सब साधनों का सार: Essence of All Sadhana

सब साधनों का सार: Essence of All Sadhana

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Item Code: GPA114
Author: स्वामी रामसुखदास (Swami Ramsukhdas)
Publisher: Gita Press, Gorakhpur
Language: Sanskrit Text With Hindi Translation
Edition: 2011
ISBN: 9788129304919
Pages: 76
Cover: Paperback
Other Details 8.0 inch X 5.5 inch
Weight 76 gm

नम्र निवेदन

 

शीघ्र एवं सुगमतापूर्वक परमात्मतत्त्वकी प्राप्ति चाहनेवाले साधकोंका मार्गदर्शन करनेके लिये परमश्रद्धेय श्रीस्वामीजी महाराजकी पुस्तकोंका पारमार्थिक जगत्में विशेष स्थान है । इन पुस्तकोंसे पारमार्थिक जगत्में एक क्रान्तिकारी परिवर्तन आया है । कारण कि इनमें गुह्यतम आध्यात्मिक विषयोंको सीधे सरल ढंगसे प्रस्तुत किया गया है, जिससे साधक इधर उधर न भटककर सीधी राह पकड़ सके । प्रस्तुत पुस्तक 'सब साधनोंका सार' भी इसी तरहकी पुस्तक है, जो प्रत्येक मार्गके साधकके लिये अत्यन्त उपयोगी है । सार बात हाथ लग जाय तो फिर सब साधन सुगम हो जाते हैं । परन्तु साधकका उद्देश्य अनुभव करनेका होना चाहिये, कोरी बातें सीखने और दूसरोंको सुनानेका नहीं । सीखा हुआ ज्ञान अभिमान बढानेके सिवाय और कुछ काम नहीं आता । अत: पाठकोंसे नम्र निवेदन है कि वे अनुभवके उद्देश्यसे इस पुस्तकका गम्भीरतापूर्वक अध्ययन करें और लाभ उठायें ।

 

विषय सूची

1

सब साधनोंका सार

1

2

अपना किसे मानें

16

3

सब कुछ परमात्माका है

21

4

सच्ची बात

26

5

परमात्मप्राप्तिमें देरी क्यों?

33

6

कल्याणका निश्चित उपाय

38

7

अभ्याससे बोध नहीं होता

40

8

कोटि त्यक्त्वा हरि स्मरेत्

46

9

नित्य प्राप्त की प्राप्ति

42

10

अनेकता में एकता

56

11

रुपयों के सहारेसे हानि

60

12

मामेकं शरणं व्रज

65

 

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