पुस्तक परिचय
यह पुस्तक विज्ञान की नई खोजों और आविष्कारों को सरल और सटीक शब्दों के माध्यम से विद्यार्थियों तक पहुँचाने का एक प्रयास है। इस प्रयास के दो प्रमुख कारण हैं-पहला, विज्ञान को सरल भाषा में समझा जा सकेगा और दूसरा, विद्यार्थियों की विज्ञान के प्रति रुचि और अधिक बढ़ेगी। साथ ही, यह उन पाठकों के लिए विज्ञान के नए आयामों को जानने का एक सहज मार्ग है, जिनकी पृष्ठभूमि विज्ञान से नहीं है। जिज्ञासु मन को यह पुस्तक बिना किसी पूर्व ज्ञान के भी विज्ञान की दुनिया से जोड़ती है और सोचने-समझने का नया नजरिया देती है। सभी लेख लेखिका द्वारा लिखे गए हैं; कुछ लेख लेखिका ने अपने विद्यार्थियों के साथ भी लिखे हैं। ये सभी लेख विज्ञान जगत की प्रतिष्ठित पत्रिकाओं, जैसे साइंस रिपोर्टर, साइंटिफिक इंडिया और बायोटेक एक्सप्रेस में प्रकाशित हो चुके हैं। कुछ लेख मैत्रेयी कॉलेज की कॉलेज मैगजीन तथा जूलॉजी विभाग की पत्रिका इरिडिसेंस में भी प्रकाशित हुए थे। इनका हिंदी में अनुवाद करने के बाद इन्हें इस पुस्तक में एक सूत्र में बाँधा गया है। इस पुस्तक में विज्ञान की कई रोचक कहानियाँ सम्मिलित की गई हैं। मुख्य रूप से, पुस्तक को पाँच विभागों में बाँटा गया है-शिक्षा और शिक्षण नवाचार, विज्ञान जिज्ञासा और लोकप्रिय विज्ञान, कोशिका विज्ञान और नवाचार, विकास और आनुवंशिकी, माइक्रोबायोम और सूक्ष्मजीव साक्षरता । ये सभी क्षेत्र विज्ञान में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और इनके माध्यम से जीव विज्ञान के जटिल विषयों को अधिक बेहतर ढंग से समझा जा सकता है। ये लेख विज्ञान के विद्यार्थियों के लिए उपयोगी हैं, जो नई खोजों को रोचक तरीकों से प्रस्तुत करते हैं।
लेखक परिचय
डॉ. जसप्रीत कौर वर्तमान में दिल्ली विश्वविद्यालय के मैत्रेयी कॉलेज के प्राणीशास्त्र विभाग में सह-प्राध्यापक (Associate Professor) के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने प्राणीशास्त्र में स्नातक और परास्नातक की डिग्री दिल्ली विश्वविद्यालय से प्राप्त की। उन्होंने प्रोफेसर रूप लाल, एनएएसआई सीनियर साइंटिस्ट प्लेटिनम जुबली फैलो के मार्गदर्शन में पीएच.डी. पूरी की। उनका शोध प्रबंध (Doctoral Thesis) एक जीवाणु के जीनोम अनुक्रम के पद पसपवव विश्लेषण पर आधारित है, जिसमें जैव-सूचनाविज्ञान (Bioinformatics) उपकरणों का उपयोग किया गया। वे पिछले 15 वर्षों से प्राणीशास्त्र (Zoology Honours) और जीवन विज्ञान (Life Sciences) के स्नातक छात्रों को विकासवादी जीवविज्ञान (Evolutionary Biology) और जैव-सूचनाविज्ञान (Bioinformatics) विषय पढ़ा रही हैं। उन्होंने स्नातक छात्रों के लिए जैव-सूचनाविज्ञान पर एक प्रायोगिक पुस्तिका (Practical Manual) भी लिखी है। डॉ. कौर वैज्ञानिक लेखन में सक्रिय हैं और उनके खाते में अनेक शोध लेख (Research articles), समीक्षाएँ (Reviews), पुस्तकें, पुस्तक अध्याय, ई-अध्याय तथा विज्ञान पत्रिकाओं में लेख शामिल हैं। उन्होंने कई स्नातक छात्रों को विभिन्न शोध परियोजनाओं में मार्गदर्शन भी प्रदान किया है।
अनुवादक परिचय
'डॉ. अनीता देवी' वर्तमान में दिल्ली विश्वविद्यालय के मैत्रेयी कॉलेज के हिंदी विभाग में सहायक प्राध्यापक (Assistant Professor) के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने स्नातक और परास्नातक की डिग्री महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय, स्नातकोत्तर जनसंचार एवं मास मीडिया पाठ्यक्रम केंद्रीय हिंदी संस्थान दिल्ली से तथा स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम अंग्रेजी- हिंदी अनुवाद डिप्लोमा, एमफिल तथा पीएचडी की डिग्री दिल्ली विश्वविद्यालय से प्राप्त की। डॉ. अनीता के द्वारा लिखे गए कई शोध लेख (Research Articles), समीक्षाएँ (Reviews), पुस्तकें, पुस्तक-अध्याय, ई-अध्याय विभिन्न पुस्तकों एवं पत्रिकाओं में प्रकाशित हैं। उन्होंने कई स्नातक छात्रों को विभिन्न शोध परियोजनाओं में मार्गदर्शन भी प्रदान किया है। वर्तमान में उनके निर्देशन में दो छात्राएँ पीएच-डी कर रही हैं। कई पत्रिकाओं के संपादक मंडल की सदस्य भी हैं। पिछले 15 वर्षों से वे अनुवाद कार्य के क्षेत्र में सक्रिय रही हैं। दिल्ली विश्वविद्यालय की आरंभिक वेबसाइट, दिल्ली विश्वविद्यालय के विभिन्न महाविद्यालयों की वार्षिक रिपोर्ट, इंदिरा गांधी इंस्टिट्यूट ऑफ फिजिकल एजुकेशन एंड स्पोर्ट्स साइंसेज महाविद्यालय का प्रोस्पेक्टस, मैत्रेयी महाविद्यालय के प्रोस्पेक्टस तथा अन्य विभिन्न महत्वपूर्ण दस्तावेजों के अनुवाद कार्य में वे सम्मलित रही हैं।
आभार
यह पुस्तक एक सपना पूरा होने जैसा है। इस किताब को लिखने की प्रेरणा विज्ञान को समझने की जिज्ञासा थी, जिसके चलते मैंने प्रसिद्ध विज्ञान आर्टिकल्स लिखने शुरू किए। जब मैं अपनी डॉक्टरेट की पढ़ाई कर रही थी, तो हमें बहुत सारे शोध पत्र पढ़ने होते थे। उस समय, उन्हें ठीक से समझ पाना किसी चुनौती से कम नहीं होता था। मन में उस वक्त एक ही बात आती थी कि काश, इन्हें कोई सरल भाषा में समझा सके। यह बात मेरे अवचेतन मन में घर कर गई थी, और कॉलेज में छात्रों को पढ़ाते हुए और स्वयं पढ़ते हुए, मैंने लेख लिखना शुरू किए। पर सारे लेख अंग्रेजी में लिखे गए थे। सरल भाषा में विज्ञान समझना और समझाना तो ठीक है, पर अगर अपनी मातृभाषा में इसे समझा जाए, तो इससे बेहतर और क्या हो सकता है। अभी भी कई ऐसे छात्र हैं जो अंग्रेजी की जगह हिंदी में अनुवाद करना और पढ़ना पसंद करते हैं, और उन्हें अच्छे ढंग से समझ आता है। बस, यही मुख्य कारण था इस पुस्तक की संरचना के पीछे। और तो और, राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 में हिंदी भाषा को बढ़ावा देने के लिए ऐसे प्रयासों को सराहा जा रहा है। इस पुस्तक को पूरा करने में मैं अपनी प्रिय छात्रा-सुश्री वैष्णवी राजगोपालन का धन्यवाद करना चाहती हूँ, जिसने हिंदी में अनुवाद करने में हमारा सहयोग दिया। वह वर्तमान में दिल्ली विश्वविद्यालय से प्राणीशास्त्र में स्नातकोत्तर (मास्टर्स) की पढ़ाई कर रही है। अपनी छात्रा के साथ सहयोगी की तरह काम करके मुझे बहुत आनंद मिला। आखिर एक अध्यापक के लिए इससे अच्छी बात और क्या हो सकती है कि उसके छात्र उससे भी अधिक तरक्की करें और जीवन में आगे बढ़ें।
भूमिका
यह किताब एक प्रयास है विज्ञान की नयी खोजों और अविष्कारों को सरल और सटीक शब्दों द्वारा विद्यार्थियों तक पहुँचाने का। इस कोशिश के दो मुख्य कारण हैं-पहला यह की विज्ञान को सरल भाषा में समझा जाएगा और दूसरा, विद्यार्थियों की विज्ञान के प्रति रुचि और भी बढ़ेगी। सारे लेख लेखिका द्वारा लिखे गए हैं, कुछ लेख लेखिका ने अपने विद्यार्थी के साथ भी लिखे हैं। यह सारे लेख विज्ञान जगत की प्रतिष्ठित पत्रिकाएं जैसे की साइंस रिपोर्टर, साइंटिफिक इंडिया, बायोटेक एक्सप्रेस में छप चुके हैं। कुछ लेख मैत्रेयी कॉलेज की कॉलेज पत्रिका एवं जंतु प्राणी विभाग की पत्रिका इरिडिसेंस में भी छपे थे। इनका हिंदी में अनुवाद करने के बाद इन्हें इस किताब में एक सूत्र में बाँधा गया है। इस किताब में विज्ञान की कई रोचक कहानियां सम्मिलित की गयी हैं। मुख्य रूप से, किताब को 5 विभागों में बांटा गया है-शिक्षा और शिक्षण नवाचार, विज्ञान जिज्ञासा और लोकप्रिय विज्ञान, कोशिका विज्ञान और नवाचार, विकास और आनुवंशिकी, माइक्रोबायोम और सूक्ष्मजीव साक्षरता। ये सभी विज्ञान में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और इनसे जीव विज्ञान के जटिल विषयों के बारे में ज्यादा बेहतर रूप से समझा जा सकता है। ये लेख विज्ञान के विद्यार्थियों के लिए उपयुक्त हैं जो नयी खोज को रोचक तरीके से पेश करते हैं। हम आशा करते हैं की यह कोशिश विद्यार्थियों को पसंद आएगी और साथ ही वैज्ञानिकों और खोजकर्ताओं को भी हिंदी में विज्ञान लिखने और पड़ने के लिए प्रेरित करेगी। हम अपने पाठकों की प्रतिक्रियाओं का स्वागत करते हैं, ताकि हम आगे भी ऐसे प्रयासरत रहें।
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