Kathamala -45
प्रेम जनमेजय 18 मार्च को प्रेम जनमेजय का जन्म इलाहाबाद में हुआ। प्रेम प्रकाश कुंद्रा घर का नाम। लेखन जगत में प्रेम जनमेजय आज एक अनिवार्य हस्ताक्षर है, जिसने व्यंग्ययात्रा पत्रिका के माध्यम से न केवल नए रचनाकारों को मंच उपलब्ध करवाया अपितु उन्हें मुख्य मार्ग से भी परिचित करवाया। व्यंग्य एवं साहित्यिक पत्रकारिता के अनेक महत्वपूर्ण सम्मानों से सम्मानित प्रेम जनमेजय का वर्तमान दौर की सर्वाधिक चर्चित व्यंग्य विधा के संवर्धन एवं सृजन के क्षेत्र में विशिष्ट स्थान है। इन्होंने दो दशक से 'व्यंग्य यात्रा' के सम्पादन द्वारा व्यंग्य विमर्श का एक सुदृढ़ मंच तैयार किया है। हिंदी व्यंग्य का विश्वविद्यालय कहे जाने वाले प्रेम जनमेजय की चर्चा के बिना हिंदी व्यंग्य पर बातचीत अधूरी है। इनके लिखे व्यंग्य नाटकों को अपार ख्याति मिली है। मुम्बई, गुजरात आदि विश्विद्यालयों के पाठ्यक्रम में इनकी रचनाएँ सम्मिलित हुई हैं। राजधानी में गँवार 'से आरम्भ हुआ व्यंग्य लेखन आज भी सक्रिय है। अब तक 13 व्यंग्य संकलन, 3 व्यंग्य नाटक, 2 संस्मरणात्मक कृतियों, 1 काव्य संकलन एवं एक दर्जन संपादित कृतियां प्रकाशित। व्यंग्य नाटक 'सीता अपहरण केस' विशेष चर्चित राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय अनेक सम्मानों से सम्मानित ।
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