प्रस्तुत पुस्तक "बौद्ध धर्म एवं दार्शनिक स्थल" को पाँच अध्यायों में बांटा गया है। प्रथम अध्याय में बुद्ध की जीवनी का वर्णन है। जन्म, विवाह, विभिन्न ऋषियों द्वारा ज्ञान प्राप्ति से लेकर महाभिनिष्क्रमण एवं बोधि ज्ञान का वर्णन किया गया है। द्वितीय अध्याय में बौद्ध धर्म का इतिहास, विभिन्न संगीतियों विभिन्न सम्प्रदायों, विभिन्न शिष्य एवं प्रचारकों का वर्णन किया गया है। साथ ही बौद्ध धर्म एवं बंद का भी वर्णन किया है। उस समय के विभिन्न पाँ का भी इस भाग में वर्णन किया गया है। वहीं बौद्ध दर्शन में इनके प्रमुख सिद्धातों का वर्णन किया गया है। जैसे प्रतीत्य समुत्पाद, क्षणिकवाद, अनात्मवाद, अनीश्वरवाद, अष्टागिंकमार्ग, चार आर्यसत्य इत्यादि। तृतीय अध्याय में बौद्ध दार्शनिक स्थलों का वर्णन किया गया है। भारत के विभिन्न क्षेत्रों में बौद्ध धर्म से संबंधित स्तूप, गुफाएँ, चैत्य, विहार का वर्णन किया गया है। इसमें कुल स्थानों का वर्णन किया गया है। संकष्या, कौशाम्बी, लुम्बिनी, सारनाथ, चौखण्डी स्तूप, कुशीनगर, नालंदा, देउर कोठार, अजंता, एलोरा, श्रावस्ती इत्यादि स्थानों का विस्तृत वर्णन किया गया है। चतुर्थ अध्याय में बौद्ध धर्म आधारित कई कविताएँ लिखी गयी है। बुद्ध के क्षणिकवाद, महाभिनिष्क्रमण, अष्टांगिक मार्ग इत्यादि की घटनाओं तथा सिद्धांतों को कविता के रूप में लिखा गया है। सुजाता द्वारा खीर खिलाने, ज्ञानप्राप्ति को भी कविता के रुप में बड़े ही सुंदर ढंग से प्रस्तुत किया गया है। पंचम अध्याय में बुद्धकालीन समाज का वर्णन है। उस समय का धर्म एवं समाज कैसा था उसका वर्णन किया गया है। किनकी पूजा की जाती थी, सम्प्रदाय कौन सा था
डॉ० पुष्पांजलि जन्म तिथि 08/05/1989 पति- अरुण कुमार राजा पिता-मनोरंजन यादव तथा कामेश्वर यादव माता- केसर देवी तथा मानो देवी डॉ० पुष्पांजलि सहायक अध्यापिका के तौर पर बिरसा कॉलेज खूंटी, राँची विश्वविद्यालय में जनवरी 2018 से कार्यरत है। यह बी०एड०, एम०ए० इन एजुकेशन, एल०एल०बी०, करने के साथ-साथ एम०ए० (दर्शनशस्त्र) में गोल्ड मेडेलिस्ट रही हैं। इन्होंने कई राष्ट्रीय एवं अंर्तराष्ट्रीय जर्नल में अपनी लेख छपवाएँ है। जिसमें प्रमुख है "औरतों का सशक्तिकरण एवं स्वावलबंन", "लिंग असमानता के विभिन्न कारण एवं इनके नकारात्मक परिणाम तथा निदान" तथा "बौद्ध दर्शन" पश्चात्य दर्शन पर भी लेख लिखें। आपको कविताएँ, कहानी, उपन्यास, नाटक लिखना, शास्त्रीय नृत्य-संगीत के साथ-साथ खेल-कूद भी पसंद है। आप संवृद भारती वेलफेयर सोसाएटी एनजीओं से जुड़कर महिलाओं तथा बच्चों के बीच जीवन के प्रति सकारात्मक भावना जागृत करने की कोशिश करती है। आपका मन हमेशा देशसेवा के लिए आहलादित एवं प्रयासरत रहती है।
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