आगरा का सुब्रह्मण्य भारती साहित्य पुरस्कार सहित राजस्थान साहित्य अकादमी का सर्वोच्च मीरा पुरस्कार उनके साँप उपन्यास पर प्रदान किया गया। वर्तमान में सी-137, महेश नगर, जयपुर-302015 (राजस्थान) में रहते हैं।
डॉ. तारा परमार प्रतिष्ठित साहित्यकार डॉ. परमार का जन्म उज्जैन, मध्यप्रदेश में 05 सितम्बर, 1955 को हुआ। राजनीति विज्ञान में पीएच.डी. धारक डॉ. परमार की अभी तक विभिन्न विषयों पर 10 पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं। उनको मध्यप्रदेश विधानसभा सचिवालय के द्वारा प्रदान किया गया डॉ. अम्बेडकर स्मृति पुरस्कार सहित अनेकानेक पुरस्कार एवं सम्मान प्राप्त हो चुके हैं। उप संचालक शिक्षा (स्कूल शिक्षा विभाग, म.प्र. शासन) से सेवानिवृत्त हैं। वर्तमान में 9-बी, इन्द्रपुरी, सेठी नगर, उज्जैन-456010 (मध्यप्रदेश) में निवास है।
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