प्रस्तावना
वर्तमान समय में संचार प्रक्रिया में कई परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। प्रिंट मीडिया के विकास के साथ-साथ रेडियो, टेलीविजन के प्रचार-प्रसार में भी कई परिवर्तन महसूस किए जा सकते है। इंटरनेट का भारत में प्रारंभिक प्रयोग के साथ-साथ विभिन्न व्यवसायों, प्रोफेशनों के लिए प्रयोग किया जाने लगा। मीडिया में इंटरनेट के प्रयोग से नए मीडिया का जन्म हुआ जिसे न्यू मीडिया के नाम से जाना जाने लगा। न्यू मीडिया के आने से मानो संचार को पंख लग गए हों, क्योंकि मीडिया में अब कोई भौगोलिक परिधि नहीं रही। न्यू मीडिया में न केवल समाचार, सूचना एक क्लिक से पूरे विश्व में कहीं पर भी प्राप्त किया जा सकता है बल्कि उसकी फीडबैक भी तुरंत दर्ज की जा सकती है।
इंटरनेट पर आधारित न्यू मीडिया से ही ऑनलाइन पत्रकारिता का पार्दुभाव हुआ। साइबर मीडिया के इस आभासी वातावरण में प्रत्येक मीडिया जिनमें प्रिंट मीडिया, रेडियो व टेलीविजन को अपनी ऑनलाइन उपस्थित दर्ज करवाना अनिवार्य हो गया है। आज के परिदृश्य में कई ऐसी समाचार वेबसाइटें उपलब्ध हैं जो केवल वेब आधारित हैं जैसे- याहू न्यूज, गूगल न्यूज, द वायर आदि। सोशल मीडिया के द्वारा भी ऑनलाइन पत्रकारिता को बढ़ावा मिला है। वास्तव में ऑनलाइन मीडिया विशाल मात्रा में क्रमिक रूप से संग्रहित की गई इलेक्ट्रॉनिक सूचना है, जिसे उपयोगकर्ता बिना किसी विषय-वस्तु, मूल रचियिता, प्रिंट पैकेजिंग के बंधनों के अपनी आवश्यकता अनुसार किसी भी अनुक्रम और श्रेणियों में सहेज सकता है।
ऑनलाइन पत्रकारिता की विभिन्न विशेषताओं जिनमें हाइपरटेक्स्ट, मल्टीमीडिया स्वरूप, क्रियाशीलता के समावेश से इसे विभिन्न वर्ग के उपयोगकर्ताओं द्वारा निर्विवाद रूप से स्वीकार किया गया है। अधिकतर युवावर्ग समय के बंधन में न बंधकर किसी भी पल अपने स्मार्टफोन पर सूचना के प्रयोग करने को वरीयता देते हैं। इंटरनेट के दौर में साइबर स्पेस, साइबर संस्कृति व साइबर मीडिया जैसी नई आभासी दुनिया का निर्माण हुआ है। इस समय न केवल साइबर मीडिया के लिए कार्य करने वाले जर्नलिस्ट के दायित्व में बदलाव हुआ है बल्कि साइबर मीडिया के मार्ग में नई चुनौतियाँ भी उत्पन्न हुई हैं। आज का रिपोर्टर बहु-कुशलता, स्वयं संपादक, नेटवर्कड़, मॉडरेटर, जांचकर्ता, डिस्क जॉकी जैसी नई भूमिकाएं भी निभा रहा है।
ऑनलाइन पत्रकारिता के मार्ग में विभिन्न चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है जिनमें पत्रकारिता के नैतिक मूल्यों, कॉपीराइट, मानहानि तथा वेब के लिए बदलती लेखन शैली जैसी महत्वपूर्ण मुद्दे शामिल हैं। ऑनलाइन पत्रकारिता में नए उभरते स्वरूपों जिनमें कंप्यूटर आधारित पत्रकारिता, मोबाइल पत्रकारिता का समावेश हुआ है। इंटरनेट के बढ़ते यूजर के कारण सरकार का दायित्व भी बदला है। इंटरनेट के प्रयोग व डिजिटल सुरक्षा के लिए अभी तक केवल आई टी एक्ट 2000 ही कार्य कर रहा था। डिजिटल परिवेश में नई चुनौतियों जैसे चैट जीपीटी, एआई, डीपफेक, डिजिटल किडनैपिंग आदि से निपटने के लिए आईटी एक्ट 2000 काफी नहीं था। अतः भारत सरकार द्वारा इन नई चुनौतियों से निपटने के लिए वर्ष 2023 में डिजिटल इंडिया एक्ट 2023 का प्रस्ताव संसद में पेश किया गया है। नया डिजिटल इंडिया एक्ट 2023 के पास होने के पश्चात् यह वर्तमान में कार्य कर रहे आईटी एक्ट 2000 को पूर्ण रूप से बदल देगा। ऑनलाइन पत्रकारिता में डिजिटल मीडिया कन्वर्जेंस व अन्य नई एप्लीकेशन का प्रयोग हो रहा है। वेबसाइट के बैकग्रांउड की कार्यप्रणाली को जानना प्रत्येक संवाददाता के लिए अनिवार्य हो गया है जिससे वह ऑनलाइन पत्रकारिता के लिए सुचारू रूप से कार्य कर सके। अंततः, यह पुस्तक पत्रकारिता की पढ़ाई कर रहे विद्यार्थियों व ऑनलाइन पत्रकारिता में रूचि रखने वाले व्यक्तियों के लिए महत्वपूर्ण सहायक के रूप में लाभावित करेगी।
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