यही सच है (Yehi Sach Hai)

यही सच है (Yehi Sach Hai)

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Item Code: NZA214
Author: मन्नू भंडारी
Publisher: राधाकृष्ण
Language: Hindi
Edition: 2017
ISBN: 9788183615310
Pages: 160
Cover: पेपरबैक
Other Details 8.5 inch x 5.5 inch
Weight 180 gm

यही सच है

कथा-साहित्य में अक्सर ही नारी का चित्रण पुरुष की आकांक्षाओं (दमित आकांक्षाओं) से प्रेरित होकर किया गया है। लेखकों ने या तो नारी की मूर्ति को अपनी कुंठाओं के अनुसार तोड़-मरोड़ दिया है, या अपनी कल्पना में अंकित एक स्वप्नमयी नारी को चित्रित किया है।

लेकिन मन्नू भंडारी की कहानियाँ सिर्फ इस लेखकीय चलन की काट करती हैं, बल्कि आधुनिक भारतीय नारी को एक नई छवि भी प्रदान करती हैं। मन्नूजी नारी  के आँचल को दूध और आँखों को व्यर्थ के पानी से भरा दिखाने में विश्वास हीं रखतीं। वे उसके जीवन-यथार्थ को उसी की दृष्टि से यथार्थ धरातल पर रचती हैं, लेकिन इस बात का भी ध्यान रखती हैं कि कहानियों का यथार्थ कहानी के कलात्मक संतुलन पर भारी पड़े। इससे मन्नूजी का कथा-संसार बहुत अपना और आत्मीय हो उठता है।

`यही सच है' मन्नू भंडारी की अनेक महत्त्वूपर्ण कहानियों का बहुचर्चित संग्रह है। स्मरणीय है कि `यही सच है' शीर्षक-कहानी को `रजनीगंधा' नामक फिल्म के रूप में फिल्माया गया था।

 

जीवन परिचय

मनू भंडारी

 

जन्म भानपुरा (मध्यप्रदेश) में 3 अप्रैल, सन् 1931 को । एम.ए. तक शिक्षा पाई ।लेखन-संस्कार पिता श्री सुखसम्पतराय भंडारी से पैतृक दाय में मिला । वर्षा दिलीविश्वविद्यालय के मिरांडा हाउस में हिन्दी प्राध्यापिका के रूप में कार्य किया । विक्रम विश्वविद्यालय, उज्जैन में प्रेमचंद सृजनपीठ की अध्यक्ष रहीं ।

कृतियाँ

उपन्यास: महाभोज, आपका बंटी, स्वामी, एक इंच मुस्कान (श्री राजेन्द्र यादव के साथ)कहानी एक प्लैट सैलाब, मैं हार गई, तीन निगाहों की एक तस्वीर, यही सच है, त्रिशंकु, । सम्पूर्ण कहानियाँ ।

आत्मकथा: एक कहानी यह भी

नाटक-एकांकी: महाभोज, बिना दीवारों के घरबात पुस्तकें आसमाता (उपन्यास); ऑखों देखा झूठ, कलवा (कहानी) ।

आवरण: देव प्रकाश चौधरी

 

चिकार व पत्रकार । देश की कई महत्वपूर्ण कला प्रदर्शनियों में हिस्सेदारी और पुरस्कृत ।कला आलोचना में सक्रिय । कई भाषाओं के लिए तीन सौ से ज्यादा किताबों और । पत के आवरण बनाए । फिल्मों के लिए लेखन । भारत सरकार के संकृति मंत्रालयसे फैलौशिप । सालों तक प्रिंट मीडिया में काम करने के बाद साल 2004 से टीवीपत्रकारिता में ।

 

अनुक्रम

 

1

क्षय

11

2

तीसरा आदम

29

3

सज्जा

61

4

नकली हीरे

77

5

नशा

92

6

इनकम टैक्स और नींद

100

7

रानी माँ का चबूतरा

121

8

यही सच है

134

 

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