लेखक श्री अब्दुल सुभान विगत 28 वर्षों से अध्ययन, अध्यापन एवं शोध कार्य करते आ रहे हैं। सन् 1980 से लेकर अब तक मांडर महाविद्यालय, मांडर (राँची विश्वविद्यालय की एक अंगीभूत इकाई) मे प्रधानाचार्य के पद पर कार्यरत हैं। प्रशासनिक पद पर रहते हुए भी अध्ययन, अध्यापन एवं लेखन में इनकी गहरी रूचि है, जिसके परिणामस्वरूप है इनकी यह कृति हमें उपलब्ध हो सकी है।
प्रस्तुत पुस्तक, इन्टरमीडिएट एवं स्नातक स्तर के छात्राओं को समाज मनोविज्ञान की प्रारंभिक विषय वस्तुओं से अवगत कराने के उद्देश्य से लिखी गयी है। यह पुस्तक न केवल मनोविज्ञान विषय के छात्र-छात्राओं के लिए अधिक उपयोगी होगी अपितु समाजशास्त्र विषय के पाठक भी पूर्णरूप से लाभान्वित होंगे, यह मेरी आशा है। भाषा सम्बन्धी जटिलता से भी बचने का पुरा प्रयास किया गया है। सरल, सुगम तथा सुबोध भाषा में विषय-वस्तुओं का प्रस्तुतीकरण इस पुस्तक की विशिष्ट विशेषता है। अपने अनुभवों का पूर्ण उपयोग करते हुए तत्वों एवं सिद्धान्तों की प्रस्तुति लेखक द्वारा की गयी है।
Hindu (हिंदू धर्म) (14058)
Tantra (तन्त्र) (1053)
Vedas (वेद) (733)
Ayurveda (आयुर्वेद) (2141)
Chaukhamba | चौखंबा (3456)
Jyotish (ज्योतिष) (1637)
Yoga (योग) (1212)
Ramayana (रामायण) (1310)
Gita Press (गीता प्रेस) (714)
Sahitya (साहित्य) (25445)
History (इतिहास) (9399)
Philosophy (दर्शन) (3722)
Santvani (सन्त वाणी) (2599)
Vedanta (वेदांत) (120)
Send as free online greeting card
Email a Friend
Visual Search
Manage Wishlist