लेखक परिचय
डॉ. मीनाक्षी स्वामी हिंदी की लब्ध प्रतिष्ठित कथाकार मीनाक्षी स्वामी बहुत ही शांत और निरुद्वेग ढंग से स्वयं को सृजन में एकाग्र रखे हुए हैं। सामाजिक सरोकारों को साहित्य से जोड़कर समाज में चेतना लाने के लिए सक्रिय मीनाक्षी स्वामी ने विविध विधाओं में विभिन्न वर्गों के लिए अड़तालीस पुस्तकें लिखी हैं। इनमें तीन उपन्यास, तीन कहानी संग्रह, एक किशोर उपन्यास, समाज विमर्श, बाल व किशोर साहित्य, सोद्देश्य साहित्य शामिल है। चर्चित कृतियाँ : भूभल, नतोहम्, सौ कोस मूमल (उपन्यास), लालाजी ने पकड़े कान (किशोर उपन्यास) अच्छा हुआ मुझे शकील से प्यार नहीं हुआ, धरती की डिबिया, संकलित कहानियाँ (कहानी संग्रह), अस्मिता की अग्निपरीक्षा, कटघरे में पीड़ित, बीज का सफर आदि। पाठ्यक्रम में : कहानी 'धरती की डिबिया' गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय, हरिद्वार के एम. ए. पाठ्यक्रम में और उपन्यास 'नतोहम्' अटलबिहारी हिंदी विश्वविद्यालय, भोपाल के बी. ए. के पाठ्यक्रम में। समग्र व्यक्तित्व और कृतित्व पूरे मध्यप्रदेश में बी.ए. प्रथम वर्ष हिंदी साहित्य के पाठ्यक्रम में। दो कहानियाँ 'कस्तूरी' और 'आउट ऑफ रेंज' मुंबई विश्वविद्यालय से सम्बद्ध खालसा व अन्य महाविद्यालयों के साथ कर्नाटक विश्वविद्यालय, धारवाड़ के पाठ्यक्रम में। आपके साहित्य पर देश के विश्वविद्यालयों में शोध कार्य। अन्तरराष्ट्रीय स्तर की शोध पत्रिकाओं में आपके साहित्य पर शोध पत्र प्रकाशित । सम्प्रति : इंदौर के शासकीय स्नातकोत्तर कॉलेज में प्रोफेसर और विभागाध्यक्ष ।
प्रकाशकीय
'कथामाला' श्रृंखला के अंतर्गत चुनिंदा कहानीकारों द्वारा स्वचयनित कहानियों का संचयन एवं उनका संपादन किया है। 'कथामाला' उद्यान के प्रथम पुष्प के रूप में चित्रा मुद्गल की कहानियों का संकलन प्रस्तुत किया जा चुका है। मीनाक्षी स्वामी के द्वारा 20 कहानियों का चयन स्वयं किया जा रहा है। 'कथामाला' संकलन मेरी ड्रीम प्रोजेक्ट कही जा सकती है और पहले की अन्य योजनाओं जैसे 'कवि के मन से', 'अंतर्राष्ट्रीय व्यंग्य संकलन', 'इंद न मम्' एवं 'यथावत' में विभिन्न विधाओं पर कार्य किया गया है किंतु 'कथामाला' एक वृहद योजना है। साक्षात्कारों के संकलन की परियोजना से बृहत एवं विस्तृत है। विभिन्न रूपों में रचनाओं का संकलन एवं संचयन प्रस्तुत किया जा रहा है। 'कथामाला' श्रृंखला के चुनिंदा कहानीकारों की चुनिंदा कथाओं को चयनित करके कहानीकार के द्वारा स्वयं प्रस्तुत किया जाता है। जिससे कहानीकार की कहानी से आत्मीयता स्पष्ट होती है। 'कथामाला' योजना का उद्देश्य है कि पाठकों को चुनिंदा साहित्यकारों की स्वयं चयनित श्रेष्ठ कहानियों का गुलदस्ता प्रस्तुत किया जाए। इस प्रकार एक में सात से ग्यारह कहानियाँ संकलित की गई हैं। प्रस्तुत पुस्तक अर्थात् मीनाक्षी स्वामी की कहानियों का यह संकलन 'कथामाला' की पुस्तक संख्या 46 के रूप में तैयार किया गया है। इस संकलन में उनकी 20 कहानियाँ हैं, जिनके शीर्षक इस प्रकार हैं- 1. मैं और मेरी कहानियाँ, 2. फव्वारे वाली लड़की, 3. कच्चे मन पर पक्के निशान, 4. बरगद का बूढ़ा पेड़, पंछी और सड़क, 5. कस्तूरी, 6. गुब्बारा, चाँद और रोटी, 7. आम आदमी, खास आदमी, 8. बूँदों का चमत्कार, 9. मीडिया ट्रायल, 10. कर्नाटक
Hindu (हिंदू धर्म) (14008)
Tantra (तन्त्र) (1038)
Vedas (वेद) (731)
Ayurveda (आयुर्वेद) (2137)
Chaukhamba | चौखंबा (3467)
Jyotish (ज्योतिष) (1630)
Yoga (योग) (1212)
Ramayana (रामायण) (1313)
Gita Press (गीता प्रेस) (716)
Sahitya (साहित्य) (25299)
History (इतिहास) (9362)
Philosophy (दर्शन) (3708)
Santvani (सन्त वाणी) (2600)
Vedanta (वेदांत) (120)
Send as free online greeting card
Email a Friend
Visual Search
Manage Wishlist