Subscribe for Newsletters and Discounts
Be the first to receive our thoughtfully written
religious articles and product discounts.
Your interests (Optional)
This will help us make recommendations and send discounts and sale information at times.
By registering, you may receive account related information, our email newsletters and product updates, no more than twice a month. Please read our Privacy Policy for details.
.
By subscribing, you will receive our email newsletters and product updates, no more than twice a month. All emails will be sent by Exotic India using the email address info@exoticindia.com.

Please read our Privacy Policy for details.
|6
Sign In  |  Sign up
Your Cart (0)
Share our website with your friends.
Email this page to a friend
Books > Hindu > हिन्दी > गायत्री महिमा माधुरी: Gayatri Mahima Madhuri
Displaying 1 of 7399         Previous  |  NextSubscribe to our newsletter and discounts
गायत्री महिमा माधुरी: Gayatri Mahima Madhuri
गायत्री महिमा माधुरी: Gayatri Mahima Madhuri
Description

आभार

सर्वप्रथम मैं श्री गोपाल कृष्ण गोस्वामी के प्रति अपना आभार व्यक्त करता हूँ,जो पिछले अट्ठारह वर्षो से भारत में मेरे जीबी सी गुरु भाई तथा मित्र के रूप में मुझे उदारतापूर्वक प्रोत्साहन तथा समर्थन देते आए हैं । मैं हरि-भक्ति-विलास का अनुवाद करने के लिए तथा गायत्री मंत्रों के विषय में मेरे अनेकानेक प्रश्नों का उत्तर देने के लिए श्रीमान भानुस्वामी तथा श्रीमान गोपीपरणधन को धन्यवाद देता हूँ । मैं श्री भक्ति विद्यापूर्ण स्वामी का अत्यन्त ऋणी हूँ जिन्होंने अपने अमूल्य समय से घंटों निकाल कर इस विषय में मेरा ज्ञानवर्धन किया । मैं श्री रूप-रघुनाथ,श्री गोपाल चद्र घोष,तथा अन्य कईं गौड़ीय वैष्णवों एव संन्यासियों को हार्दिक धन्यवाद देता हूँ जिन्होंने नाना प्रकार से मेरी सहायता की ।

आवरण पृष्ठ की सुदर चित्र-रचना श्रीमान अंजन दास द्वारा की गई । मैं दामोदर दास एव व्रजमोहन दास का भी आभारी हूँ जिन्होंने इस पुस्तक की रचना में विभिन्न प्रकार से सहायता की । हम गंधर्विका-गिरिधारी से हार्दिक प्रार्थना करते हैं कि वे इन सब उत्कृष्ट भक्तों को राधा-गोविन्द प्रेम का वरदान दे ।

 

विषय-सूची

 

1

आमुख

xi

2

अध्याय एक दीक्षा तथा उपनयनम

1

3

तीन मार्ग

1

4

मंत्र

4

5

मंत्र शक्ति

8

6

उपनयनम

14

7

उपनयनम तथा गौड़ीय परम्परा

17

8

पंच संस्कार

19

9

दीक्षा

21

10

गुरु के गुण

22

11

सामान्य लक्षण

24

12

विशेष लक्षण

24

13

शिष्य के गुण

25

14

मंत्र दीक्षा हेतु उचित मुहूर्त्त

26

15

अध्याय दो ब्रह्म गायत्री

27

16

ब्रह्म-गायत्री का परिचय

27

17

ब्रह्म-गायत्री का उद्भव

30

18

ओंउम् का अर्थ

31

19

व्यहृतियों-भूर,भुवः,स्व: का अर्थ

35

20

तत् का अर्थ

36

21

सवितुर का अर्थ

36

22

वरेण्यम् का अर्थ

39

23

भर्गो का अर्थ

39

24

देवस्य का अर्थ

40

25

धीमहि का अर्थ

41

26

धियो यो न: का अर्थ

41

27

प्रचोदयात् का अर्थ

41

28

ब्रह्म-गायत्री मंत्र का अर्थ

41

29

सम्बन्ध,अभिधेय तथा प्रयोजन

45

30

ब्रह्म-गायत्री जप के लाभ

49

31

ब्रह्म-गायत्री तथा श्रीमद् भागवत

50

32

ब्रह्म-गायत्री तथा हरे कृष्ण महामंत्र

54

33

प्रभुपाद के गायत्री वृत्तान्त

64

34

अध्याय तीन उपवीत तथा जप के नियम

67

35

जनेऊ

67

36

उपवीत अमृत

70

37

मंत्र का अर्थ

71

38

मंत्र-जप की विधि

73

39

भूत-शुद्धि प्रार्थनाएँ

79

40

मंत्र-सिद्धि

81

41

जप हेतु उत्तम मुहूर्त्त

83

42

अध्याय चार गुरु गायत्री

87

43

गुरु के प्रति धारणा

87

44

ऐं का अर्थ

88

45

गुरु-मंत्र का अर्थ

90

46

गुरु-गायत्री शब्दार्थ

91

47

गुरु-गायत्री का अर्थ

91

48

अध्याय पांच गौर-गायत्री

95

49

गौर-मंत्र का अर्थ

95

50

गौर-गायत्री शब्दार्थ

97

51

गौर-गायत्री का अर्थ

98

52

अध्याय छ: गोपाल-मंत्र

99

53

परिचय तथा महत्त्व

99

54

गोपाल-मंत्र तथा सम्बन्ध

101

55

गोपाल-मंत्र - स्वरसिकी तथा मंत्र उपासना

103

56

गोपाल-मंत्र का उद्देश्य

105

57

क्लीं का अर्थ

107

58

कृष्णा का अर्थ

110

59

गोविन्दाय का अर्थ

110

60

गोपीजनवल्लभाय का अर्थ

112

61

स्वाहा का अर्थ

113

62

गोपाल-मंत्र शब्दार्थ

114

63

गोपाल-मंत्र का अर्थ

116

64

गोपाल-मंत्र जपने की विधि

118

65

गोपाल-मंत्र के लाभ

119

66

गोपाल-मंत्र तथा हरे कृष्ण का जप

120

67

चैतन्य महाप्रभु तथा गोपाल-मंत्र

122

68

अध्याय सात काम-गायत्री

123

69

परिचय

123

70

ब्रह्मा के ज्ञानोदय का इतिहास

124

71

भी वृंदावन धाम

134

72

ब्रह्माजी की ब्रह्म-संहिता प्रार्थनाएँ

136

73

ब्रह्मा जी के प्रबोधन का सारांश

139

74

क्लीं का अर्थ

139

75

कामदेवाय का अर्थ

142

76

विद्महे का अर्थ

144

77

पुष्प,बाणाय धीमहि का अर्थ

144

78

तन का अर्थ

145

79

अनंग का अर्थ

145

80

प्रचोदयात् का अर्थ

146

81

काम-गायत्री का अर्थ

146

82

क्लीं कामदेवाय विद्महे

148

83

पुष्प-बाणाय-धीमहि

149

84

तन नोऽनंग: प्रचोदयात्

149

85

काम-गायत्री के अतिरिक्त अर्थ

150

86

कृष्णचंद्र के चंद्र

151

87

काम-गायत्री के चिंतन

154

88

काम-गायत्री जप के लाभ

155

89

संदर्भ

159

 

 

 

 

 

 

गायत्री महिमा माधुरी: Gayatri Mahima Madhuri

Item Code:
NZA523
Cover:
Paperback
Edition:
2008
Language:
Sanskrit Text with Hindi Translation
Size:
8.5 inch X 5.5 inch
Pages:
170
Other Details:
Weight of the Book: 200 gms
Price:
$10.00   Shipping Free
Add to Wishlist
Send as e-card
Send as free online greeting card
गायत्री महिमा माधुरी: Gayatri Mahima Madhuri

Verify the characters on the left

From:
Edit     
You will be informed as and when your card is viewed. Please note that your card will be active in the system for 30 days.

Viewed 3950 times since 17th Jan, 2018

आभार

सर्वप्रथम मैं श्री गोपाल कृष्ण गोस्वामी के प्रति अपना आभार व्यक्त करता हूँ,जो पिछले अट्ठारह वर्षो से भारत में मेरे जीबी सी गुरु भाई तथा मित्र के रूप में मुझे उदारतापूर्वक प्रोत्साहन तथा समर्थन देते आए हैं । मैं हरि-भक्ति-विलास का अनुवाद करने के लिए तथा गायत्री मंत्रों के विषय में मेरे अनेकानेक प्रश्नों का उत्तर देने के लिए श्रीमान भानुस्वामी तथा श्रीमान गोपीपरणधन को धन्यवाद देता हूँ । मैं श्री भक्ति विद्यापूर्ण स्वामी का अत्यन्त ऋणी हूँ जिन्होंने अपने अमूल्य समय से घंटों निकाल कर इस विषय में मेरा ज्ञानवर्धन किया । मैं श्री रूप-रघुनाथ,श्री गोपाल चद्र घोष,तथा अन्य कईं गौड़ीय वैष्णवों एव संन्यासियों को हार्दिक धन्यवाद देता हूँ जिन्होंने नाना प्रकार से मेरी सहायता की ।

आवरण पृष्ठ की सुदर चित्र-रचना श्रीमान अंजन दास द्वारा की गई । मैं दामोदर दास एव व्रजमोहन दास का भी आभारी हूँ जिन्होंने इस पुस्तक की रचना में विभिन्न प्रकार से सहायता की । हम गंधर्विका-गिरिधारी से हार्दिक प्रार्थना करते हैं कि वे इन सब उत्कृष्ट भक्तों को राधा-गोविन्द प्रेम का वरदान दे ।

 

विषय-सूची

 

1

आमुख

xi

2

अध्याय एक दीक्षा तथा उपनयनम

1

3

तीन मार्ग

1

4

मंत्र

4

5

मंत्र शक्ति

8

6

उपनयनम

14

7

उपनयनम तथा गौड़ीय परम्परा

17

8

पंच संस्कार

19

9

दीक्षा

21

10

गुरु के गुण

22

11

सामान्य लक्षण

24

12

विशेष लक्षण

24

13

शिष्य के गुण

25

14

मंत्र दीक्षा हेतु उचित मुहूर्त्त

26

15

अध्याय दो ब्रह्म गायत्री

27

16

ब्रह्म-गायत्री का परिचय

27

17

ब्रह्म-गायत्री का उद्भव

30

18

ओंउम् का अर्थ

31

19

व्यहृतियों-भूर,भुवः,स्व: का अर्थ

35

20

तत् का अर्थ

36

21

सवितुर का अर्थ

36

22

वरेण्यम् का अर्थ

39

23

भर्गो का अर्थ

39

24

देवस्य का अर्थ

40

25

धीमहि का अर्थ

41

26

धियो यो न: का अर्थ

41

27

प्रचोदयात् का अर्थ

41

28

ब्रह्म-गायत्री मंत्र का अर्थ

41

29

सम्बन्ध,अभिधेय तथा प्रयोजन

45

30

ब्रह्म-गायत्री जप के लाभ

49

31

ब्रह्म-गायत्री तथा श्रीमद् भागवत

50

32

ब्रह्म-गायत्री तथा हरे कृष्ण महामंत्र

54

33

प्रभुपाद के गायत्री वृत्तान्त

64

34

अध्याय तीन उपवीत तथा जप के नियम

67

35

जनेऊ

67

36

उपवीत अमृत

70

37

मंत्र का अर्थ

71

38

मंत्र-जप की विधि

73

39

भूत-शुद्धि प्रार्थनाएँ

79

40

मंत्र-सिद्धि

81

41

जप हेतु उत्तम मुहूर्त्त

83

42

अध्याय चार गुरु गायत्री

87

43

गुरु के प्रति धारणा

87

44

ऐं का अर्थ

88

45

गुरु-मंत्र का अर्थ

90

46

गुरु-गायत्री शब्दार्थ

91

47

गुरु-गायत्री का अर्थ

91

48

अध्याय पांच गौर-गायत्री

95

49

गौर-मंत्र का अर्थ

95

50

गौर-गायत्री शब्दार्थ

97

51

गौर-गायत्री का अर्थ

98

52

अध्याय छ: गोपाल-मंत्र

99

53

परिचय तथा महत्त्व

99

54

गोपाल-मंत्र तथा सम्बन्ध

101

55

गोपाल-मंत्र - स्वरसिकी तथा मंत्र उपासना

103

56

गोपाल-मंत्र का उद्देश्य

105

57

क्लीं का अर्थ

107

58

कृष्णा का अर्थ

110

59

गोविन्दाय का अर्थ

110

60

गोपीजनवल्लभाय का अर्थ

112

61

स्वाहा का अर्थ

113

62

गोपाल-मंत्र शब्दार्थ

114

63

गोपाल-मंत्र का अर्थ

116

64

गोपाल-मंत्र जपने की विधि

118

65

गोपाल-मंत्र के लाभ

119

66

गोपाल-मंत्र तथा हरे कृष्ण का जप

120

67

चैतन्य महाप्रभु तथा गोपाल-मंत्र

122

68

अध्याय सात काम-गायत्री

123

69

परिचय

123

70

ब्रह्मा के ज्ञानोदय का इतिहास

124

71

भी वृंदावन धाम

134

72

ब्रह्माजी की ब्रह्म-संहिता प्रार्थनाएँ

136

73

ब्रह्मा जी के प्रबोधन का सारांश

139

74

क्लीं का अर्थ

139

75

कामदेवाय का अर्थ

142

76

विद्महे का अर्थ

144

77

पुष्प,बाणाय धीमहि का अर्थ

144

78

तन का अर्थ

145

79

अनंग का अर्थ

145

80

प्रचोदयात् का अर्थ

146

81

काम-गायत्री का अर्थ

146

82

क्लीं कामदेवाय विद्महे

148

83

पुष्प-बाणाय-धीमहि

149

84

तन नोऽनंग: प्रचोदयात्

149

85

काम-गायत्री के अतिरिक्त अर्थ

150

86

कृष्णचंद्र के चंद्र

151

87

काम-गायत्री के चिंतन

154

88

काम-गायत्री जप के लाभ

155

89

संदर्भ

159

 

 

 

 

 

 

Post a Comment
 
Post Review
Post a Query
For privacy concerns, please view our Privacy Policy

Based on your browsing history

Loading... Please wait

Related Items

Meaning of the Gayatri Mantra
Item Code: NZA048
$10.00
Add to Cart
Buy Now

Testimonials

Great service. Keep on helping the people
Armando, Australia
I bought DVs supposed to receive 55 in the set instead got 48 and was in bad condition appears used and dusty. I contacted the seller to return the product and the gave 100% credit with apologies. I am very grateful because I had bought and will continue to buy products here and have never received defective product until now. I bought paintings saris..etc and always pleased with my purchase until now. But I want to say a public thank you to whom it may concern for giving me the credit. Thank you. Navieta.
Navieta N Bhudu
I have no words to thank you and your company. I received the Saundarananda Maha Kavya that I have ordered from you few weeks ago. I hope to order any more books, if I will have a need. Thank you
Ven. Bopeththe, Sri Lanka
Thank you so much just received my order. Very very happy with the blouse and fast delivery also bindi was so pretty. I will sure order from you again.
Aneeta, Canada
Keep up the good work.
Harihar, Canada
I have bought Ganesh Bell in past and every visitors at my home has appreciated very much. You have quality product and good service. Keep it up with good business. This time I am buying Ganesh-Laxmi bells.
Kanu, USA
I am a long-time customer of Exotic India for gifts for me and friends and family. We are never disappointed. Your jewelry craftspeople are very skilled artists. You must treasure them. And we always look forward to the beautifully decorated boxes you use to ship your jewelry.
Diane, USA
I have always enjoyed browsing through the website. I was recently in south India, and was amazed to note that the bronze statues made in Kumbakonam and Thanjavur had similar pricing as Exotic India.
Heramba, USA
Thank you very much for your services. I ordered a Dhanvantari Deity from this site and it came quickly and in good condition. Now Sri Dhanvantari ji is worshipped regularly before seeing each client and in the offering of our medicinal products. Thanks again.
Max, USA
Thank you for shipping my 2 Books! Absolutli a great job in this short time, 3 working days from India to Switzerland it`s fantastic!!! You have won some new clients!
Ruedi, Switzerland
TRUSTe
Language:
Currency:
All rights reserved. Copyright 2018 © Exotic India