प्रस्तावना
संगीत का मानव जीवन में अहम स्थान है। वर्तमान समय में संगीत एक ऐसा सशक्त माध्यम है, जो व्यक्ति को शारीरिक मानसिक रोगो व व्याधियो से मुक्ति प्रदान करता है। संगीत की तीनों धाराएँ (गायन, वादन व नृत्य) न केवल स्वर ताल और लय साधना है, अपितु एक यौगिक क्रिया है। इससे शरीर, मन और प्राण तीनों में शुद्धता और चैतन्यता आती है। संगीत केवल कानों को ही प्रिय नहीं लगता बल्कि हृदय को भी धौर्य तथा आनन्द देने वाला होता है। इसका वास्तविक और यथार्थ प्रभाव अनन्त होता है। इसके प्रभाव से अनेक संसारिक समस्याओं और मस्तिष्कीय परेशानियों से छुटकारा मिल जाता है।
संगीत की महत्ता पर अपने विचार व्यक्त करते हुए विश्व के "यशस्वी गायक एनरिक फारूसो" का कथन है कि "जब कभी संगीत की स्वर लहरियां मेरे कानो में गूँजतीं हैं तो मुझे ऐसा लगता है, कि मेरी आत्म चेतना का अदृश्य जीवन दायिनी सत्ता से सम्बन्ध हो गया है। मैं शरीर की पीड़ा भूल जाता हूँ, प्यास और निद्रा टूट जाती है, मन को विश्राम और शरीर को हल्कापन मिलता है। तभी मैं सोचा करता था. सृष्टि में संगीत से बढ़कर मानव जाति के लिए और कोई दूसरा वरदान नहीं है।
इस सृष्टि में सभी प्राणी, ग्रह, नक्षत्र, वृक्ष, वनस्पतियाँ सभी लय के वशीभूत हैं। यह लय वनस्पतियों में नियमित वृद्धि तथा प्राणियों में दिल की धड़कन के साथ सूर्य, चन्द्र आदि ग्रहों की अपनी धुरी पर नियमित परिभ्रमण के साथ-साथ समस्त विश्व ब्रह्माण्ड में संव्याप्त है। ग्रहों का सूर्य के इर्द-गिर्द घूमना, समुद्र में ज्वार-भाटा, प्राणियों के हृदय की धड़कनें, आदि इन सब में लय युक्त गति का नियमन पाया जाता है। योग साधना में इसे लय योग कहा जाता है। एक समान, एकबद्ध गति को संगीत में लय कहते हैं। वर्तमान समय में अधिकांश मनुष्यों ने अपना जीवन ऐसा कृत्रिम और प्रकृति विरुद्ध बना लिया है, जिससे वे लय युक्त गति से विचलित हो गए हैं, इसके फलस्वरूप तरह-तरह की परेशानियों, आधि-व्याधियों से त्रस्त रहते हैं। यदि मनुष्य प्राकृतिक एवं संगीतात्मक लय के अनुरूप अपनी दिनचर्या का पालन करे तो इन अनेकानेक समस्याओं से बच सकता है, और साथ-साथ आध्यात्मिक शक्तियों के अतिरिक्त आत्मबल, लोक सम्मान और दैवी अनुग्रह सहज ही प्राप्त कर सकता है। जिससे व्यक्तिगत जीवन, पारिवारिक जीवन, के साथ सामाजिक जीवन या यूँ कहें कि मनुष्य अपने जीवन की सफलता को प्राप्त कर सकता है। निःसंदेह विश्व संगीतमय है, यह मानव जीवन के लिए हितकारी सुख शांति प्रदान करने वाला है। संगीत मानव जीवन की प्रगति प्रेरणा और प्राण शक्ति है तथा संगीतात्मक लय का महत्व मानव जीवन के लिए उतना ही है। जितना अन्न और जल का।
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