रारा (भारतीय साहित्य के निर्माता) - Rara (Makers of Indian Literature)

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Item Code: NZA295
Author: तक्कोलु माचि रेड्डी (Takkolu Machi Reddy)
Publisher: Sahitya Akademi, Delhi
Language: Hindi
Edition: 2013
ISBN: 9788126040247
Pages: 96
Cover: Paperback
Other Details 8.5 inch x 5.5 inch
Weight 140 gm
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पुस्तक के विषय में

रारा (राचमल्लु रामचंद्र रेड्डी : 1922 -1988) : आपका जन्म आंध प्रदेश के कडपा जिले के पैडियाळेम नामक गाँव में हुआ । पढ़ाई के दौरान आपने सत्याग्रह में भाग लिया और इसके चलते आपको गिंडी इंजीनियरिंग कॉलेज चेत्रै से निष्कासित कर दिया गया था । आपने एक राजनीतिक पाक्षिक पत्रिका सव्यसाची और एक प्रसिद्ध साहित्यिक त्रैमासिक पत्रिका संवेदना का संपादन किया । 1969 से 1975 तक आप प्रगति प्रकाशन, मास्को में तेलुगु अनुवादक रहे ।

बहुमुखी प्रतिभ-संपन्न रारा ने तेलुगु साहित्य की श्रीवृद्धि में महत् योगदान किया । आलोचना, अनुवाद, पत्रकारिता, कहानियाँ नाटक के माध्यम से उन्होंने तेलुगु साहित्य को नई ऊँचाइयाँ दीं । उन्होंने बालसाहित्य का भी सृजन किया । आप रूसी-तेलुगु कोश-निर्माण से भी संबद्ध रहे ।

श्रीश्री, कुटुंबराव, चलम् महीधर, राममोहन राव जैसे तेलुगु लेखकों का उनके द्वारा किया गया मूल्यांकन बेहद प्रामाणिक और समीचीन है । वे वाद-विवाद में भी अग्रणी थे । श्रीश्री ने उन्हें 'क्रूर आलोचक' कहा । लेकिन वे अपने निजी जीवन में बहुत स्नेहशील और सृजनात्मक साम्यवादी थे।

आपको अनुवाद समस्यालु पुस्तक के लिए 1988 का साहित्य अकादेमी पुरस्कार दिया गया । सारस्वत विवेचन नामक कृति के लिए आपको आद्य प्रदेश साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया ।

लेखक परिचय

तक्कोलु माचि रेड्डी : इस विनिबंध के मूल लेखक और हिंदी अनुवादक । हिंदी और तेलुगु की आधुनिक कविता में बिंब- विधानपर शोध । तेलुगु में एक निबंध- संग्रह तथा एक कविता-संग्रह प्रकाशित । साहित्य अकादेमी द्वारा प्रकाशित निराला और मुक्तिबोध विनिबंधों का तेलुगु में अनुवाद । श्रीश्री के कविता-संग्रह महाप्रस्थान का हिंदी अनुवाद । निराला विनिबंध के तेलुगु रूपांतरण को श्रेष्ठ अनुवाद के लिए तेलुगु विश्वविद्यालय का पुरस्कार । 2004 में आकाशवाणी से केंद्र निदेशक के रूप में सेवानिवृत्त ।

 

अनुक्रमणिका

1

प्रस्तावना

7

2

रारा का जीवन एक झाँकी

9

3

तरा के समकालीन समाज की स्थिति

21

4

रात की कहानियाँ

26

5

पत्रों में रारा

34

6

रात का भाव-जगत्

44

7

अनुवाद की समस्याएँ रारा के विचार

51

8

रारा का साहित्यिक संवेदन

65

9

आलोचक के रूप में रारा

69

10

निष्कर्ष

93

11

परिशिष्ट

95

 

 

 

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