लेखक परिचय
शरत्चंद्र चट्टोपाध्याय (1876-1936) भारतीय नारी को समग्र रूप से उजागर करने वाले थे शरत्। यही विशेषता उन्हें देश के अन्य साहित्यकारों से अलग करती है। बचपन में झेले कटु सत्य को इस अमर साहित्यकार ने सहज रूप में अपने शब्दों में बांधा है। सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक समस्याओं का ताना-बाना बुनते समय इनके उपन्यासों का कोई भी कथानक रूमानियत से अछूता नहीं रहता। गठे कथानक और सहज भाषा के कारण ही, जब 1907 में 'बड़ी दीदी' का प्रकाशन धारावाहिक रूप में हुआ, तब पाठकों में जिज्ञासा जागी कि इसका लेखक कौन है ? शरत् का नाम इसमें नहीं छपा था। रचनाओं में विविधता ने ही इस घुमक्कड़ 'आवारा मसीहा' को सभी सीमाओं से परे का, पहले दरजे का कथाकार बना दिया है।
Hindu (हिंदू धर्म) (13842)
Tantra (तन्त्र) (1021)
Vedas (वेद) (738)
Ayurveda (आयुर्वेद) (2111)
Chaukhamba | चौखंबा (3226)
Jyotish (ज्योतिष) (1615)
Yoga (योग) (1178)
Ramayana (रामायण) (1319)
Gita Press (गीता प्रेस) (721)
Sahitya (साहित्य) (24990)
History (इतिहास) (9169)
Philosophy (दर्शन) (3661)
Santvani (सन्त वाणी) (2604)
Vedanta (वेदांत) (120)
Send as free online greeting card
Email a Friend
Visual Search
Manage Wishlist