पुस्तक परिचय
तब क्या होता है जब कोई शिष्य अपने गुरु के जीवन के स्याह पक्ष को जान जाता है? तब क्या होता है जब कोई चोर अपने आचरण में सुधार ले आता है? पद्म भूषण से सम्मानित श्री एम की कहानियाँ हमसे मनुष्य की आत्मा में गहरे झाँकने का आग्रह करती हैं। इन कहानियों में इसकी झलक है कि इंसान के किसी ख़ास काम के पीछे क्या प्रेरणा होती है।
लेखक परिचय
श्री एम एक आध्यात्मिक गुरु, समाज सुधारक और शिक्षाविद हैं और सत्संग फाउंडेशन के प्रमुख हैं। उनका जन्म केरल के तिरुवनंतपुरम में हुआ। सन् 2011 में उन्होंने एप्रेंटिस्ड टु ए हिमालयन मास्टरः ए योगीज ऑटोबायोग्राफी नामका संस्मरण लिखा जो तत्काल बेस्टसेलर बन गया। उस संस्मरण का अगला भाग द जर्नी कंटिन्यूज़ के नाम से 2017 में प्रकाशित हुआ। उनका उपन्यास शून्य 2018 में प्रकाशित हुआ और वह एक नेशनल बेस्टसेलर है। उनकी हालिया किताब ऑन मेडिटेशनः फाइंडिंग इनफाइनाइट ब्लिस एंड पॉवर विदिन पेंगुइन इंडिया से प्रकाशित हुई है और उनकी सारी पुस्तकों का कई भारतीय भाषाओं में अनुवाद हो चुका है।
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