दाक्षायणी: The Story of Shiva and Sati
Look Inside

दाक्षायणी: The Story of Shiva and Sati

$6.40
$8
(20% off)
Quantity
Ships in 1-3 days
Item Code: NZD264
Author: आर. वी. यस. सुंदरम (R. V.S. Sundaram)
Publisher: Tirumala Tirupati Devasthanams, Tirupati
Language: Hindi
Edition: 2014
Pages: 24
Cover: Paperback
Other Details 8.5 inch X 5.5 inch
Weight 30 gm

प्राक्कथन

बच्चों का हृदय सुमनों की भांति निर्मल होता हैं । उत्तम कपूर से बढ़ कर सुवासित उन के दिलों में बढिया संस्कार पैदा करना है। यदि उन में हम अच्छे सरकार डालते हैं तो चिर काल तक आदर्श जीवन बिताने के लिए सुस्थिर नीव पड जाती है। बचपन में संस्कार प्राप्त बच्चे भावी पीढियों के लिए समुचित मार्ग दर्शन कर सकते है । इसलिए हमारे इन होनहार बच्चों के लिए हमारी विरासत बने पौराणिक मूल्यों तथा इतिहास में निहित मानवता के मूल्यों का परिचय कराना अत्यंत आवश्यक हे ।

बिना लक्ष्य का जीवन निष्फल होता है । बच्चों को लक्ष्य की ओर प्रेरित कर उनके जीवन को राही मार्ग पर ले जाने की जिम्मेदारी बडी के ऊपर है। महान व्यक्तियों की आदर्शमय जीवनियों का परिचय करा कर उनमें प्रेरणा जगाने के उद्देश्य से श्रीनिवास बालभारती का शुभारंभ किया गया है ।

इरा योजना का मुख्य लक्ष्य नैतिक मूल्यों के माधुर्य के बच्चों तथा सर्वत्र फैलाने का है। हमें यह जानकर अत्यंत आनंद हो रहा है कि बच्चे तथा परिवार के सभी लोग इन पुस्तकों का स्वागत कर रहे है। इससे तिरुमल तिरुपति देवस्थानम् का मुख्य उद्देश्य कुछ हद तक सफल हो रहा

'श्रीनिवास बालभारती' की योजना तैयार करके उत्तम पुस्तकों का प्रकाशन करवा कर कम कीमत पर सब को उपलब्ध कराने का प्रयास, करनेवाले प्रो.एस.बी. रघुनाथाचार्य आभिनंदनीय है ।

इस प्रकाशन में सहयोग देनेवाले लेखकों तथा कलाकारों के प्रति मैं अपना धन्यवाद अर्पित करता हूँ ।

 

Add a review
Have A Question

For privacy concerns, please view our Privacy Policy

CATEGORIES