अद्भुत सन्त अद्भुतानन्द (भगवान श्रीरामकृष्णदेव के एक अन्तरंग पार्षद):  The Marvellous Sant Adbhutananda

अद्भुत सन्त अद्भुतानन्द (भगवान श्रीरामकृष्णदेव के एक अन्तरंग पार्षद): The Marvellous Sant Adbhutananda

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Item Code: HAA137
Author: श्री चन्द्रशेखर चट्टोपाध्याय: (Shri chandra Shekhar Chattopadhyaye
Publisher: Ramakrishna Math
Language: Hindi
Edition: 1991
Pages: 336
Cover: Paperback
Other Details: 8.5 inch X 5.5 inch
Weight 380 gm

प्रथम संस्करण की प्रस्तावना

 

'अद्भुत सन्त अद्भुतानन्द' यह नवीन पुस्तक हमें पाठकों के समक्ष रखते हुए बड़ी प्रसन्नता हो रही है । यह भगवान श्रीरामकृष्णदेव के एक अन्तरंग शिष्य लाटू महाराज के जीवन की स्मृतिकथा है । औपचारिक शिक्षा प्राप्त नही होने के बावजूद भी इनका विलक्षण जीवन देखकर, जो आध्यात्मिक अनुभूतियों से ओतप्रोत था, इनका संन्यास- नाम स्वामी अद्भतानन्द दिया गया था।

नाम के अनुरूप ही स्वामी अद्भतानन्द एक अद्भुत सन्त थे । उनका मन सदा ही अत्युच्च भावभूमि में विचरण किया करता था। त्याग एवं वैराग्य की वे सजीव मूर्ति थे । आध्यात्मिक साधना और तपस्या का जो आदर्श उन्होंने अपने जीवन के आधार पर संसार के सामने रखा है वह सभी के लिए प्रेरणादायी है । उनके सम्पर्क में रहते समय सामान्य व्यक्तियों का भी मन उच्च आध्यात्मिक स्तर पर चला जाता था। अति सरल एवं सुबोध भाषा में सामान्य वार्तालाप के रूप में उनके श्रीमुख से आध्यात्मिक जीवन के कई गूढ़ तत्व प्रकट होते थे । जिन भक्तों एवं साधकों को उनके सम्पर्क में रहने का सौभाग्य प्राप्त हुआ वे उनके द्वारा प्रभावित हुए बिना नहीं रह सके । ऐसे ही लोगों में एक सौभाग्यवान व्यक्ति थे श्री चन्द्रशेखर चट्टोपाध्याय, जिन्होने प्रस्तुत ग्रन्थ की रचना की है ।

इस पुस्तक से पाठकों को प्रत्यक्ष प्रेरणा प्राप्त होगी ऐसी हमारी आशा ही नही पूर्ण विश्वास है ।

 

अनुक्रमणिका

1

वंश परिचय

1

2

कलकत्ता आगमन

5

3

श्रीरामकृष्ण का आविर्भाव

9

4

दक्षिणेश्वर में परमहंस का प्रथम दर्शन

15

5

व्याकुलता और सेवास्पृहा

23

6

दक्षिणेश्वर में

30

7

शिक्षा

36

8

सेवा

45

9

दीक्षा एवं शिक्षा

49

10

सेवक जीवन

56

11

तपस्वी जीवन

110

12

साधक जीवन

134

13

ठाकुर की महासमाधि

150

14

वृन्दावन में

173

15

संन्यास और तपस्या

176

16

स्वामीजी के साथ भ्रमण

192

17

गंगातट पर तपस्या

209

18

बेलुड़ मठ और भक्तगृह में

220

19

बलराम मंदिर में

241

20

काशी में महाप्रस्थान

289

21

परिशिष्ट

322

 

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