श्री विनोद प्रकाश गोयल भास्तीय इंजीनियरिंग सेवा के अधिकारी और रक्षा मंत्रालय से कार्यरत रहे हैं। अपना इंजीनियरिंग, निर्माण और एयर कंडीशनिंग व्यवसाय स्थापित करने से पहले भारत और विदेश में वरिष्ठ प्रबंधकीय पदों पर कार्य किया। रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन में प्रमुख परियोजनाओं पर सलाहकार रहे। श्री वी.पी. गोयल आई.आई.टी. खरगपुर से एम.टेक हैं और बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय से मैकेनिकल इंजीनियरिंग आनर्स के स्नातक हैं। वर्ष 1999 और 2000 में ज्योतिष संस्थान, भारतीय विद्या भवन, नई दिल्ली में ज्योतिष अलंकार और ज्योतिष आचार्य के लिए स्वर्ण पदक से सम्मानित किया गया। वह 13 वर्षों तक बीवीबी में संकाय सदस्य रहे। श्री गोयल जी ने 27 पुस्तकें ज्योतिष पर लिखी है। 12 पुस्तकों का रशियन भाषा में अनुवाद किया गया है।
हिंदू ज्योतिष की मुख्य विशेषताएं हैं वर्ग कुंडलियाँ, दशाएं, और योग। यह पुस्तक वर्ग कुंडलियों से जुड़ी सभी जानकारियों के लिए एक संपूर्ण ज्ञान स्रोत है। इसमें पराशरी, जैमिनी, और उच्च वर्ग कुंडलियों पर विस्तार से चर्चा की गई है और व्यावहारिक उदाहरणों के साथ समझाया गया है। साथ ही वर्ग कुंडलियों के आपसी संबंधों को भी स्पष्ट किया गया है ताकि आप अपने परिवार और मित्रों के साथ संबंधों को समझ सकें।
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