लेखक परिचय
नाम किशोर दिवसे पुस्तकें प्रकाशित (भाषांतर और संकलन) 1. विज्ञान का इतिहास - पी.एन. जोशी, विज्ञान उद्भव आणि विकास (मराठी-हिंदी). 2. महान विप्लव क्रिस्टोफरहिब्बर्ट-इन्डियन म्यूटिनी-1857 (अंग्रेजी-हिंदी). 3. देवदासी उत्तम काम्बले मराठी-हिंदी) 4. माँ उत्तम कांबले (मराठी-हिंदी).. 5. हिन्दू संस्कृति और स्त्री-आ. ह. साळुंखे हिन्दू संस्कृति आणि स्त्री (मराठी हिंदी). 6. साझा विरासत- डॉ. अजीत जावेद (मूल अंग्रेजी- हेरिटेज आफ हार्मोनी) सभी अनुवाद- प्रकाशक- आलोक श्रीवास्तव, संवाद प्रकाशन 1-499 शास्त्री नगर, मेरठ. ( MOBILE-09610584000)7. कथा लोक छत्तीसगढ़ 8. यूरोप की लोक कथाएं दोनों यश प्रकाशन दिल्ली संपर्क 09971017191/09910561560.9. श्याम की माँ लेखक साने गुरूजी मूल मराठी पुस्तक - "श्याम ची आई " (मराठी - हिंदी), वैशाली प्रकाशन, नासिक / पुणे, प्रो. विलास पोतदार (मोबाइल 7972838827/9890933790). धर्मग्रन्थ आणि मनुष्य (मराठी-10." मनुष्य और धर्मग्रंथ लेखक राव कसबे मूल मराठी पुस्तक हिंदी). प्रकाशक -आलोक श्रीवास्तव, संवाद प्रकाशन 1-499 शास्त्री नगर, मेरठ, (MOBILE- 09610584000) संप्रति - महाराष्ट्र न्यूज सातारा में रेसीडेंट एडीटर, फ्री लान्सिग पत्र पत्रिकाओं, सोशल साइट्स एवं अंतरजाल पत्रिकाओं में निरंतर लेखन। अनुवाद, बायोग्राफी में विशेष रुझान। पत्रकारिता का सफर 1. युगधर्म रायपुर, छत्तीसगढ़ (1979-1982) 2 नवभारत, रायपुर व ब्मदजतंस बेतवदपबसम, म्दहसपी (1982-1984).3 कुछ माह (1983 टाटानगर के उदितवाणी समाचार पत्र में कार्य 4. नवभारत बिलासपुर (1984-2016) नवभारत बिलासपुर, छत्तीसगढ में संस्थापक सह संपादक तथा पृथक रूप से परियोजना निर्माण. में तीन दशक तक रहने के पश्चात् सेवानिवृत्त।
अपनी-बात
भूत नहीं होते... नहीं... नहीं... भूत होते हैं... शाश्वत विरोधाभास सदियों से चला आ रहा है। भूत... क्या देश, क्या विदेश, सभी जगह समान दखल रखते हैं। बिल्कुल जरूरी नहीं कि इस मसले पर चर्चा में शामिल व्यक्ति अनपढ़ हैं या विद्वान! लिहाजा इसे अपने-अपने विश्वास का मुद्दा माना जाना चाहिए ऐसा मुझे लगता है। जो भी हो भूतों की दुनियां जितनी लोकप्रिय इंसानों में है उतनी तो शायद भूतों के बीच भी नहीं होंगी! रहा सवाल भूत कथाओं का वे समूची दुनिया के कोने-कोने में प्रचलित हैं। भरोसा नहीं होता मेरी बात पर? चलिए कुछ पल लौट जाइए अपने बचपन में। गोद में थप्पी देकर कहानी सुनाकर आपको सुलाया जा रहा था और आप सो नहीं रहे थे तब डराने वाली कहानी में कौन था-भूत! है न? अमूमन हर बच्चा-बूढा तक परिचित है भूत शब्द से। परंपरागत विश्वास और कल्पना के अंतर्गत भूत को बरतानवी या अमेरिकी अंग्रेजी में Spectre या Phantom कहते हैं। यह मृत इंसान या पशु की आत्मा होती है जो दृश्य या आभासी रूप में जीवितों को दिखाई दे सकती है। भूत/प्रेत छाया अदृश्य रूप से अर्द्ध पारदर्शी या कुहासेनुमा भी हो सकती है। किसी मृत व्यक्ति की आत्मा से संपर्क को Necromancy या Spiritis कहा जाता है। अनेक संस्कृतियों में पाक और नापाक रूहों का जिक्र है। पूर्वजों की आत्माओं की पूजा का जहां विधान हे वहीं बीमारियों से मरने के बाद भूत बनने और उपद्रवी भूतों का भी हवाला मिलता है। यह भी माना जाता है कि पूर्वज-आत्माओं से जुड़े कर्म-कांड उनके कोप से बचने किये जाते हैं। वे अतृप्त भी होते हैं लिहाजा इनकी वापसी रोकना सुनिश्चित करने अनेकानेक उपक्रम किये जाते हैं।
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