पुस्तक परिचय
संचार एक आधारभूत विषय है जिसका अध्ययन और अध्यापन पत्रकारिता, विज्ञापन, जनसंपर्क से जुड़े स्नातक और स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों में समान रूप से किया जाता है। मीडिया के अलावा प्रबंधन आदि क्षेत्रों में भी संचार को एक विषय के रूप में पढ़ाया जाता हैं। संचार पर अनेक पुस्तकें उपलब्ध हैं। लेकिन अधिसंख्यक पुस्तकें अंग्रेजी में हैं। हिन्दी में पुस्तकों की कमी के मद्देनज़र इस पुस्तक का लेखन किया गया है ताकि छात्रों के एक बड़े वर्ग की आवश्यकताओं की पूर्ति की जा सके। पुस्तक पूरी तरह संचार पर केंद्रित है। संचार का अर्थ, परिभाषा, विस्तार, प्रक्रिया, तत्व, प्रकार, जनसंचार का महत्व, जन माध्यमों की समाज में भूमिका आदि पर पुस्तक में पर्याप्त प्रकाश डाला गया है। प्रिंट, रेडियो, टेलीविज़न के प्रसार और विकास में उनकी भूमिका को विश्लेषण भी किया गया है। पुस्तक में संचार के सिद्धांतों, मॉडल्स और उनकी समकालीन उपयोगिता का गहराई से विश्लेषण किया गया है। अरस्तू के मॉडल से लेकर गेटकीपिंग मॉडल तथा बुलेट सिद्धांत से लेकर प्रेस के सिद्धांतों तक, सभी महत्वपूर्ण मॉडलों और सिद्धांतों पर पर्याप्त सामग्री पुस्तक में मौजूद है। पुस्तक को सामयिक बनाने के लिए संचार के नये आयामों को भी पुस्तक में शामिल किया गया है। इसके तहत मल्टीमीडिया और इंटरनैट पर सामग्री दी गई है।
लेखक परिचय
सुस्मिता बाला सुस्मिता बाला विगत 16 वर्षों से पत्रकारिता शिक्षण से सक्रिय रूप से जुड़ी हैं। पत्रकारिता में संक्षिप्त समय गुजारने के बाद ही उन्होंने शिक्षण को अपना मुख्य कार्य बना लिया। उन्होंने पत्रकारिता और जन संचार की स्नातकोत्तर उपाधि महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ से प्राप्त की। पहले अग्रसेन कन्या पोस्ट ग्रेजुएट कालेज, वाराणसी और बाद में राजकीय पॉलिटेक्निक, गाजियाबाद में अध्यापन किया। वाई.एम.सी.ए. सेंटर फॉर मीडिया स्टडीज़ और अन्य संस्थानों से अतिथि प्रवक्ता के रूप में भी जुड़ी रहीं। सम्प्रति दिल्ली स्थित गुरु गोविन्द सिंह इन्द्रप्रस्थ विश्वविद्यालय से सम्बद्ध विवेकानन्द इंस्टीट्यूट ऑफ प्रोफेशनल स्टडीज़ के पत्रकारिता एवं जनसंचार स्कूल में प्रवक्ता के रूप में कार्यरत हैं। अध्यापक के रूप में संचार के सिद्धांत, पत्रकारिता का इतिहास और डिजाइन-ग्राफिक्स उनके प्रिय विषय हैं। विभिन्न संगोष्ठियों में सुश्री सुस्मिता के पेपर्स को काफी सराहना मिली है। संचार से सम्बन्धित पुस्तक "पत्रकारिताः विधाएं और आयाम" में उन्होंने योगदान किया है। 'आंचलिक पत्रकारिताः विविध आयाम' पुस्तक में भी लेखकीय सहयोग दिया है। अम्बरीष सक्सेना अम्बरीष सक्सेना विवेकानन्द इंस्टीट्यूट ऑफ प्रोफैशनल स्टडीज में निदेशक हैं। वह गुरु गोबिन्द सिंह इन्द्रप्रस्थ विश्वविद्यालय में बी.जे. एम.सी. तथा पी.जी.डी.इ.मी. के समन्वयक भी हैं।
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